पेट में अल्सर के लक्षण, कारण और उपचार | Pet ke ulcer ka gharelu ilaj

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पेट में अल्सर का इलाज (Pet ke ulcer ka gharelu ilaj) पेट में छाले का घरेलू इलाज

अल्सर (Stomach ulcer) एक प्रकार का घाव होता है। यह पेट के भितरी परत को संक्रमित करता है। इस लेख में जानते हैं पेट में अल्सर (Stomach ulcer) के लक्षण, कारण और उपचार Pet ke ulcer ka gharelu ilaj क्या है। हमारे पेट में एक तरह का अम्ल (एसिड) होता है। जो भोजन को पचाने में सहायता करता है। जब यह एसिड पेट की दीवारों और छोटी आंत को नुकसान पहुंचाने लगता है। तो पेट में अल्सर बनता है आइए जानते हैं पेट में अल्सर के कारण और उपचार Pet ke ulcer ka gharelu ilaj in hindi

अल्सर क्या है  (What is stomach Ulcer in hindi)

यह एक पेट से जुड़ी सामान्य बीमारी है। इसे पेट का अल्सर या Stomach ulcer आंत और अमाशय का घाव भी कहते हैं। हमारे पेट में एक तरह का एसिड (अम्ल) होता है। जो हमारे भोजन को पचाने में सहायक होता है। यह एसिड विषैला होता है। इस विषैले एसिड (अम्ल) से बचाने के लिए पेट में कफ की एक परत होती है। जो पेट और आँतो को ढक लेती है।

जब कफ दोष होता है और एसिड आँत के पास आ जाता है तब घाव या छाले हो जाते हैं। और पेप्टिक अल्सर की उत्पत्ति होती है। पेट में अल्सर को गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है। आंत के बाहरी हिस्सों में भी अल्सर हो सकता है।

इस प्रकार के अल्सर को Duodenal ulcer भी कहा जाता है। जब भोजन को पचाने में मदद करने वाला एसिड पेट की दीवारों और छोटी आँत को नुकसान पहुंचाने लगता है। तो अल्सर बनता है। इसका मुख्य लक्षण पेट में जलन होना और पेट फूलना होता है। पेट में छाले या घाव होने को अल्सर कहा जाता है। पेप्टिक अल्सर एक ऐसी समस्या होती है। जो छोटी व बड़ी आंतों को प्रभावित करती है।

पेट मे अल्सर के लक्षण  (Symptoms of stomach ulcer in hindi)

जब हमारे पेट में जलन के साथ दर्द होता है। तो यह Stomach ulcer या पेट में अल्सर का मुख्य लक्षण होता है। अल्सर का दर्द खाली पेट अधिक तीव्र होता है। इसके और भी मुख्य लक्षण है जैसे

  • पेट में गैस के साथ-साथ डकार आना
  • पेट फूलना मैं भूख कम लगना
  • घबराहट होना व उल्टी आना
  • रात के समय वह खाली पेट दर्द ज्यादा होना
  • सीने में जलन होना
  • कब्ज की समस्या वह मल में खून आना या काले रंग का मल आना
  • कम खाने पर भी पेट भरा भरा सा लगना
  • अचानक वजन कम होना

पेट में अल्सर के कारण (Causes of stomach ulcer in hindi)

अनियमित दिनचर्या गलत खानपान की आदतें और इसके कारण बनने वाली अम्ल (Acid) इस बीमारी का प्रमुख कारण है। ज्यादा दवाओं के इस्तेमाल और पेनकिलर्स की वजह से भी यह समस्या उत्पन्न होती है। इसके अलावा ज्यादा तनाव भी अल्सर का बड़ा कारण बनता है। क्योंकि इसके कारण ज्यादा (अम्ल) एसिड बनता है। इसके और भी निम्न कारण है जैसे

  • अधिक मात्रा में अल्कोहल कैफ़ीन और तंबाकू का सेवन करना
  • पेट में अधिक मात्रा में एसिड का स्राव होना
  • लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना
  • अत्यधिक तनाव और अवसाद में रहना
  • फास्ट फूड, जंक फूड, तैलीय और मिर्च मसाले युक्त भोजन का अधिक सेवन करना
  • एस्प्रिन या ज्वलन रोधक दवाओं का अधिक सेवन करना
  • किडनी लीवर व फेफड़ों संबंधी बीमारियों से ग्रसित होना
  • डायबिटीज की बीमारी के कारण
  • अनुवांशिक कारणों से

पेट मे अल्सर का घरेलू इलाज (Home remedies for stomach ulcer in hindi)

केला (Banana)

पेट में अल्सर के घाव व छालों के लिए केला बहुत ही मददगार होता है। केलेमें एंटीबैक्टीरियल कंपाउंड मौजूद होते हैं। पेट में होने वाली एसिडिटी और गैस की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी केला सहायक होता है। केला पेट की परत और आंतों को मजबूत बनाता है।

अल्सर का इलाज करने के लिए प्रतिदिन तीन केले का नियमित सेवन करें और बनाना शेक का भी सेवन करना लाभदायक होता है। इसके अलावा कच्चे केले की सब्जी बनाकर इसमें एक चुटकी हींग मिलाकर इसका सेवन करने से Stomach ulcer की बीमारी में राहत मिलती है।

