Women health tips : क्या है ऐसी 6 आदतें जो महिलाएं अक्सर नजरअंदाज करती है

महिलाओं के लिए स्वस्थ रहने की अच्छी आदतें (Best tips for women health in hindi)

Health tips for women महिलाओं की सेहत से जुड़ी हेल्दी टिप्स Women health tips जिनको अपनाकर बढ़ती उम्र के नुकसान से बच सकती है Tips for women health

शरीर में रोगों के लक्षण प्रकट होने पर उनका इलाज करवाने से अच्छा है कि पहले ही उन बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरती जाए। इसके लिए अपने नियमित खानपान और दिनचर्या में कुछ सामान्य से बदलाव करने से महिलाओं में होने वाली इन छह बीमारियों को होने से रोका जा सकता है या इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। यहां दी गई जानकारियां Tips for Women health आपको समय से पहले जागरूक करने के लिए है इसलिए इन पर अमल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसलिए जानिए  Women health tips जिनको जीवन में अपनाकर स्वस्थ रह सके women health tips in hindi

Women health tips in hindi / महिलाओं के लिए हेल्थ टिप्स

महिलाएं (Females) अक्सर त्वचा बालों और बढ़ते वजन (Weight gain) को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित रहती है। लेकिन महिलाओं की हेल्थ से जुड़ी कुछ ऐसी बातें (Women health tips) भी है जिन पर अधिक ध्यान नहीं देती, जबकि इन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती है। मन की सेहत और बाहरी सौन्दर्य की तरह ही शरीर की सेहत का भी ख्याल रखना आवश्यक है वैसे ही शरीर के बाहरी अंगों के साथ भीतरी अंगों पर ध्यान तभी जाएगा जब खुद पर फोकस किया जाएगा।

इसके लिए आपको अच्छा खानपान, योग-व्यायाम, पर्याप्त नींद और मुस्कराहट को जीवन का हिस्सा बनाकर भविष्य में आने वाली बीमारियों की सम्भावना को कम करने के प्रति सजग होना होगा शरीर के बाहरी अंगों पर ध्यान देने के साथ साथ अंदरूनी हिस्सों पर विशेष महत्व देने और उनको गतिशील बनाये रखने की आवश्यकता होती है। इसके लिए कुछ टिप्स (Women health tips) है जिनको अपनाना जरूरी है

महिलाओं के लिए हेल्दी रहने के घरेलू उपाय (Tips for women health in hindi)

Women health tips

हार्मोनल स्वास्थ्य (Hormonal balance for women health tips)

महिलाओं में सामान्यतया मासिक चक्र के साथ-साथ हार्मोन्स का उतार चढ़ाव भी एक स्वभाविक प्रक्रिया होती है। मोटापा व डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण इंसुलिन व थायराइड हार्मोन्स के स्राव में कमी होता है। कई अन्य हार्मोन्स का असंतुलन होना लेडीज में पीसीओएस या इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। नियमित उचित व सही खानपान व दिनचर्या इस समस्या से राहत पाने का सबसे अच्छा उपाय है।

इस समस्या से बचने के लिए कम वसा वाले पौष्टिक आहार का नियमित सेवन करना फायदेमंद होता है। इसके साथ ही नियमित सुबह की सैर व 20 से 25 मिनट साधारण व्यायाम व योग करना भी लाभकारी होता है। हमेशा रात को सोने से कम से कम 2 घंटे पहले भोजन करना चाहिए  तथा जंक फूड, फास्ट फूड, मैदा, चावल, चीनी जैसे पदार्थों (Four white foods) का कम से कम सेवन करें।

इसके अलावा हमेशा ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, जैतून का तेल आदि का उपयोग भी नियमित करने की आदत डालें तथा भरपूर नींद लें क्योंकि नींद की कमी के कारण की ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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गैस्ट्रिक समस्याएं (Gastric problem for women health tips)

