Uric acid बढ़ने के कारण, लक्षण और यूरिक एसिड का घरेलु इलाज क्या है

यूरिक एसिड का घरेलू इलाज (Home Remedies for uric acid in hindi)

हमारे शरीर में यूरिक एसिड (Uric acid) खानपान और सेल्स के जरिए बनता है। वैसे तो किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके मूत्र मार्ग के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है। शरीर में Uric acid का अधिक मात्रा में बनने के कारण शरीर में अनेक बीमारियां उत्पन होने लगती है। निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में जानेगे Uric acid क्या है, यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण, कारण और यूरिक एसिड का इलाज आइये जानते है यूरिक एसिड का घरेलू इलाज Uric acid treatment in hindi

यह (Uric acid) आज के समय में बहुत गंभीर समस्या बन गई है। जिसके कारण गठिया आर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द की समस्या होना मुख्य है। जब हमारे शरीर की किडनी अवशिष्ट पदार्थों को छानकर मूत्रमार्ग से बाहर निकालने में असमर्थ हो जाती है। तब यूरिया यूरिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है। और हड्डियों के बीच में जमा होने लगता है। साथ ही खून में Uric acid का लेवल बढ़ जाता है।

मूत्र में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ना गाइट का संकेत होता है। गाइट में जोड़ों में दर्द, पैरों की उंगलियों में सूजन के साथ-साथ दर्द भी होने लगता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो आगे चलकर यह गठिया का रूप धारण कर लेता है।

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यूरिक एसिड क्या है (What is uric acid in hindi)

यूरिक एसिड एक प्रकार का कार्बनिक पदार्थ होता है जो कि हमारे शरीर में बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है। लेकिन अगर शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाए तो यह जोड़ों के बीच में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है। हमारे शरीर में यह जितनी मात्रा में बनता है इसे किडनी के द्वारा फ़िल्टर करके शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।

लेकिन जब यूरिक एसिड शरीर में जरुरत से अधिक मात्रा में बनने लगता है इसके कारण अनेक बीमारियां उत्पन्न होती है। Uric acid के कारण जोड़ो में दर्द, सूजन, हाई ब्लडप्रेसर, जोड़ो में अकड़न व उठाने बैठने में परेशानी के साथ साथ किडनी रोग जैसी प्रोब्लेम्स भी होने लगती है।

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण (Uric acid badhne ke karan)

शरीर में यूरिक एसिड (Uric acid) के बढ़ने के अनेक कारण होते है जैसे

  • जिन लोगों के शरीर में आयरन की मात्रा अधिक होती है। उनका भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
  • उच्च रक्तचाप की समस्या भी नियमित रहने से यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
  • अल्कोहल का अत्यधिक सेवन भी यूरिक एसिड बढ़ने का कारण होता है।
  • जिनमें थायराइड की मात्रा ज्यादा या कम होती है उनका भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
  • ज्यादा मोटापा भी यूरिक एसिड बढ़ने का कारण होता है।
  • अपने आहार में प्यूरिन ज्यादा होने के कारण भी यूरिक एसिड बढ़ता है।
  • किडनी या गुर्दे की समस्या होने से Filtration की क्षमता कम हो जाती है। इससे भी यूरिया यूरिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है। जो हड्डियों के बीच में जमा होने लग जाता है।

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण (Symptoms of uric acid in body in hindi)

हमारे शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से बहुत से लक्षण दिखाई देते है जैसे

  • जोड़ों में दर्द के साथ-साथ सूजन होना।
  • एक स्थान पर बैठे रहने पर पैरों में सूजन होना।
  • पैरों की एड़ियों में दर्द होना।
  • रात के समय जोड़ों में दर्द ज्यादा होना
  • जोड़ों में सूजन के साथ लालिमा होना।
  • शरीर में कंपन होना प्यास का ज्यादा लगना।
  • हाथों व पैरों की उंगलियों में सूजन के साथ दर्द होना।

यूरिक एसिड कम करने के घरेलू उपाय (How to control uric acid in hindi)

यूरिक एसिड में बैंकिंग सोडा

बेकिंग सोडा के सेवन से भी Uric acid को कम करने में बहुत मदद मिलती है। बेकिंग सोडा यूरिक एसिड के क्रिस्टल को तोड़ने और उन्हें ब्लड में घोलने में मदद करता है। इसके लिए एक चम्मच सोडा को एक गिलास पानी में मिलाकर पिए इस मिश्रण को दिन में चार से पांच बार प्रतिदिन पियें ।

इसका प्रयोग 21 दिन तक नियमित करने से यूरिक एसिड का लेवल कम हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर के रोगी इसका ज्यादा इस्तेमाल ना करें क्योंकि यह बीपी हाई करता है।

यूरिक एसिड में बथुआ

बथुआ हर घर में खाया जाने वाला साग है। इसमें विटामिन ए, विटामिन डी, कैल्शियम, फास्फोरस और पोटेशियम पाया जाता है। इसका प्रयोग बहुत सी बीमारियों में किया जाता है। बथुए का रस, तीन चार नीम की पत्तियों का रस और गिलोय का रस, इन सब का जूस का सेवन यूरिक एसिड को कम करने के साथ-साथ खून भी साफ करता है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक करता है।

यूरिक एसिड में नींबू पानी

यूरिक एसिड में नींबू पानी का सेवन बहुत लाभदायक होता है। नींबू में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। और यह एसिडिक प्रभाव भी पैदा करता है। जिससे Uric acid का स्तर कम होने लग जाता है। इसके लिए यह रामबाण प्रयोग है। सुबह उठते ही एक गिलास पानी में नींबू निचोड़ कर इसका सेवन नियमित करना लाभदायक होता है।

