Surya Namaskar | रोज सुबह सूर्यनमस्कार करने से सेहत को मिलेंगे जबरदस्त फायदे

रोज सूर्यनमस्कार करने के फायदे : Surya namaskar ke fayde

रोज Surya Namaskar करने के शरीर के लिए अनेकों स्वास्थ्य लाभ होते है। शरीर को हमेशा स्वस्थ और निरोगी रखने के लिए नियमित विभिन्न प्रकार के योग व्यायाम के अभ्यास करना काफी लाभकारी साबित होता है इनमें से एक Surya namaskar भी है सूर्य नमस्कार को संपूर्ण हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। जानते है Surya namaskar benefits in hindi यानि सूर्य नमस्कार करने के अद्भुत फायदे

सूर्य नमस्कार एक योग और व्यायाम की ऐसी क्रिया है जिसको घर पे ही आसानी से किया जा सकता है तथा Surya Namaskar का अभ्यास करने हेहु किसी प्रकार के एक्युमेंट की भी आवश्यकता नहीं है और यह क्रिया पुरे शरीर यानि शरीर के अंदरूनी हिस्सों तथा बाहरी शरीर के लिए लाभदायक होती है।

अगर रोजाना सुबह सूर्योदय से पहले सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया जाता है तो यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में काफी मददगार होता है। Surya namaskar को नियमित करने से बॉडी सही सेप में रहने के साथ साथ मोटापा, ह्रदय रोग, रक्तचाप, डायबिटीज, बढ़ती उम्र के कारण शरीर में होने वाली जकड़न जोड़ो व मांसपेशियों का दर्द जैसी अनेक समस्याओं से भी बचे रहने में मदद मिलती है।

विषेशज्ञों का मानना है की रोज सूर्य नमस्कार करने से शरीर निरोगी और बॉडी फिट रहती है। Surya Namaskar बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में काफी फायदेमंद है इसको नियमित करने से बच्चों, बड़ों, बूढ़ों, महिलाओं सभी को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते है।

सूर्य नमस्कार के फायदे / Surya namaskar benefits in hindi

नियमित किया गया सूर्य नमस्कार का अभ्यास संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

  • मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है
  • शरीर का वजन नियंत्रित रहता है
  • पाचन सिस्टम मजबूत होता है
  • त्वचा की रंगत में निखार आता है
  • शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है
  • दिल से संबंधित रोगों का खतरा कम होता है
  • पेट संबंधी समस्याओं का खतरा कम होता है।

सूर्य नमस्कार क्या है? – Surya namaskar kya hai

सूर्य नमस्कार एक योगासन की ऐसी क्रिया होती है जिसको करने से पूरे शरीर का योगाभ्यास संपूर्ण माना जाता है। सूर्य नमस्कार बॉडी के लिए एक व्यापक एक्सरसाइज है जिसको करने के लिए किसी भी प्रकार के उपकरण की कोई आवश्यकता नहीं होती है। Surya Namaskar एक प्रकार का विभिन्न क्रियाओं का पूरा मिश्रण होता है।

अगर नियमित सूर्य नमस्कार के क्षमतानुसार सेट सुबह सूर्योदय से पहले लगाए जाए तो किसी प्रकार के अन्य व्यायाम न भी किए जाए तो भी शरीर के लिए अनेकों स्वास्थ्य लाभ आसानी से प्राप्त किये जा सकते है। वैसे तो सूर्य नमस्कार को किसी भी समय किया जाये इसके स्वास्थ्य लाभ होते है लेकिन इसका सही समय सुबह सूर्योदय से पहले करने से अधिक फायदे होते है।

Contents

सूर्य नमस्कार के प्रकार : Type of surya namaskar

इस योगासन की क्रिया को 12 वर्गों में विभाजित किया जा सकता है यानी कि Surya Namaskar के 12 स्टेप होते हैं अलग-अलग स्टेप का अलग-अलग महत्त्व और स्वास्थ्य लाभ होता है।

सूर्य नमस्कार की मुख्य क्रिया है जैसे

1 प्रार्थना मुद्रा

2 हस्त उत्तानासन

3 हस्तपादासन

4 अश्व संचालनासन

5 पर्वतासन

6 अष्टांग नमस्कार

7 भुजंगासन

8 अधोमुख श्वानासन

9 दंडासन

10 हस्तपादासन

11 हस्त उत्तानासन

12 ताड़ासन

प्रार्थना मुद्रा

यह आसन चिंता, तनाव, डिप्रेशन कम करता है, शारीरिक संतुलन बनाए रखने में काफी मददगार है और एकाग्रता और ध्यान बढ़ाता है।

