Nagarmotha क्या है? जानें इसके फायदे औषधीय गुण और उपयोग

नागरमोथा क्या है, नागरमोथा के औषधीय उपयोग और फायदे [Nagarmotha ke fayde] नागरमोथा का सेवन कैसे, कब और किन रोगों में किया जाता है Nagarmotha oil के फायदे

नागरमोथा औषधीय गुणों से भरपूर एक पौधा होता है  Nagarmotha का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाने और भूख बढ़ाने के साथ-साथ अनेक रोगों से राहत दिलाने में Nagarmotha काफी फायदेमंद होता है। जानिए नागरमोथा क्या है Nagarmotha ke fayde और इसका उपयोग करने के तरीके

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अनुसार नागर मोथा का इस्तेमाल बुखार, पेट मे कीड़े, प्यास ज्यादा लगने, सूजन दूर करने, स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध वृद्धि करने जैसी अनेक स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता है। Nagarmotha कफ व पित्त से सम्बंधित रोगों से छुटकारा दिलाने के साथ साथ ब्लड शुद्धिकरण में भी सहायक होता है।

Nagarmotha ke fayde

नागरमोथा क्या है : Nagarmotha kya hai

इस नागरमोथा में सभी प्रकार के रोगों को जड़ से समाप्त करने के गुण पाए जाते हैं नगर के समीप जलीय स्थलों पर उत्पन्न होने के कारण ही इसे नागर कहते हैं। नागरमोथा की जड़ें मोटी, धरती के अंदर तथा भूमिशायिकाण्ड होती है।

नागरमोथा का वनस्पतिक नाम साइप्रस स्केरियसस होता है। इस में आने वाली बहुत तेज खुशबू के कारण इसका प्रयोग परफ्यूम, अगरबत्ती, साबुन आदि के साथ साथ कॉस्मेटिक उत्तपादों को बनाने में किया जाता है। नागरमोथा सभी प्रकार के उष्ण क्षेत्रों में तथा जलाशयों के पास पैदा होने वाली एक वनस्पति होता है।

इसकी लगभग 60 प्रजातियां उपलब्ध है यह एक प्रकार का घास जैसा पौधा होता है जोकि बेलनाकार, चिकना, पतला तथा 2 फुट से अधिक ऊंचाई तक का पौधा होता है। नागरमोथा की जड़ कंद के रूप में होती है जो भूरे काले रंग की सुगंधित होती है। इसकी जड़ से आसवन विधि के द्वारा तेल निकाला जाता है जिसके अनेक औषधीय प्रयोग होते हैं।

नागरमोथा के नाम : Name of Nagarmotha

नागरमोथा को अलग-अलग जगह पर भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। हिंदी में इसे नागरमोथा कहते हैं तथा संस्कृत में नागर मुस्तक, बंगाली में नागर मुस्ता, मराठी में मोथे, तमिल में कोरिकीकलगंगू, गुजराती में नागर मोथ, कन्नड़ में नागर मुस्ता तथा इंग्लिश में नट ग्रास (Nut grass) के नाम से जाना जाता है। नागरमोथा का वनस्पतिक नाम साइप्रस कसेरिओसस होता है यह साईप्रेसी कुल का सदस्य होता है।

Nagarmotha ke fayde / नागरमोथा के फायदे

यह स्वस्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है नागरमोथा का इस्तेमाल अनेक रोगों से बचने के लिए किया जाता है।

  • दूध बढ़ाने या दूध की शुद्धि हेतु नागरमोथा का प्रयोग किया जाता है।
  • महिलाओं में गर्भाशय से संबंधित समस्याओं में नागरमोथा काफी उपयोगी होता है।
  • नागरमोथा ज्वरनाशक होता है तथा यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है।
  • नागरमोथा का उपयोग थकान, कमजोरी, अतिसार, गला सूखने, मुंह में कड़वापन, फोड़े फुंसी, बवासीर जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में किया जाता है।
  • नागरमोथा के तेल का प्रयोग पायरिया रोग में किया जाता है, पायरिया रोग से संबंधित अधिकतर दवाओं में इस तेल का उपयोग होता है।
  • इसकी जड़ों Nagarmotha roots में मौजूद बेलेरियन मिर्गी रोग से छुटकारा दिलाने में मददगार होता है।
  • इसके अलावा नागरमोथा का उपयोग साबुन, अगरबत्ती, शैंपू हवन सामग्री, दंत मंजन आदि को बनाने में किया जाता है।

