जानिए मंकीपॉक्स वायरस क्या है व लक्षण और बचाव कैसे करें

Monkeypox kya hai 

निरोगी हेल्थ

मंकीपॉक्स वायरस सबसे पहले बंदरों से फैलने के कारण ही इसका नाम मंकीपॉक्स वायरस रखा गया था। मंकीपॉक्स वायरस चेचक की तरह फैलता है। यह वायरस जानवरों से मनुष्य में तथा उसके बाद संक्रमित व्यक्ति से दूसरे लोगों में फैलता रहता है और यह खतरनाक रूप धारण कर लेता है।

मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने के साथ साथ इसमें एक दो तीन दिन बुखार आने के बाद चेहरे व शरीर पर छोटे छोटे दाने उभरने लग जाते हैं।

मंकीपॉक्स वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिर में दर्द, बदन दर्द और थकान व कमजोरी महसूस होना और एक-दो दिन के बाद शरीर पर छोटे दाने बनने लगते हैं।

मंकीपॉक्स एक फैलने वाली बीमारी है यदि कोई सामान्य व्यक्ति किसी इस बीमारी से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क में आने या दूषित सामग्री के माध्यम से यह रोग फैल सकता है।

विशेषज्ञ या डॉक्टरों का मानना है कि यह वायरस बंदरों, चूहों, गिलहरियों जैसे जानवरों से अधिक फैलता है।मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्तियों व जानवरों के शरीर से निकले फ्लूड के संपर्क में आने वाले लोगों में तेजी से फैल रहा है।

मंकीपॉक्स वायरस के लक्षण होते है जैसे स्किन पर दाने होना बार-बार तेज बुखार आना और ठंड लगना शरीर में कमजोरी महसूस होना व सूजन आना सिर में तेज दर्द होना जोड़ों में सूजन व दर्द होना इसके आलावा और भी बहुत से लक्षण होते है|

वैसे तो मंकीपॉक्स वायरस कोरोना जितना खतरनाक नहीं है लेकिन फिर भी विशेषज्ञों का कहना है की इस तेजी से अपने पांव पसार रहे वायरस को लेकर उचित सावधानियां रखना आवश्यक है

मंकीपॉक्स वायरस का अभी तक कोई सुरक्षित व प्रमाणित इलाज नहीं है। इस रोग का उचित इलाज करने या इसे नियंत्रित करने के लिए शोध चल रहा है।

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