महिलाओं के अधिक चटपटा, मसालेदार व तला भुना  खाने से तथा अधिकतर समय एक जगह बैठे रहने के कारण पेट की समस्या जैसे गैस, एसिडिटी, बदहजमी, कब्ज, अपच आदि होना आम बात होती है। ज्यादातर महिलाओं में उपवास यानी व्रत वगैरह रखने के कारण या अधिक समय तक भूखा रहना और बाद में एकदम से भरपूर भोजन करना भी शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। क्योंकि यह गैस्ट्रिक समस्या का सबसे बड़ा कारण है।

इस समस्या से बचने के लिए हमेशा समय पर भोजन करना चाहिए तथा भोजन के पश्चात टहलना भी आवश्यक होता है। नियमित भोजन में कच्चे सलाद का सेवन भी गैस्ट्रिक समस्या से छुटकारा दिलाने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सुबह के भोजन में दही, छाछ, जूस, लस्सी जैसे आसानी से पचने वाले तथा ठंडी तासीर के पदार्थों का सेवन करना लाभदायक होता है।

उपवास के दिन या व्रत खोलते समय भी पौष्टिक व हल्के सुपाच्य आहार का सेवन करना चाहिए। गैस या एसिडिटी से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी या पेय पदार्थों (Liquid items) का सेवन करना लाभकारी होता है।

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हड्डियों का स्वास्थ्य (Bone health for women health tips)

महिलाओं के लिए हड्डियों की सेहत की अनदेखी करना भी नुकसानदेह हो सकता है। क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ साथ हड्डियों के घनत्व पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। महिलाओं में बार-बार गर्भाधान से विटामिन डी एवं कैल्शियम की कमी होना आम बात होती है। इसके कारण अक्सर महिलाओं को रीड की हड्डी के निचले हिस्से में या कमर में दर्द की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज वाली महिलाओं में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।

बोन हेल्थ के लिए कैल्शियम व विटामिन डी की शरीर में पूर्ति रखना बहुत जरूरी होता है। इसलिए नियमित सुबह के समय सूर्य के सामने कम से कम 25 से 30 मिनट अवश्य बैठना चाहिए।

इसके अलावा दूध, पनीर, सोयाबीन, दूध से बने पदार्थ जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य या पेय पदार्थों का भी पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए।  मेनोपॉज के बाद ड्राई फ्रूट्स, अलसी के बीज, कड़ी पत्ता, सोयाबीन, अंकुरित अनाज जैसी चीजों का सेवन करना हड्डियों के साथ साथ सम्पूर्ण शरीर के लिए भी फायदेमंद होता है।

मौखिक स्वास्थ्य (Oral health for women health tips)

ज्यादातर महिलाएं अक्सर अपना पूरा ध्यान केवल होठों पर ही देती है। किंतु मौखिक स्वास्थ्य जैसे दांतों, मसूड़ों, जीभ आदि पर अधिक ध्यान नहीं देती। मुंह के स्वास्थ्य में पायरिया, दांत व जाड़ दर्द तथा मुंह की दुर्गंध से बचने के लिए सुबह शाम दोनों समय ब्रश अवश्य करना चाहिए। दांतों को साफ करने के साथ मसूड़ों पर भी विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

इसके साथ ही विटामिन सी का पर्याप्त मात्रा में सेवन मसूड़ों को स्वस्थ रखने के साथ साथ बैक्टीरिया को भी पनपने से भी रोकता है। अधिक मीठा, खट्टा तथा ठंडा व गर्म खाने के कारण होने वाली सेंसटिविटी डेंटल प्रॉब्लम के शुरुआती लक्षण होते हैं।

मुंह को साफ रखने या मुंह के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए कैल्शियम व विटामिन सी युक्त खट्टे फलों का सेवन करना लाभकारी होता है। इनसे मसूड़ों व दांतों की साफ सफाई और वर्जिश होती है तथा जबड़ा भी मजबूत होता है। जिसके कारण दांत, जाड़ व मसूड़े मजबूत होते है। तथा मुंह में बैक्टीरिया पनपने की समस्या से छुटकारा मिलता है।

नियमित पर्याप्त मात्रा में पानी व लिक्विड पेय पदार्थों का सेवन करना भी मौखिक स्वच्छता के लिए जरूरी और फायदेमंद होता है।

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मेंस्ट्रुअल हाईनीज (Menstrual hygiene tips for women health)