नागरमोथा के फायदे और औषधीय उपयोग : Nagarmotha benefits and uses in hindi

पेट सम्बंधी रोगों में नागरमोथा के फायदे

यह पेट संबंधी तमाम तरह के रोगों से आराम दिलाने में उपयोग होने के साथ-साथ पाचन शक्ति मजबूत करता है। नागरमोथा की जड़ के काढ़े का सेवन करने से डाइजेशन सिस्टम मजबूत होता है तथा पेट में होने वाले कीड़ों की समस्या से छुटकारा मिलता है। नागरमोथा का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम नियमित पीने से पेट दर्द की समस्या व दस्त से छुटकारा मिलता है।

गैस, एसिडिटी, पेट फूलने आदि के कारण होने वाले पेट दर्द से राहत दिलाने में नागरमोथा काफी फायदेमंद होता है। नागरमोथा पाचन अग्नि में सुधार करने में भी सहायक होता है।

जोडों के दर्द में नागरमोथा का प्रयोग

जोडों, मांसपेशियों, घुटनों व कमर दर्द की समस्या से राहत दिलाने में नागरमोथा बहुत ही उपयोगी होता है इसके लिए नागरमोथा की जड़ के चूर्ण का नियमित सेवन करने से कुछ ही दिनों में किसी भी प्रकार के दर्द से छुटकारा मिलता है तथा जोड़ व हड्डियां मजबूत होती है। इसके अलावा नागरमोथा की जड़ों से निकाला गया तेल भी दर्द से राहत दिलाने में उपयोगी साबित होता है।

शारीरिक कमजोरी दूर करने में नागरमोथा

शरीर में किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी, एनीमिया या खून की कमी आदि दूर करने में नागर मोथा को काफी उपयोगी औषधि माना जाता है। इसके लिए नागरमोथा की जड़ के चूर्ण से काढ़ा बना कर नियमित सेवन करने से लाभ मिलता है।

इसके अलावा नागरमोथा की जड़ों से बनाये गए पाउडर को शहद में मिलाकर चाटने से भी शरीर की ताकत में वृद्धि होती है और शरीर में ब्लड की मात्रा में भी वृद्धि होती है।

टाइफाइड बुखार में नागरमोथा

शरीर में होने वाला साधारण बुखार या टाइफाइड बुखार से राहत दिलाने में नागरमोथा बहुत लाभदायक होता है। इसके लिए नागरमोथा, पित्तपापड़ा, चिरायता सौंठ, गिलोय से काढ़ा बनाकर नियमित पीने से बुखार से राहत मिलती है। नागरमोथा के चूर्ण का कैप्सूल के उपयोग से भी बुखार की समस्या में राहत मिलती है।

त्वचा व बालों के लिए नागरमोथा

स्किन व बालों संबंधी तमाम तरह की समस्याओं से राहत दिलाने में नागरमोथा को काफी उपयोगी माना जाता है। नागरमोथा में एंटी एलर्जी व एंटी संक्रमण गुण मौजूद होने के कारण त्वचा संबंधी किसी भी प्रकार की समस्याओं से छुटकारा दिलाकर त्वचा को स्वस्थ रखने में Nagarmotha मददगार होता है। बालों के झड़ने या दो मुंहे बालों की समस्या में नागरमोथा का उपयोग करना बहुत फायदेमंद होता है।

दस्त की समस्या में नागरमोथा

अनियंत्रित पाचन तंत्र के कारण होने वाले लूज मोशन, डायरिया, वाटर मोशन आदि से राहत दिलाने में नागरमोथा बहुत उपयोगी होता है। यह दस्त को तुरंत कंट्रोल करने में मदद करता है तथा पाचन सिस्टम में सुधार करके मल को गाढ़ा करता है। इसके लिए आधा चम्मच नागरमोथा चूर्ण को भोजन करने के पश्चात् सुबह शाम सेवन करने से लाभ मिलता है।

