शिलाजीत के फायदे और नुकसान | Shilajit ke fayde aur nuksan

शिलाजीत खाने के फायदे ( Shilajit benefits and side effects in hindi) शिलाजीत क्या होता है 

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में शिलाजीत को सबसे महत्वपूर्ण औषधि माना गया है क्योंकि Shilajit निरोगी व स्वस्थ जीवन व अनेक रोगों से बचाने के लिए वर्षों से उपयोग किया जाता रहा है। शिलाजीत विटामिन, खनिज, रसायन और पोषक तत्वों का शक्तिशाली स्रोत होता है। शिलाजीत के फायदों (shilajit benefits in hindi) में यह शरीर को अनेक रोगों से बचाने के साथ-साथ बढ़ती उम्र को भी रोकता है। निरोगी हैल्थ के इस आर्टिकल में जानेंगें की शिलाजीत क्या है, शिलाजीत के औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ shilajit benefits तथा शिलाजीत के फायदे और नुकसान (Shilajit ke fayde aur nuksan) क्या है

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शिलाजीत क्या है (What is shilajit)

यह एक प्राकृतिक रूप से मिलने वाला खरीद खनिज पदार्थ होता है जो हिमालय और भारतीय उपमहाद्वीप की पर्वत मालाओं में पाया जाता है। यह एक दुर्लभ पदार्थ होता है जो हजारों वर्षों से पौधों और पौधों की सामग्री के विघटन से बनता रहा है शिलाजीत एक चिपचिपा और रेशेदार पदार्थ होता है जो काले व भूरे रंग का होता है।

भारत की पारंपरिक औषधियों में शिलाजीत का इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद में शिलाजीत को रसायन कहा गया है क्योंकि इससे संपूर्ण शरीर की सेहत में सुधार होता है व यह औषधिय गुणों से भरपूर होता है। इसलिए शिलाजीत का सेवन करने से बॉडी में अनेक फायदे (shilajit benefits) होते है आइए जानते है।

शिलाजीत के ओषधीय गुण (shilajit nutrition)

इसमें (Shilajit) एंटीऑक्सीडेंट, फोलिक एसिड, ह्नामिक एसिड, सेलेनियम एंटीइंफ्लेमेटरी, आयरन के साथ साथ 86 प्रकार के खनिज तत्व पाएं जाते हैं।

  • शिलाजीत में एंटी ऑक्सीडेंट गुण व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं।
  • इसमें सेलेनियम और खनिज पदार्थ भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  • शिलाजीत में फोलिक एसिड और ह्नामिक एसिड भी होता है।
  • यह शरीर मे कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है तथा उनसे लड़ने के लिए शरीर को ताकत भी प्रदान करता है।

शिलाजीत के आयुर्वेदिक उपाय (Shilajit ke fayde aur nuksan in hindi)

ह्रदय के लिए शिलाजीत (Heart ke liye shilajit ke fayde)

शिलाजीत का नियमित सेवन करने से हृदय मजबूत रहता है और हृदय रोगों का खतरा बहुत कम हो जाता है। इस का प्रयोग करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। यह संपूर्ण लिक्विड प्रोफाइल को भी नियंत्रित करने में मददगार होता है। शिलाजीत शरीर मे ब्लड के सर्कुलेशन को भी तेज करता है इसके कारण शरीर मे सभी अंगों तक उचित मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई होती है। और पढ़ें ~ ह्रदय रोग में आहार चार्ट 

एनीमिया के लिए शिलाजीत (Anemia me shilajit ke fayde)

शरीर में आयरन की कमी के कारण होने वाली एनीमिया की समस्या से राहत दिलाने के लिए शिलाजीत एक औषधि की तरह काम करता है। शिलाजीत में पर्याप्त मात्रा में आयरन मौजूद होता है। यह शरीर में आयरन व ब्लड की पूर्ति कर एनीमिया की समस्या से छुटकारा दिलाने में लाभदायक होता है।

