Mushroom Benefits | शरीर के लिए क्यों फायदेमंद है मशरूम जानिए इसके 21 फायदे

शरूम खाने के फायदे और नुकसान (Mushroom health benefits and side effects in hindi)

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मशरूम बहुत ही पौष्टिक खाद्य पदार्थ है खुम्बी (Mushroom) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्वादिष्ट और विशेष महक के कारण एक महत्वपूर्ण खाद्य आहार है। भारत जैसे देश में जहां अधिकांश आबादी शाकाहारी है उनके लिए पोषण की दृष्टि से मशरूम का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मशरूम का प्रयोग मुख्यत सब्जी के रूप में किया जाता है लेकिन इसको और भी बहुत तरीको से पूरा साल प्रयोग किया जा सकता है। इसलिए अंत तक जरूर पढें क्योंकी मशरूम में शरीर के लिए सभी आवश्यक तत्व पूर्ण मात्रा में पाए जाते हैं। जानिए मशरूम के फायदे और नुकसान Mushroom benefits in hindi

निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में Mushroom के बारे में विस्तारपूर्वक जानेंगे क्योंकि आजकल अनियमित दिनचर्या और खानपान के कारण शरीर में प्रोटीन व आवश्यक पोषक तत्वों की कमी और अनेक प्रकार की बीमारियां होना आम ही हो गई है। इन सब से बचने के लिए हमे अपने खानपान और दिनचर्या में बदलाव करना ही होगा क्योंकि शरीर का स्वस्थ और निरोगी रहना बहुत आवश्यक होता है।

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मशरूम हमारी स्वस्थ रहने में मदद कर सकती है। यह पोषक तत्वों का भंडार है। इसलिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें क्योंकि मशरूम के बारे में जानने के लिए आपको इसको पढ़ने के बाद कही और नही जाना पड़ेगा क्योंकि इस लेख में Mushroom के बारे में विस्तार से बताया गया है।

मशरूम क्या है (What is mushroom)

यह एक सरल निम्न कोटि की वनस्पति है जिसे फफूद कहते हैं। Mushroom में क्लोरोफिल नहीं होता है यह अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते हैं। इसलिए इन्हें उगने या बढ़ने के लिए धूप की आवश्यकता नहीं होती, यह अपनी कार्बनिक आवश्यकताएं पौधों के अवशेषों या खाद से प्राप्त करते हैं। इसे विभिन्न जगहों पर भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है जैसे खुम्बी, ढींगरी, भूमि कवक, पफवाल्स, कुसुंबी, धरती का फूल, गोबर छत्ता आदि

पूरे विश्व में मशरूम प्रोटीन को वनस्पति प्रोटीन में श्रेष्ठ और पशु प्रोटीन जैसा उत्तम आहार माना गया है। यह प्रोटीन शाकाहारी श्रेणी में आता है। मशरूम एकमात्र ऐसा आहार है जो भारतीय आहार में प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकता है। प्रोटीन की गुणवत्ता उसमें उपस्थित अमीनो अम्ल पर निर्भर करती है जो शरीर की वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मनुष्य का शरीर नौ अमीनो अम्लों का निर्माण नहीं कर पाता है। यह नौ अमीनो अम्ल मशरूम में विशेष रूप से प्लुरोट्स सजर, काजू आयस्टर मशरूम में पाए जाते हैं। जिसकी तुलना अंडे के प्रोटीन से की जा सकती हैं। मशरूम में मौजूद इसके इन्ही गुणों के कारण इसको सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी और फायदेमंद माना जाता है इसलिए विस्तार से जानिए मशरूम के फायदे ( Mushroom health benefits) और नुकसान

मशरूम में पोषक तत्व (Mushroom nutrition)

इसमें सब्जियों और फलों की अपेक्षा 20 से 35% अधिक प्रोटीन पाया जाता है। यह अधिक मोटापे वाले व्यक्तियों, तनाव ग्रस्त व्यक्तियों व ह्रदय रोगियों के लिए वरदान स्वरूप है। क्योंकि इसमें कम कैलोरी, कम वसा, कम स्टार्च, कम कोलेस्ट्रोल व अधिक पोटेशियम व सोडियम पाया जाता है। मशरूम विटामिन बी का अच्छा स्रोत है। यह मानव शरीर की क्रियाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा मशरूम में फोलिक अम्ल और लौह तत्व भी पाया जाता है जो विशेषकर फलों व सब्जियों में उपलब्ध नहीं होता यह तत्व गर्भावस्था में व दूध पिलाने वाली महिलाओं में एनीमिया या खून की कमी से होने वाले रोगों को कम करता है।