नागरमोथा चूर्ण के फायदे : Nagarmotha powder ke fayde

इस पौधे के सभी हिस्सों में कुछ ऐसे रसायन मौजूद होते हैं जो इस पौधे को औषधि के रूप में खास पहचान दिलाते हैं। नागरमोथा में ट्राइटरपेनॉइड नामक रासायनिक यौगिक होने के कारण यह एंटीइंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) गुणों से भरपूर होता है।

इसलिए Nagarmotha का उपयोग गठिया रोग, डायबिटीज, वजन घटाने, कैंसर रोग से बचने, लीवर, आंतों, सूजन कम करने, पेट के कीड़ों आदि समस्याओं में किया जाता है। नागरमोथा का चूर्ण किसी भी तरह के बुखार, मलेरिया आदि से बचाने के साथ-साथ स्किन व बालों के लिए भी उपयोगी होता है।

Nagarmotha ke fayde

नागरमोथा तेल के फायदे : Nagarmotha oil ke fayde

नागरमोथा का तेल भी स्वास्थ्य के लिए काफी गुणकारी माना जाता है। यह पेट संबंधी समस्याओं, स्किन संबंधी समस्या, फोड़े-फुंसी, घाव आदि को ठीक करने में सहायक होता है। नागर मोथा का तेल एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरपूर होता है इसलिए यह दर्द, सूजन, मांसपेशियों व कोशिकाओं के लिए लाभदायक होता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद मददगार होता है।

Nagarmotha ka upyogनागरमोथा का उपयोग कैसे किया जाता है

नागर मोथा के उचित लाभ प्राप्त करने के लिए इसका सेवन उचित मात्रा में और सही तरीके से करना बहुत आवश्यक होता है। नागरमोथा (Nagarmotha powder) का उपयोग हमेशा चौथाई या आधा चम्मच की मात्रा में ही करना फायदेमंद होता है।

इसका सेवन करने के लिए नागरमोथा चूर्ण को शहद मिलाकर खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए तथा नागर मोथा से निर्मित कैप्सूल भी बाजार में उपलब्ध है इनको भी भोजन करने के पश्चात पानी के साथ सेवन करना लाभदायक होता है।

नागरमोथा से निर्मित तेल का उपयोग भी जोडों, स्किन व बालों संबंधी समस्याओं में किया जाता है इसके लिए नारियल के तेल में 4 से 5 बूंद नागर मोथा का तेल मिलाकर उपयोग करना फायदेमंद होता है।

FAQNagarmotha के बारे में पूछे जाने वाले सवाल

Q 1. नागरमोथा क्या काम करता है?

Ans इसका यानि नागरमोथा का उपयोग एक औषधि के रूप में किया जा सकता है। इसके सेवन से पाचन संबंधी समस्या दूर होने के साथ-साथ पेट के रोगों से बचाव, कब्ज तथा भूख बढ़ाने में यह उपयोगी होता है। बच्चों के पेट में कीड़ों की समस्या से भी नागरमोथा छुटकारा दिलाता है।

Q 2. क्या नागर मोथा बालों के लिए अच्छा है?

Ans नागरमोथा को बालों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है यह बालों को झड़ने से रोकने के साथ-साथ दो मुंहे बालों से छुटकारा दिलाता है। नागरमोथा बालों को मुलायम सॉफ्ट करने के अलावा यह सिर की स्किन को मॉइस्चराइजिंग करता हैं और गंजेपन से बचाने में मददगार होता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने जाना नागरमोथा क्या है तथा Nagarmotha का सेवन करने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ यानि Nagarmotha ke fayde कौन-कौन से हैं और इसका उपयोग कैसे किया जाता है तथा नागर मोथा किन किन रोगों में फायदेमंद होता है इस लेख के बारे में आपके कोई भी सुझाव या सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

दोस्तों हमीद करते हैं आपको यह लेख Nagarmotha ke fayde जरूर पसंद आया होगा इसलिए कमेंट करके अवश्य बताएं तथा इसलिए को अपने परिवार के लोगों में दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें।

-: लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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में श्रवण बिश्नोई Nirogi Health का Founder और एक Professional Blogger हूँ। में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित स्वास्थ्य से संबधित जानकारियां इस ब्लॉग पर नियमित Publish करता रहता हूँ।

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