हींग एक ऐसी उत्तम औषधि है जिसका प्रयोग भोजन में मसाले के तौर पर किया जाता है। हींग का प्रयोग ना सिर्फ भोजन को स्वादिष्ट बनाता है बल्कि इससे कई बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है। आयुर्वेद में बताया गया है कि हींग स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है।

हींग कई बीमारियों में काम आती है इसके सेवन से पेट के कीड़ों, शरीर में गांठ, पुराने जुखाम, बवासीर, पेट की समस्या, गैस, कब्ज, दर्द, अरुचि, पथरी, मधुमेंह, पेशाब संबंधी रोग, हृदय रोग, अपच, भूख की कमी, सूखी खांसी,  श्वसन संबंधी रोग तथा उल्टी आदि बीमारियों में लाभ मिलता है। इसके साथ ही सुबह खाली पेट हींग का पानी पीना पेट की सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।

हींग एक प्रकार की पेड़ की जड़ो से निकलने वाली गोंद होती है। हींग प्राप्त करने के लिए इसके पेड़ की जड़ को तने से काट लिया जाता है फिर इसमें से एक गाढ़ा रस प्राप्त होता है जो बाद में जमकर गोंद का रूप धारण कर लेता है। एक पौधे से आमतौर पर ढाई सौ ग्राम हींग प्राप्त होती है।

यह भूरे रंग की तेज खुशबू वाली व चमड़ी पर लगाने से जलन पैदा करने वाली होती है। दानेदार हींग को उत्तम माना जाता है। असली हींग की पहचान इसकी सुगन्ध लेने पर तेज खुशबू के साथ नाक में जलन भी होती है। असली हींग को हीरा हींग भी कहा जाता है।

आयुर्वेद में हींग को वात नाशक माना गया है। अपनी तेज खुशबू के कारण यह रोगाणु नाशक भी होती है। इसके साथ इसमें वात एवं बलगम को खत्म करने के गुण भी मौजूद होते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है। व पाचन शक्ति को बढ़ाती है। छोटे बच्चे व बड़ों के पेट में कीड़ों को भी मारती है। पेट के रोगाणुओं को भी खत्म करती है।

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