लेमनग्रास के फायदे और नुकसान | Lemongrass Benefits in hindi

नींबू घास के उपयोग फायदे और नुकसान (Lemongrass ke fayde aur nuksan)

लेमनग्रास (Lemongrass) अथवा नींबू घास को सिम्बोपोगान सिट्रल फ्लैक्सुओसस के नाम से जाना जाता है। लेमनग्रास में बहुत से औषधीय गुण होते है। लेमनग्रास स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद (Lemongrass Benefits of health) औषधि है। इस लेख जानेंगे लेमनग्रास क्या है, लेमनग्रास में न्यूट्रीशन और लेमनग्रास कितने प्रकार का होता है तथा लेमनग्रास के औषधीय उपयोग और लाभ (Lemongrass Benefits) व lemongrass का सेवन करने से किन किन बीमारियों में फायदा होता है जानिए लेमनग्रास के फायदे और नुकसान  lemongrass ke fayde in hindi

नींबू घास में एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल तथा एंटीबायोटिक्स गुणों के कारण इसका उपयोग अनेक रोगों में औषधि के रूप में किया जाता है। भारत के कई भागों में इसकी व्यवसायिक स्तर पर खेती की जाती रही है।

वर्तमान में इसकी विधिवत खेती केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आसाम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र राज्य में की जाती है। मध्य प्रदेश की जलवायु इसके लिए सर्वाधिक अनुकूल मानी जाती है। इसमें नींबू की सुगंध आने के कारण इसको लेमनग्रास कहते है।

लेमनग्रास में औषधीय गुण (Lemongrass nutrition in hindi)

नींबू घास (Cymbopogon flexusous) में विटामिंस जैसे विटामिन ए, विटामिन बी1 (थायमीन), विटामिन बी2 (राइबोफ्लेविन), विटामिन बी3 (नियासिन), विटामिन बी5 (पैंटोफेनिक एसिड), विटामिन बी6 (पाईरिडॉक्सिन) तथा विटामिन सी पाया जाता है।

इसके साथ ही लेमनग्रास में फोलेट, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, मैग्नीज, जस्ता, लोहा, तांबा आदि आवश्यक खनिज तत्वों की भी मात्रा पाई जाती हैं जोकि शरीर के लिए आवश्यक तत्व माने जाते हैं। इसलिए आयुर्वेद में Lemongrass को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है।

लेमनग्रास के प्रकार (Tipe of lemongrass in hindi)

मुख्यतया नींबू घास की तीन प्रजातियां पाई जाती है। तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से तीनों ही प्रजातियां महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि सभी में भी बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। लेमनग्रास की निम्नलिखित प्रजातियां अधिकतर पाई जाती है जैसे

सिम्बोपोगान फ्लैकसुओसस

इस प्रजाति का प्राप्ति स्थान मालाबार तट माना जाता है तथा अब भारत में इसकी काफी अधिक खेती की जाती है। इस प्रजाति की lemon ghaas का औषधीय प्रयोग भी अधिक होता है। तथा स्वास्थ्य के लिए यह फायदेमंद (lemongrass benefits) होता है।

सिम्बोपोगान सिट्रस

लेमनग्रास की इस दूसरी मुख्य किस्म का प्राप्ति स्थान दक्षिणी पूर्वी एशियाई देश है। वर्तमान समय में इसकी खेती मुख्यतः मेडागास्कर, कैमरून द्वीप समूहों, ब्राजील, चीन, तथा इंडोनेशिया में की जाती है।

सिम्बोपोगान पैंडुलुस

लेमनग्रास की एक अन्य तीसरी प्रजाति को जम्मू लेमनग्रास कहते हैं। इस प्रजाति का उपयोग लेमन ग्रास तेल की प्राप्ति के लिए किया जाता है। वर्तमान में भारत तथा ग्वाटेमाला लेमनग्रास तेल के प्रमुख उत्पादक देश है। इसके अलावा चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया, थाईलैंड तथा श्रीलंका में भी लेमन ग्रास तेल का उत्पादन होता है।

लेमनग्रास के औषधीय उपयोग और फायदे (Lemongrass benefits of health in hindi)

इम्युनिटी बढ़ाने में लेमनग्रास के फायदे

यह शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में सहायक होती है। जिसके कारण इसका सेवन करने से शरीर को सभी न्यूट्रीशन (औषधीय गुण) की प्राप्ति होती है और शरीर को बीमारियों व संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है तथा शरीर स्वस्थ व हैल्दी रहता है। इसलिए नींबू घास शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में फायदेमंद मानी जाती है।