लाल मिर्च पाउडर

लाल मिर्च हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में बहुत ही कारगर होती है। यह भोजन को बहुत ही जल्दी पचा कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होती है। लाल मिर्च का पाउडर पेट के घाव व छाले के उपचार के लिए उपयोग में लाया जाता है। यह पेट में अल्सर का इलाज करने के लिए बहुत ही प्रभावी उपाय है।

लाल मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन पेट के एसिड के स्राव को कम करता है। अल्सर का इलाज (Stomach ulcer treatment) करने के लिए लाल मिर्च को दही में डालकर सेवन करना चाहिए व पराठा या रोटी पर भी लाल मिर्च पाउडर डालकर खाने से लाभ मिलता है।

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मैथी

मेथी का सेवन बहुत सी बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। मेथी हमारे शरीर में कफ का निर्माण करने में काफी सहायक होती है। इसलिए पेट के अल्सर में इसका उपयोग करना लाभदायक होता है। मेथी का उपयोग मेथी पाउडर पतियों व इसके बीजों के रूप में किया जाता है।

इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर इसमें शहद मिलाकर इसका नियमित सेवन करने से पेट के घाव व छाले की समस्या से राहत मिलती है। इसके अलावा आधा चम्मच मेथी पाउडर को एक गिलास दूध के साथ सेवन करना भी लाभदायक होता है।

मुलेठी

आयुर्वेद में मुलेठी का प्रयोग बहुत सी बीमारियों के इलाज में बताया गया है। अल्सर के इलाज के लिए भी मुलेठी एक कारगर औषधि होती है। इसके सेवन से कफ का उत्पादन होता है। जो पेट और अमाशय की मदद करता है। और पेट की परत की रक्षा करता है। मुलेठी का सेवन करने से अल्सर के दर्द में राहत के साथ-साथ अल्सर की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी सहायक है।

पेट के अल्सर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आधा चम्मच मुलेठी को पानी में भिगोकर 2 से 3 घंटे छोड़ दें। फिर उस पानी का सेवन करें इसके अलावा मुलेठी की चाय का पूरे दिन में दो से तीन बार जरूर सेवन करें।

नारियल

नारियल पेट के अल्सर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। यह अल्सर में होने वाले बैक्टीरिया को खत्म करता है। इसके अलावा नारियल के पानी और नारियल तेल में एंटी अल्सर गुण पाए जाते हैं।

नारियल के पानी का नियमित इस्तेमाल करना पेट की समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। इसके अलावा नारियल तेल को भी दूध के साथ सेवन करने से Stomach ulcer से आराम मिलता है।

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शहद

शहद अल्सर के इलाज में गुणकारी होता है। शहद में मौजूद ग्लूकोज ऑक्सीडेस एन्जाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उत्पादन करता है। जो हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। और पेट की लाइनिंग और सूजन व दर्द को भी दूर करता है।

अल्सर की समस्या से राहत पाने के लिए सुबह खाली पेट दो चम्मच शहद का नियमित सेवन करना लाभदायक होता है।

आँवला

आँवला हमारे पाचन सिस्टम को दुरुस्त रखने में लाभदायक होता है। आंवले में विटामिन सी, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और कैरोटीन जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं।

इसलिए आंवले का किसी भी रूप में इस्तेमाल करना पेट के लिए लाभदायक होता है। आंवले का मुरब्बा पेट के अल्सर में फायदेमंद होता है इसलिए आंवले के मुरब्बे का नियमित सेवन करना चाहिए।

मुनक्का

पेट की समस्या में चार से पांच मुनक्के रात को पानी में भिगो दें सुबह इसमें दो छोटी हरड़ मिलाकर इनको कूट पीस कर पेस्ट बनाकर इसका सेवन नियमित करने से अल्सर में होने वाली जलन और उल्टी जैसे लक्षणों से राहत मिलती है।

हल्दी दूध

दूध में हल्दी मिलाकर इसका सेवन करना बहुत सी बीमारियों में लाभदायक होता है। क्योंकि हल्दी में विटामिन सी, कैल्शियम, फाइबर, पोटेशियम और जिंक के साथ-साथ अन्य पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। वहीं दूध में कैल्शियम, विटामिन्स और न्यूट्रीशन होते हैं।

इसलिए पेट के अल्सर (Stomach ulcer) की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नियमित रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना लाभदायक होता है।

पेट के अल्सर में घरेलू नुस्खे (Pet ke ulcer ka gharelu ilaj)

पान अल्सर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पान के हरे पत्तों का एक चम्मच रस का नियमित सेवन करें

सहजन सहजन के पत्तों को पीसकर पेस्ट बनाकर दही के साथ मिलाकर इसका से 1 दिन में एक बार जरूर करें।

घी व हींग घी में एक चौथाई चम्मच हीम को भूलकर इसमें एक चम्मच जीरा और एक चुटकी सेंधा नमक डालकर इसका नियमित सेवन करें

सौफ सौंफ और चूड़ा को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनाकर रख लें। इस दस ग्राम चूर्ण को एक लीटर पानी में घोलकर सुबह छोड़ दें शाम को इसे पी लें।

निम्बू आधा कप ठंडे दूध में आधा नींबू निचोड़ कर इसे पीने से भी अल्सर में राहत मिलती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने जाना पेट का अल्सर क्या है इसका कारण, लक्षण और Pet ke ulcer ka gharelu ilaj क्या है तथा Stomach ulcer अल्सर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए घरेलू नुस्खे क्या है। इस लेख के बारे में आपके कोई सुझाव या सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें ।

इस आर्टिकल में लिखी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवें।

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