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मशरूम में पाएं जाने वाले पोषक तत्वों का ब्यौरा (Mushroom nutrition value)

ताजा 100 ग्राम मशरूम में निम्न मुख्य तत्व (mushroom nutrition facts 100g) पाए जाते हैं

प्रोटीन               –             3.7 ग्राम

कार्बोहाइड्रेट       –             4.3 ग्राम

वसा                  –             0.8 ग्राम

रेशे                    –             0.8 ग्राम

ऊर्जा                  –             43 कैलोरी

केल्सियम            –            6 मि.ग्राम

लोहा                  –            1.5 मि. ग्राम

फास्फोरस           –            110 मि. ग्राम

विटामिन सी         –            12मि. ग्राम

फोलिक एसिड      –            24 मि. ग्राम

थायामिन              –            0.14 मि. ग्राम

नायासिन              –             2.4 मि. ग्राम

राइबोफ्लेविन         –            0.15 मि. ग्राम

नमी                     –            90 प्रतिशत

मशरूम में प्रोटीन की मात्रा ( Mushroom protein)

खुम्बी या मशरूम में अनाज, दालों, फल व सब्जियों की तुलना में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसमें वह सभी अमीनो अम्ल होते हैं जो एक मनुष्य के लिए आवश्यक होते हैं। इसका प्रोटीन दूध एवं मांस से प्राप्त होने वाले प्रोटीन से उच्च कोटि का होता है। अधिकांश मशरूम में 3.7 प्रतिशत प्रोटीन होता है। शुष्क मशरूम में 100 से 350 सौ ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है।

इसके प्रोटीन का पचनीयता गुण 70 से 80 प्रतिशत , जैविक मूल्य 89 प्रतिशत और प्रोटीन का शुद्ध उपयोग 75.1 प्रतिशत है, जो कि एक अच्छे प्रोटीन की पहचान है। दैनिक आहार में 100 ग्राम मशरूम को विभिन्न रूपों में शामिल कर कुपोषण को दूर किया जा सकता है।

मशरूम में अमीनो अम्ल (Mushroom Amino Acids)

इसके (Mushroom) प्रोटीन में 20 प्रकार के अमीनो अम्ल पाये जाते हैं जिनमें मुख्य है लाईसिन, मिथियोनिन, ट्रिप्टोफेन, वेलाइन, ल्युसिन, आइसोल्युसिन, हिस्टीडीन, फिनाइल एलेनिन, थियोनिन आदि। यह सभी मनुष्य के स्वास्थ्य यानी Good Health के लिए आवश्यक होते हैं।

अनाज वाली फसल में लाईसिन अम्ल नहीं होता, दालों में  मिथियोनिन एवं ट्रिप्टोफेन नहीं होता जबकि मशरूम में यह सभी उपस्थित रहते हैं। इसी कारण से कहा जाता है कि मशरूम Amino acids का भंडार होती है।

मशरूम में विटामिन (mushroom vitamins)

विटामिन की दृष्टि से मशरूम को फलों और सब्जियों से बेहतर माना जाता है। क्योंकि इसमें विटामिन B1 (थाइमिन), विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन), नियासीन, बायोटीन और एस्कार्बिक अम्ल, विटामिन सी आदि प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें पाया जाने वाला नियासिन त्वचा से सम्बंधित रोगों के निदान के लिए आवश्यक है।

इसके अलावा इसमें विटामिन K भी पाया जाता है जो बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसमें मौजूद विटामिन B बेरी-बेरी रोग के लिए लाभकारी है और विटामिन C दांतो के लिए लाभकारी होता है। इसलिए यह गर्भवती स्त्रियों व छोटे बच्चों के लिए भी बहुत गुणकारी होता है। बॉडी में विटामिन के की पूर्ति के लिए यह भी पढ़ें – क्यों शरीर के लिए जरूरी है मोरिंगा जानें इसके फायदे और उपयोग 

मशरूम में वसा (Mushroom Fat)

खुम्बी (Mushroom) में बहुत कम कैलोरी होने के कारण यह कम कैलोरी का भोजन है। इसमें वसा की मात्रा बहुत कम पाई जाती है। इसलिए मोटे लोगों के लिए मशरूम को एक उत्तम आहार माना जाता है। मशरूम शरीर में अतिरिक्त फैट को घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए यह बॉडी को सुंदर व सुडौल बनाने में मददगार होती है।

मशरूम में कार्बोहाइड्रेट (Mushroom carbohydrates)