हस्त उत्तानासन

इस आसन को करने से शरीर की बनावट अच्छी होकर कंधे व कलाइयां सुडौल होते है तथा पीठ से राहत मिलने के साथ-साथ पेट का नीचे का हिस्सा भी मजबूत होता है।

हस्त पादासन

इसको करने से कुल्ले, पीठ, टखने तथा पिंडलियां स्वस्थ व मजबूत रहती है, शरीर का वजन नियंत्रित रहता है तथा पेट व प्रजनन अंगों में सुधार करता है स्किन व बाल भी स्वस्थ होते हैं।

अश्व संचालनासन

यह आसन करने से रीड व पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है, पेट से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर होती है तथा कब्ज व अपच से छुटकारा मिलता है।

दंडासन

इससे सीना व कंधे मजबूत होते हैं शारीरिक मुद्रा में सुधार होता है तथा दिमाग शांत रहकर एकाग्रता बढ़ती है।

अष्टांग नमस्कार

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, रीड की हड्डी व पीठ में लचीलापन बढ़ता है तथा शरीर का पाचन सिस्टम मजबूत रहता है।

भुजंगासन

सीने, कंधों, पैरों व पीठ की समस्त मांसपेशियों को लाभ मिलता है, थकान व तनाव से छुटकारा मिलता है तथा शरीर का वजन नियंत्रित रहता है।

अधोमुख श्वानसन

शरीर की समस्त मांसपेशियों के साथ-साथ पीठ भी मजबूत होती है, शरीर में रक्त संचार बढ़ता है तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होकर तनाव से मुक्ति मिलती है।

इनके अलावा भी सूर्यनमस्कार के प्रत्येक स्टेप स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।

सूर्य नमस्कार के स्वास्थ्य लाभ : Surya namaskar ke fayde

स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार को रोजाना करने की आदत डालने के पश्चात कुछ दिन में ही शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलेगी इसको करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा बीमारियों का खतरा कम होता है।

Surya namaskar करने से शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ साथ बॉडी फिट और तंदुरुस्त रहती है। जीवनभर स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए रोजाना सूर्य नमस्कार करना बहुत लाभकारी माना जाता है।

फेफड़ों के लिए सूर्य नमस्कार

रोज सुबह के समय सूर्य नमस्कार के अभ्यास को करने के दौरान गहरी सांस लेने और छोड़ने से फेफड़े काफी मजबूत होते हैं। इससे शरीर के ब्लड तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद मिलती है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए सूर्य नमस्कार

मानसिक परेशानी तनाव आदि से छुटकारा दिलाने के लिए सूर्य नमस्कार को बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। इसको रोजाना करने से बॉडी में रक्त संचार सुचारु रहता है तथा एकाग्रता बढ़ती है मेमोरी पावर तेज करने का यह सबसे बेस्ट तरीका है। रोज सूर्य नमस्कार करने से बॉडी को डिटॉक्स करने में काफी मदद मिलती है।

स्मरण शक्ति के लिए सूर्य नमस्कार

रोजाना लगातार सुबह सूर्योदय से पहले सूर्य नमस्कार करने से याददाश्त तेज होती है तथा बॉडी का मेटाबॉलिक सिस्टम बेहतर होता है। इससे शरीर में लचीलापन भी बढ़ता है। नियमित सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से पढाई करने वालों की याददाश्त काफी तेज होती है इसलिए जिनको भूलने की बीमारी है उनके लिए यह बहुत फायदेमंद है।

डायजेस्टिव सिस्टम के लिए सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने के दौरान पेट की अच्छी एक्सरसाइज होती है जिससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है तथा गैस, एसिडिटी, बदहजमी, अपच, कब्ज जैसी समस्याओं से परमानेंट छुटकारा मिलता है इसलिए सूर्य नमस्कार को सुबह खाली पेट करना उपयोगी माना गया है।

सूर्य नमस्कार का अभ्यास नियमित करने से अग्नाशय की कोशिकाओं को उत्तेजित करने में मदद मिलती है जिससे रक्त शर्करा का स्तर कम किया जा सकता है। रोज सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आंतों को स्वस्थ रखने में भी काफी मदद मिलती है।