डायबिटीज के लिए शिलाजीत (Diabetes me shilajit ke fayde)

शुगर की बीमारी से बचने के लिए शिलाजीत का प्रयोग उत्तम माना गया है। शिलाजीत में ब्लड शुगर को कम करने वाला गुण बहुतायत होता है। यह गुण हाई ब्लड शुगर के स्तर को कुछ हद तक नियंत्रित करने का काम करता है। मधुमेह जैसी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए शिलाजीत का सेवन करना रामबाण साबित होता है। इसी कारण डायबिटीज रोगी को प्रतिदिन शिलाजीत का सेवन करने की सलाह दी जाती है। और पढ़ें ~ मधुमेह के लिए आहार चार्ट

जोड़ों के दर्द के लिए शिलाजीत (Joint pain me shilajit ke fayde)

शिलाजीत के नियमित सेवन से अर्थराइटिस की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है। शिलाजीत में सेलेनियम पाया जाता है और सेलेनियम के कारण ही इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह गुण अर्थराइटिस से राहत दिलाने में सहायक होते हैं। इसलिए बुढ़ापे में होने वाले जोड़ों के दर्द की समस्या से बचने के लिए नियमित शिलाजीत का सेवन दूध या पानी में मिलाकर करना लाभकारी होता है।

कमजोरी दूर करने के लिए शिलाजीत (Body weakness me shilajit ke fayde)

शिलाजीत का नियमित सेवन थकान, शारीरिक और मानसिक कमजोरी, तनाव आदि समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है। इसमें  कई मिनरल्स के साथ-साथ फोलिक एसिड भी पाया जाता है जो कमजोरी से राहत दिलाने में मददगार होता है।

मर्दाना ताकत के लिए शिलाजीत (Sexual stamina badhane me shilajit ke fayde)

शिलाजीत को पुरुषों की यौनशक्ति यानी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी लाभकारी माना गया है। इसमें पुरुष (टेस्टोस्टरॉन) यौन क्षमता से संबंधित हार्मोन को बढ़ाने की क्षमता पाई जाती है। इसके साथ ही यह ओलिगोस्पर्मिया और बैक्टिरियल इंफेक्शन के कारण पुरुष प्रजनन क्षमता में कमजोरी को ठीक करने में भी सहायक होता है। और पढ़ें ~ यौन शक्ति बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय

याददाश्त बढ़ाने के लिए शिलाजीत (Memory power badhane me shilajit ke fayde)

उम्र बढ़ने से तंत्रिका तंत्र के विकार के कारण याददाश्त की कमजोरी तथा व्यवहारिक बदलाव आना जैसी समस्याएं पैदा होती है। शिलाजीत में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो याददाश्त को बढ़ाने में मददगार होता है। वही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने एवं तंत्रिका संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मददगार होता है। इसके अलावा यह दिमाग में मौजूद हानिकारक और विशैले तत्वों को भी हटाता है।

जवान रहने के लिए शिलाजीत (Young looking me shilajit ke fayde)

शिलाजीत में ऐसे बहुत से तत्व और गुण होते हैं जो शरीर को बुढापे से बचाए रखने में मददगार होते हैं। इसका नियमित सेवन करने से शरीर स्वस्थ और जवान बना रहता है। शिलाजीत शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करके बुढ़ापे के लक्षण तथा शरीर में आई हुई कमजोरी को दूर करने में सहायक होता है। शिलाजीत रक्त में मौजूद विषैले तत्वों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है क्योंकि इसमें फोलिक तथा ह्ममिक एसिड जैसे तत्व पाएं जाते है।

गठिया के लिए शिलाजीत (Gathiya rog me shilajit ke fayde)