माहवारी के समय हमेशा उच्च क्वालिटी के सैनिटरी नैपकिंस का प्रयोग करना चाहिए तथा टीनएज बच्चियों को भी इसके बारे में बताना चाहिए। क्योंकि टीनएजर्स को माहवारी व जीवन में इस बदलाव के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती है। और न ही उनके पास इसके बारे में कोई अनुभव या इसका समाधान होता है।

ऐसे में मां का ही कर्तव्य बनता है कि बच्चियों को किशोरावस्था में इसके बारे में विस्तार से बताएं साथ ही किसी युवा स्त्री रोग विशेषज्ञ से भी परामर्श करवाएं ताकि टीनएज लड़कियों को इससे जुड़े प्रश्नों का सही उत्तर व समाधान मिल सके।

कई बार किशोरावस्था में बच्चियों के पास कुछ ऐसे प्रश्न हो सकते है जिनके बारे में वह अपनी मां से पूछने या  शायद अपनी मां के साथ शेयर करने में झिझकती हो।

इसलिए मां का फर्ज बनता है कि अपनी बिटिया को महिला डॉक्टर से एकांत में बातचीत करने का अवसर दें। ताकि वह जो बात अपनी मां या परिवार में किसी से शेयर करने में शर्माती या झिझकती हो वह इन समस्याओं के बारे में डॉक्टर से डिस्कस कर सके जिससे उसे सही गाइड और सभी प्रश्नों का उत्तर आसानी से मिल सके।

Women health tips

पोषक तत्व (nutrition for women health tips)

युवतियां, वयस्क स्त्रियां या उम्रदराज महिलाएं सबके लिए इन तीन तत्वों की शरीर में कमी काफी बड़ी समस्या पैदा कर सकती है। यह तीन तत्व है प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन। महिलाओं में इन तत्वों की कमी प्रत्यक्ष रूप से भले ही दिखाई ना दे किंतु इनकी कमी शरीर के लिए परेशानी का सबब बन सकती है इसलिए इनकी शरीर में पूर्ति रखना महिलाओं के लिए बहुत आवश्यक होता है।

इन तत्वों की बॉडी में पूर्ति करने के लिए अपने नियमित भोजन में कुछ पदार्थों को शामिल करने की जरूरत होती है। जैसे

प्रोटीन की पूर्ति के लिए दोनों समय के भोजन में एक एक कटोरी दाल अवश्य खाएं तथा इसके साथ ही एक मुठी चने या मूंगफली व सीड्स का सेवन करना भी इसकी पूर्ति के लिए लाभदायक होता है।

शरीर में कैल्शियम की पूर्ति करने के लिए सभी को प्रतिदिन 300 मिलीलीटर दूध अवश्य पीना चाहिए तथा रोज 8 से 10 पीस भीगे हुए बादाम व दो चम्मच तिल का सेवन करना भी शरीर में कैल्शियम की पूर्ति करने के लिए फायदेमंद होता है।

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इसके अलावा शरीर में आयरन की पूर्ति करने के लिए सुबह के समय रोज अंकुरित अनाज का सेवन करना तथा नियमित 10 से 12 पीस किशमिश या मुनक्के का सेवन करना लाभदायक होता है। इसके अलावा बॉडी में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए नियमित भोजन में गुड़ व शक्कर का प्रयोग करना लाभकारी होता है क्योंकि शक्कर व गुड़ भी आयरन का अच्छा स्रोत होते है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस लेख में हमने जाना Women health tips जिनको जीवन में अपनाकर स्वस्थ रह सके तथा क्या है ऐसी 6 आदतें जो महिलाएं अक्सर नजरअंदाज करती है तथा महिलाओं को स्वस्थ रहने के लिए क्या उपाय करने (Tips for women health) और किन आदतों से छुटकारा पाने की आवश्यकता होती है।

यह आर्टिकल महिलाओं की सेहत से जुड़ी हेल्दी टिप्स यानि women health tips आपको कैसा लगा और इसके बारे में आपके कोई भी सुझाव या सवाल हो तो आप कॉमेंट में लिख सकते हैं तथा लेख को शेयर जरूर करें।

-: लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद :-

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