आज के समय में अस्वस्थ खानपान और जीवनशैली के कारण छाती में दर्द (Chest Pain) की समस्या आम हो गई है। छाती में दर्द यानि चेस्ट पैन के बहुत से कारण हो सकते हैं। यह धारणा गलत है कि सीने में दर्द सिर्फ दिल का दौरा पड़ने से ही होता है। छाती में होने वाला दर्द तेज चुभन व खिंचाव से लेकर मंद दर्द भी हो सकता है।

सीने में दर्द के वैसे तो कई कारण होते हैं। लेकिन प्रमुख कारण दो हो सकते हैं। एक गैस या एसिडिटी के कारण और दूसरा हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह का बाधित हो जाना होता है। इस प्रकार होने वाले दर्द की स्थिति को एन्जाइम {Angina} कहा जाता है। लेकिन हार्ट की किसी समस्या के कारण होने वाला दर्द गंभीर हो सकता है।

सीने में होने वाला दर्द फेफड़ों से संबंधित किसी रोग और मांसपेशियों में खिंचाव व सूजन के कारण भी हो सकता है। जबकि हार्ट अटैक के कारण होने वाला दर्द कंधे, गर्दन और बाहों तक फैल जाता है।और इसके कारण होने वाले दर्द में ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, घबराहट होना और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती है।

तुलसी औषधीय गुणों का खजाना होती है। इसी कारण यह बहुत सी शारिरिक और मानसिक समस्याओं को ठीक करने में मददगार होती है। तुलसी की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल {Cholesterol} बढ़ने से रोकने के साथ-साथ छाती में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाती है।

हल्दी का प्रयोग बहुत सी स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं को कम करने के लिए एंटीबायोटिक के रूप में किया जाता है। क्योंकि हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। यह शरीर में सूजन और किसी भी प्रकार की गांठ से राहत दिलाने के साथ-साथ धमनियों में रुकावट दूर करने में सहायक होती है।

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