इसमें स्टार्च व शक्कर की मात्रा कम होती है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करने में कार्बोहाइड्रेट महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए रक्तचाप, अधिक मोटापा वाले व डायबिटीज के मरीजों के लिए भी मशरूम का सेवन करना लाभकारी होता है।

मशरूम में खनिज लवण (Mushroom mineral salts)

मशरूम खनिज लवण का अच्छा स्रोत होती है। इसमें पोटैशियम, फास्फोरस, सोडियम, केल्शियम, मैग्निशियम भी पाए जाते हैं। इसके साथ ही सूक्ष्म पोषकों में कॉपर, जिंक, आयरन, मैग्नीज, मोलिब्डेनम और कैडमियम भी पाया जाता है। इसलिए यह बॉडी के लिए आवश्यक मिनरल्स की पूर्ति करने के साथ साथ यह हाइपरटेंशन वाले लोगों के लिए भी लाभदायक होती है।

मशरूम में रेशा (mushroom Fiber)

इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है। मशरूम में 4 से 27 प्रतिशत तक रेशा यानी Fiber पाया जाता है। भोजन में फाइबर की उपस्थिति आवश्यक होती है। यह पाचन तंत्र के लिए बहुत ही जरूरी होता है। साथ ही इससे कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।

मशरूम के औषधीय उपयोग (Mushroom health benefits in hindi)

ह्रदय रोग में मशरूम के फायदे

खुम्बी में वसा की मात्रा बहुत कम पाई जाती है। इसके साथ इसमें लिनोलेनिक अम्ल अधिक होने के कारण मशरूम का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में सहायता मिलती है। इसलिए खुम्बी का सेवन ह्रदय से सम्बंधित रोगों में लाभ पहुंचाने के साथ साथ हार्ट को मजबूती भी प्रदान करता है। दिल को स्वस्थ व हेल्दी रखने के लिए मशरूम का उपयोग फायदेमंद होता है। इसे पढें- ह्रदय रोग में आहार चार्ट

उच्च रक्तचाप में मशरूम के फायदे

मशरूम में कार्बोहाइड्रेट शर्करा और वसा बहुत ही कम मात्रा में पाए जाते हैं साथ ही पोटेशियम, सोडियम का अनुपात ऊँचा होने से उच्च रक्तचाप की समस्या में राहत दिलाने में यह बहुत ही उपयोगी मानी जाती है। इसलिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए खुम्बी का उपयोग करना फायदेमंद माना जाता है।

कोलेस्ट्रॉल में मशरूम के फायदे

मशरूम में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बिल्कुल ही ना के समान होती है। इसमें इरगेस्ट्रोल पाया जाता है जो शरीर द्वारा विटामिन डी में परिवर्तित हो जाता है। इसका नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रोल नियंत्रित रहता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल की समस्या से ग्रसित लोगों के लिए खुम्बी का उपयोग करना लाभकारी होता है। इसे पढें- हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

मधुमेह में मशरूम के फायदे

डायबिटीज के रोग को नियंत्रित करने में भी Mushroom बहुत ही कारगर औषधी मानी जाती है। इसमें शर्करा की अति सूक्ष्म मात्रा एवं रेशा उपस्थित होने के कारण यह मधुमेह में लाभदायक होती है और इसके सेवन से इंसुलिन की मात्रा भी कम हो जाती है। इन्ही कारणों से शूगर के रोगी को मशरूम का नियमित सेवन किसी भी रूप में करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह मधुमेह को नियंत्रित रखने में फायदेमंद होती है।

कब्ज में मशरूम के फायदे

इसमें उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है। साथ ही खुंबी पचने में बहुत ही आसान होती है क्योंकि मशरूम में भस्म व रैशा अधिक होने के कारण इसका सेवन करना पेट का अम्लीयपन व कब्ज जैसे रोगियों के लिए यह एक उत्तम आहार माना जाता है। प्रचुर मात्रा में फाइबर युक्त भोजन का नियमित तौर पर उपयोग कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद माना जाता है।

पाचन क्रिया को मजबूत करने में मशरूम

मशरूम पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में बहुत ही कारगर होती है। क्योंकि इसमें ट्रिप्सिन नामक एंजाइम की मात्रा भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है जो आँतो को मजबूती प्रदान करने के साथ साथ अमाशय की कार्य क्षमता को बढ़ाने में भी मददगार होता है। साथ ही यह पाचन शक्ति को मजबूत या ठीक करने में सहायक है।