स्किन के लिए सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार करने से स्किन संबंधी होने वाली तमाम तरह की समस्याओं से छुटकारा मिलता है तथा इससे उम्र बढ़ने के कारण होने वाली झुर्रियां भी दूर होती है और त्वचा पर प्राकृतिक ग्लो आता है। हमेशा जवान रखने में सूर्य नमस्कार काफी मददगार होता है। इसके रोज अभ्यास करने से शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में मदद मिलती है तथा बॉडी को डिटॉक्स करने में भी यह सहायक होता है।

वजन कंट्रोल रखने के लिए सूर्य नमस्कार

नियमित इसके अभ्यास करने से संपूर्ण शरीर की एक्सरसाइज होने से शरीर में जमी हुई अतिरिक्त फैट कम होती है तथा शरीर का वजन नियंत्रित रखता है जिन लोगों का पेट बाहर निकला हुआ है उनको पेट की चर्बी घटाने के लिए सूर्य नमस्कार करना बहुत ही लाभदायक होता है। इसका नियमित अभ्यास मोटापा बढ़ने से रोकता है और बढे हुए मोटापे को घटाने में भी काफी मदद करता है।

विटामिन डी की पूर्ति के लिए सूर्य नमस्कार

सुबह सूर्य उदय के समय नियमित सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी की पूर्ति होती है जिससे शरीर स्वस्थ व हष्ट पुष्ट रहने के साथ साथ हड्डियां, मांसपेशियां, दांत तथा त्वचा व बाल मजबूत व स्वस्थ रहते हैं तभी मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और तनाव चिंता जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

पुरुषों के लिए सूर्य नमस्कार के फायदे

पुरुषों के लिए रोज सूर्य नमस्कार करने के चमत्कारी फायदे होते हैं। आजकल पुरुष अपनी सेहत का ख्याल बहुत कम रख पाते हैं जिसके कारण मोटापा, ह्रदय रोग, शारिरीक शिथिलता व शारिरीक कमजोरी जैसी समस्याएं अधिक होने लगी है।

पुरुषों के लिए Surya namaskar की क्रिया नियमित करने से शरीर में रक्त परिसंचरण सुचारू होता है जिससे हार्मोनल संतुलन बेहतर रहता है तथा शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

Surya namaskar

जोडों के लिए सूर्य नमस्कार

मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती के लिए भी रोज सूर्य नमस्कार करना फायदेमंद होता है नियमित सूर्य नमस्कार करने से जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों की जकड़न, घुटने व कमर दर्द आदि से छुटकारा मिलता है और इनमें लचीलापन आता है। जोड़ों, मांसपेशियों, घुटनों व कमर दर्द में एक्सरसाइज करना बहुत लाभकारी माना जाता है

महिलाओं के लिए सूर्य नमस्कार

नियमित सूर्य नमस्कार करना महिलाओं के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। जिन महिलाओं को अनियमित मासिक चक्र संबंधी समस्या रहती है उनको इस समस्या से परमानेंट छुटकारा मिलता है तथा गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज सूर्य नमस्कार करने से नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है।

FAQ : Surya namaskar के बारे में पूछे जाने वाले सवाल

Q 1. सूर्य नमस्कार कितनी बार करना चाहिए?

Ans शुरुआत में सूर्य नमस्कार 5 बार करना चाहिए तथा धीरे-धीरे इसका अभ्यास बढ़ा भी सकते हैं। लेकिन शुरुआत में सूर्य नमस्कार अभ्यास शारीरिक क्षमता अनुसार ही करना चाहिए।

Q 2. सूर्य नमस्कार कब नहीं करना चाहिए?

Ans जिन लोगों को कलाई या कंधे पर कोई गंभीर चोट हो उनको सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहिए। हर्निया के रोगी को भी सुर्य नमस्कार करने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को सूर्य नमस्कार करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमनें जाना की Surya Namaskar क्या है इसके प्रकार और सूर्य नमस्कार के फायदे क्या है। इस लेख के बारे में आपके कोई भी सवाल या सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको यह लेख Surya Namaskar ke fayde जरूर पसंद आया होगा इसलिए कमेंट करके जरूर बताएं तथा शेयर भी करें।

-: इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

इन्हें भी पढ़ें –

Share This Product

में श्रवण बिश्नोई Nirogi Health का Founder और एक Professional Blogger हूँ। में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित स्वास्थ्य से संबधित जानकारियां इस ब्लॉग पर नियमित Publish करता रहता हूँ।

Leave a Comment