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यूरिक एसिड में अश्वगन्धा

हमारे शरीर में यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए अश्वगंधा को बहुत कारगर औषधि माना जाता है। Uric acid के लेवल को सामान्य करने के लिए अश्वगंधा चूर्ण को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर गुनगुने दूध या जल के साथ नियमित प्रयोग करना लाभदायक होता है। लेकिन अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मियों में इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

यूरिक एसिड में नारियल पानी

नारियल का पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही यह Uric acid कि समस्या में भी लाभदायक होता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर प्यास अधिक लगती है। इसके लिए नारियल पानी का सेवन दिन में दो से तीन बार करना चाहिए यह यूरिक एसिड को भी कंट्रोल रखता है।

यूरिक एसिड में प्याज

प्याज का किसी भी रूप में उपयोग करना इस समस्या में लाभदायक होता है। इसलिए बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने के लिए कच्चे प्याज का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही प्याज को घी में भूनकर इसका नियमित भोजन के साथ सेवन करना भी लाभदायक होता है।

यूरिक एसिड में कच्चा पपीता

यूरिक एसिड बढ़ने पर कच्चा पपीता का सेवन करना भी लाभदायक होता है। इसके लिए कच्चा पपीता लेकर उसको काटकर बीज निकालकर उसके टुकड़े करके 2 लीटर पानी में उबाल लें। उबालने के बाद इसको ठंडा करके छानकर इस पानी का सेवन दिन में तीन बार नियमित 2 सप्ताह तक करने से बढ़ा हुआ Uric acid कंट्रोल हो जाता है।

यूरिक एसिड में मूंग दाल

यूरिक एसिड की समस्या से ग्रसित व्यक्ति को मूंग की दाल का सेवन अवश्य करना चाहिए क्योंकि यह दाल लाइट और हेल्दी होती है। ज्यादातर रोगियों के लिए खिचड़ी आदि बनाने में इसका प्रयोग किया जाता है। इसका सेवन किसी भी रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा अकेली न खाई  जाए तो टेस्ट के लिए इसमें अरहर की दाल भी मिला सकते हैं।

यूरिक एसिड में धनियाँ

हरा धनिया एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यह एक प्रकार से ड्यूरेटिक्स की तरह काम करता है। यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए हरी धनिया का जूस निकाल कर दो दो चम्मच का सेवन 2 सप्ताह तक नियमित करना चाहिए। इसके अलावा आप हरा धनिया और पुदीना की चटनी का भी सेवन कर सकते हैं।

यूरिक एसिड में उच्च फाइबर

यूरिक एसिड को कम करने के लिए हाई फाइबर युक्त फूड का अधिक सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। क्यूंकि Uric acid को कंट्रोल करने में फाइबर का बहुत बड़ा योगदान होता है। इसके लिए ओटमील, दलिया, बिन्स, ब्राउन राइस, साबुत अनाज, संतरे, अंकुरित अनाज, चोकर से बनी रोटी और स्टोबेरी आदि चीजों का सेवन करने से यूरिक एसिड की मात्रा एब्जॉर्ब हो जाती है और इसका लेवल कम हो जाएगा।

यूरिक एसिड में अजवायन

यूरिक एसिड की समस्या से राहत दिलाने में अजवायन को भी फायदेमंद औषधि माना जाता है। इसलिए एक चम्मच अजवायन को पानी में उबालकर छानकर इस पानी का नियमित सेवन करने से भी यूरिक एसिड कम होता है। इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करके आप यूरिक एसिड के साथ-साथ अन्य बीमारियों से भी बचे रह सकते हैं।

FAQ

Q 1. यूरिक एसिड कम करने के लिए क्या खाएं?

Ans  इस समस्या से छुटकारा दिलाने में नींबू एक साइट्रिक एसिड से भरपूर फल होता है जो शरीर में अतिरिक्त यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही,  छाछ आदि का सेवन भी फायदेमंद होता है। ताजे फल और सब्जियां जैसे जामुन, शिमला मिर्च, संतरा, मौसमी, आंवला, मोरिंगा आदि को अपनी नियमित डाइट में शामिल करने से भी लाभ मिलता है।

Q 2. क्या दूध पीने से यूरिक एसिड बढ़ता है?

Ans  शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि उच्च प्रोटीन यूरिक एसिड को बढ़ाने का काम करता है। इसलिए यूरिक एसिड बढ़ने पर दूध या दूध से बनी चीजें, डेयरी प्रोडक्ट्स, पनीर, पालक, राजमा, हरी मटर, डॉईफ्रूट्स, सोया, सीड्स, अंडा, चिकन और दालों आदि का सेवन करने से बचना चाहिए।

Q 3. क्या खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है?

Ans  शरीर में प्यूरीन की मात्रा जितनी ज्यादा अधिक होगी उतनी ही ज्यादा यूरिक एसिड बढ़ने की संभावना होती है। इसलिए चीनी, व्हाइट फूड, चॉकलेट, अल्कोहल आदि चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह सभी प्यूरीन को बढ़ाने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना यूरिक एसिड क्या है यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण, कारण और Uric acid का घरेलु इलाज तथा क्या खाने से यूरिक एसिड को नियंत्रित रखा जा सकता है इस लेख के बारे में आपके कोई भी सवाल या सुझाव हो तो आप हमें पूछ सकते है।

यह लेख Uric acid का घरेलू इलाज (Uric acid treatment in hindi) आपको कैसा लगा Comment करके जरूर बताएं और पोस्ट को Share भी करें ताकि किसी जरूरत मंद को लाभ पहुंचाने में मदद मिले।

इस आर्टिकल में दी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवे।

-: लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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