एनीमिया या खून की कमी में मशरूम के फायदे

शरीर में होने वाली खून की कमी या एनीमिया जैसे रोगों में मशरूम का सेवन लाभदायक माना जाता है। इसमें लौह तत्व कम उपस्थित होता है। परंतु मशरूम में जो फोलिक एसिड लौह तत्व पाया जाता है वह खून में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने या सही बनाए रखने में सहायक होता है। इसके कारण खुम्बी का नियमित सेवन करना खून की कमी व एनीमिया रोग में फायदेमंद होता है।

जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द में मशरूम के फायदे

शरीर की मांसपेशियों व जोड़ों में होने वाली किसी भी प्रकार की दर्द की समस्या से राहत दिलाने में भी मशरूम मददगार साबित होती है। जॉइंट पैन व मांशपेशियों की मजबूती के लिए प्लुरोट्स आस्ट्रीएट्स आयस्टर मशरूम बहुत उपयोगी मानी जाती है। खुम्बी बच्चों की मांशपेशियों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

वजन घटाने में मशरूम के फायदे

मशरूम बढ़ते हुए वजन को कम करने या इसे नियंत्रित रखने में मददगार मानी जाती है। क्योंकि मशरूम में एन्टी-ओबेसिटी (anti-obesity) गुण होते हैं जो शरीर के वजन को बढ़ने से रोकने या कम करने में बहुत फायदेमंद होते हैं। साथ ही लौ फैट के साथ उच्च डाइटरी फाइबर और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन युक्त मशरूम वेट लॉस करने के लिए एक उत्तम आहार माना जाता है। इसे पढें- वजन घटाने के लिए डाइट प्लान

त्वचा के लिए मशरूम के फायदे

इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल्स गुण पाए जाते हैं जो त्वचा पर कील मुहांसों, पिम्पल्स या ब्लैकहेड्स का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकने में मददगार होते हैं। इसमें मौजूद इन्ही गुणों व कारणों से मशरूम का उपयोग करने से त्वचा संबंधी रोगों का उपचार करने में मदद मिलती है।

इसके अलावा मशरूम के अर्क में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी एंजिग गुण भी पाए जाते हैं इनके कारण Mushroom त्वचा को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली समस्या से बचाने में भी लाभदायक मानी जाती है।

कैंसर व एड्स में मशरूम के फायदे

मशरूम में पाए जाने वाले पोलिसेकेराइड्स एवं अन्य प्रतिरोधी तत्वों के कारण यह कैंसर और एड्स रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। जापान के वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए शोध में पाया गया कि मशरूम में कैंसर व एड्स नियंत्रण के लिए विशेष तत्व होते है। इसलिए इन रोगों से बचने या इनसे ग्रसित लोगों के लिए खुम्बी का सेवन करना (Mushroom uses) फायदेमंद होता है।

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मशरूम के अन्य उपयोग (Mushroom Uses)

मांसाहार का प्रयोग हृदय रोग, गुर्दे के रोग एवं मधुमेह में करना वर्जित है। इसलिए इनके स्थान पर मशरूम का प्रयोग किया जा सकता है। इसके और बहुत से उपयोग हैं जैसे

  • हृदय रोगियों की आहार योजना में मशरूम को शामिल करना उपयोगी माना जाता है क्योंकि यह शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर रक्त संचार को बढ़ाता है।
  • मशरूम गर्भवती महिलाओं, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था तक सभी चरणों में अत्यंत उपयोगी माना गया है। इस में पाए जाने वाले प्रोटीन, मिनरल्स, विटामिन, खनिज, वसा तथा कार्बोहाइड्रेट कुपोषण से बचाते हैं और शरीर का विकास करने में उपयोगी होते हैं।
  • मशरूम का नियमित तौर पर सेवन करने से पीलिया तथा दमे के रोगियों को भी फायदा मिलता है।
  • शर्करा व कोलेस्ट्रोल की कम मात्रा, सुपाच्य, रेशों की बहुलता व पौष्टिक होने के कारण वृद्धावस्था के लिए यह एक उत्तम आहार है। साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्वों के कारण यह बुढापा रोकने में भी मददगार है।
  • इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होगा तो रोगों से काफी हद तक बचे रह सकते हैं।
  • मशरूम में कुछ ऐसे एंटीवायरल प्रभाव पाए जाते हैं जो इनफ्लुएंजा फैलाने वाले वायरस की वृद्धि को रोकता है।
  • मशरूम की लेन्टिनस इडोडस प्रजाति में पानी में घुलनशील पॉलीसैकराइड पाया जाता है जिसमें एंटीट्यूमर गुण होते हैं इसलिए यह ट्यूमर से बचाव के लिए भी उपयोगी होती है।
  • कुपोषण की समस्या से लड़ने के लिए मशरूम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मशरूम आवश्यक प्रोटीन को सफेद रक्त कोशिकाओं में बदल देता है जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। इसके सेवन से ऐसे प्रोटीन की भी पूर्ति होती है जो हमें सामान्य भोजन से हासिल नहीं हो सकता है। इसके साथ ही मशरूम में विटामिन सी भी पाया जाता है जो शरीर के लिए आवश्यक विटामिन है।