शिलाजीत गठिया रोग से ग्रसित लोगों के लिए बहुत ही लाभदायक औषधि है। गठिया रोग में जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न आदि समस्याएं होने पर शिलाजीत का नियमित रात को सोते समय दूध के साथ मिलाकर सेवन करने से इन समस्याओं से छुटकारा मिलता है और गठिया रोग में लाभ मिलता है यह जोड़ों को मजबूत बनाने के साथ-साथ जोड़ों में रक्त के प्रवाह को भी बढ़ाने में मददगार होता है। और पढ़ें ~ यूरिक एसिड का घरेलू इलाज 

शिलाजीत के क्या नुकसान है (Side effects of Shilajit in hindi)

इसके सेवन से होने वाले फायदों (Shilajit ke fayde) के बारे में जानने के बाद जानेंगे इसके नुकसान (Shilajit ke nuksan) क्या है। अगर इसका सेवन उचित मात्रा में और सही तरीके से किया जाए तो शिलाजीत के कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। लेकिन इसकी तासीर गर्म होने के कारण इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती है जैसे

  • शिलाजीत से या इसमें मौजूद किसी भी घटक से एलर्जी हो तो चक्कर आना, मतली, दिल की धड़कन कम या ज्यादा होना, खुजली आदि समस्याएं हो सकती है।
  • गर्भावस्था या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले योग्य चिकित्सक या वैध से परामर्श अवश्य करना चाहिए।
  • शिलाजीत का अधिक मात्रा में उपयोग करने से शरीर में अधिक गर्मी होना स्वभाविक है
  • कई लोगों को इसका प्रयोग करने से पेशाब में कमी या वृद्धि जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

FAQ : शिलाजीत के बारे में पूछे जाने वाले सवाल जबाब 

Q 1. शिलाजीत कब और कैसे खाएं ?

Ans  इसका सेवन करने के लिए वैसे तो कोई निर्धारित समय नही है लेकिन खाली पेट इसका सेवन करने से बचना चाहिए। खाने के बाद सुबह या शाम कभी भी इसका सेवन पानी या दूध में घोलकर किया जा सकता है।

Q 2. शिलाजीत कितने दिन तक खाना चाहिए ?

Ans  इसको खाने के कोई निश्चित तौर पर दिन नही है लेकिन इसका सेवन जरूरत के अनुसार तीन महीने तक किया जा सकता है सर्दियों में तो इसे लगातार भी खाया जा सकता है लेकिन गर्मियों में इसकी तासीर गर्म होने से समस्या हो सकती है। अगर उम्र 50 वर्ष से अधिक है तो सर्दियों में 2 से 3 माह तक इसका सेवन करना चाहिए।

Q 3. पुरूष शिलाजीत का सेवन कैसे करें ?

Ans  जवान लोग एक दिन छोड़कर और 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग रोज तीन माह तक शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं। युवाओं को इसको रात को सोने से पहले गर्म दूध में मिलाकर पीना लाभदायक होता है। ज्यादा उम्र के लोगों को शिलाजीत को सादे पानी या दूध में घोलकर पीना चाहिए।

Q 4. अश्वगंधा और शिलाजीत के फायदे ?

Ans शिलाजीत और अश्वगंधा का सेवन बुड्ढे शरीर को जवान बनाने, त्वचा को झुर्रियों से बचाने और शरीर को अनेक रोगों से बचाने का यह कारगर उपाय है। इसके अलावा इनके साथ सफेद मूसली को मिलाकर विशेष प्रक्रिया द्वारा दवा तैयार करके शरीर को ताकतवर, बलशाली और ऊर्जावान बनाया जा सकता है। इससे बल, बुद्धि, वीर्य व यौन शक्ति में बृद्धि होती है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना शिलाजीत क्या है और शिलाजीत का सेवन करने के फायदे Shilajit ke fayde और नुकसान क्या है तथा इसका सेवन कैसे किया जा सकता है। इस लेख के बारे में अगर आपके कोई सुझाव या सवाल हो तो कमेंट में जरूर लिखें। यह लेख शिलाजीत खाने के फायदे (shilajit benefits) आपको कैसा लगा Comment करें और Share भी करें।

इस आर्टिकल में लिखी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवें।

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