मशरूम में पाए जाने वाले पोषक तत्व, Mushroom के अध्भुत फायदे और औषधीय गुणों के बारे में जानने के बाद जानते हैं मशरूम का उपयोग करने से होने वाले नुकसान कौनसे है।

मशरूम के नुकसान (Mushroom side effects)

मशरूम के सेवन से स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए इसका सेवन उचित मात्रा और सही जानकारी के साथ करना चाहिए अगर गलत तरीके से इसका सेवन किया जाए तो नुकसान भी हो सकते हैं जैसे

  • कुछ मशरूम जहरीली भी पाई जाती है इसलिए मशरूम का सेवन करने से पहले इसके बारे में उचित जानकारी अवश्य ले लेनी चाहिए।
  • मशरूम का सेवन हमेशा ताजा और अच्छे मशरूम का ही करना चाहिए क्योंकि फंगस लगे मशरूम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
  • कुछ लोगों को मशरूम का सेवन करने से एलर्जी हो सकती है। इसलिए जिन लोगों को एलर्जी की समस्या हो उनको इसका सेवन करने से बचना चाहिए या सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

मशरूम से विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार किये जा सकते हैं जो इसके इस्तेमाल करने की अवधि को तो बढ़ाता ही है साथ ही यह शरीर के लिए उतने ही उपयोगी होते हैं। इसलिए मशरूम रेसिपी जानने के लिए यह लेख “मशरूम का सेवन करने के अद्भुत तरीके” पढ़ सकते हैं।

FAQ :- मशरूम के बारे पूछे जाने वाले सवाल

Q 1. कौन सा मशरूम खाना चाहिए ?

Ans वैसे तो किसी भी मशरूम को खाया जा सकता है। क्योंकि जहरीली मशरूम की खेती नहीं की जाती इसलिए खरीद कर या खेती करके कोई भी मशरूम खा सकते हैं। लेकिन अपने आप उगने वाले मशरूम को खाने से पहले उचित जानकारी अवश्य करें।

Q 2. मशरूम का उपयोग कैसे करें ?

Ans इसका उपयोग करने की सभी विधियां ऊपर बताई गई है। इसके अलावा इस को पानी में भिगोना नहीं चाहिए क्योंकि यह पानी सोख लेती है जिसके कारण पकाते समय इसका कलर चेंज हो जाता है और इसके गुण और स्वाद भी कम हो जाता है।

Q 3. क्या मशरूम शाकाहारी होता है ?

Ans मशरूम बहुत प्रकार के होते हैं लेकिन भारत में ज्यादातर बटन मशरूम की खेती होती है। मशरूम को शाकाहारी या मांसाहारी कहना उचित नहीं है क्योंकि यह एक प्रकृति की देन है इसलिए इसे मांसाहारी नहीं कहा जा सकता है।

Q 4. मशरूम कितने प्रकार के होते हैं ?

Ans भारत में ज्यादातर बटन मशरूम ही मिलता है लेकिन आजकल दूसरे भी कई प्रकार के मशरूम की खेती की जाने लगी है जैसे गैनोडर्मा, पिंक इयोन, ढींगरी, आदि । आपको बताना चाहूंगा दुनिया मे 14 हजार और भारत मे 25 से 30 प्रकार की मशरूम  उपजाई जाती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

मशरूम एक संपूरक आहार है इसका किसी भी प्रकार से सेवन करने से शरीर स्वस्थ व निरोगी रहता है और इसके शरीर में किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते है।

इस आर्टिकल में हमने जाना मशरूम क्या है इसके औषधीय गुण, मशरूम में न्यूट्रिशन तथा इसके स्वास्थ्य लाभ, मशरूम खाने के फायदे और नुकसान और इसका उपयोग करने से किन किन बीमारियों से बचा जा सकता है। इस लेख को पढ़ने के बाद अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो Comment में जरूर लिखें।

यह लेख Mushroom के फायदे, औषधीय गुण और नुकसान (Mushroom benefits in hindi) आपको कैसा लगा कमेंट करके अवश्य बताएं और पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर भी करें ताकि इस प्रोटीन व पोषक तत्वों से भरपूर पौष्टिक आहार के बारे में अधिक से अधिक लोगों तक उचित जानकारी पहुँच सकें।

-: इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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