वजन घटाने में लेमनग्रास के फायदे

नींबू घास में सिट्रल पाया जाता है जोकि वजन घटाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण घटक होता है तथा यह मोटापा कम करने में भी बहुत प्रभावशाली माना जाता है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को भी स्वस्थ रखने में मददगार होता है और शरीर में फैटी एसिड के ऑक्सीकरण को भी बढ़ाने में यह सहायक होता है। जिससे शरीर का वजन नियंत्रित रहता है।

यह पेट की वसा के संचय को रोकता है। लेमनग्रास की चाय पीने से भी शरीर का वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है। वजन घटाने के लिए आहार चार्ट जानने के लिए यह पढें-

त्वचा के लिए लेमनग्रास के फायदे

इसमें पाए जाने वाले एंटीसेप्टिक गुणों के कारण त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में लेमनग्रास फायदेमंद (Lemongrass benefits) होता है।

स्किन संबंधी समस्याओं के लिए लेमनग्रास का उपयोग पानी में उबालकर करने या लेमन ग्रास तेल का स्किन पर लगाने के लिए प्रयोग करने से स्किन संबंधी समस्याएं जैसे स्किन इंफेक्शन, तैलीय त्वचा, कील मुंहासे, ब्लैकहेड्स, पिम्पल्स आदि समस्याओं से छुटकारा मिलता है। यह त्वचा के उतको को मजबूत करने के साथ-साथ रोम छिद्रों को टोन करने में भी मदद करता है।

मधुमेह रोग में लेमनग्रास के फायदे

नींबू घास या Lemongrass टाइप 2 डायबिटीज के उपचार में भी फायदेमंद होती है क्योंकि इसमें पाए जाने वाले सिट्रल के कारण यह इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित बनाए रखता है। और शरीर में ग्लूकोज के स्तर को अवशोषण करता है।

इसके लिए नियमित लेमनग्रास की पत्तियों की चाय या इनको पानी में उबालकर पीने से मधुमेह रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। मधुमेह के लिए डाइट प्लान के लिए यह पढें-

माइग्रेन में लेमनग्रास के फायदे

इसमें पाई जाने वाली हाइड्रो फाइटोन्यूट्रिएंट्स रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मददगार होता है। साथ ही इसमें मौजूद एनाल्जेसिक गुणों के कारण इसके सेवन से सामान्य सिर दर्द व माइग्रेन या इसके कारण सिर दर्द की समस्या को कम करने में भी यह मदद करता है।

इसके अलावा यह घास मस्तिष्क की मांशपेशियों को भी स्वस्थ रखने के फायदेमंद होता है। यह मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मददगार होता है जिससे नींद अच्छी आती है और मन शांत रहता है।

स्किन इंफेक्शन में लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास के एंटीसेप्टिक गुणों के कारण यह त्वचा के संक्रमण से बचाती है तथा इसमें पाए जाने वाले एंटी फंगल व एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह दाद, खाज, खुजली तथा स्किन इंफेक्शन के उपचार में बहुत उपयोगी होता है। यह त्वचा के रोगाणुओं के संक्रमण से बचाने में भी मददगार होता है।

इसके लिए नहाने के पानी में लेमन ग्रास तेल डालकर नहाना फायदेमंद होता है। साथ इसको पानी में उबालकर पीन भी स्किन के लिए फायदेमंद होता है।

जुखाम बुखार में लेमनग्रास के फायदे

यह बुखार को कम करने में भी सहायक है तथा सर्दी, खांसी, जुखाम, गले मे संक्रमण आदि मौसमी बीमारियों में भी लेमनग्रास बहुत उपयोगी माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले अत्यंत लाभकारी घटकों के साथ-साथ इसमें विटामिन सी भी होता है जो बंद नाक, गले में खराश, फ्लू  छाती में जकड़न, अस्थमा व श्वसन विकारों जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है।

इसके लिए लेमनग्रास की चाय व तेल का उपयोग करना उपयोगी माना जाता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल में लेमनग्रास के फायदे

लेमन ग्रास शरीर में स्वस्थ कोलेस्ट्रोल के स्तर को सामान्य रखने में भी मददगार है। लेमन ग्रास के नियमित सेवन से ट्राइग्लिसराइड्स के स्वस्थ स्तर को सामान्य रखने और शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद मिलती है। तथा इसके सेवन से रक्त वाहिकाओं में रुकावट व लिपिड के संचय को रोकने में भी मदद मिलती है और धमनियों में रक्त संचार को बढ़ावा मिलता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण कारण और उपाय के लिए यह पढें-

कैंसर रोग से बचाने में लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास में मौजूद एंटी कैंसर गुण स्किन कैंसर की समस्या से बचाने में लाभकारी होते हैं। लेमनग्रास में पाया जाने वाला मुख्य घटक सिट्रल प्राथमिक चरण के लिवर कैंसर कोशिकाओं के उत्पादन को रोकने में सहायक होता है। यह शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित किए बिना कैंसर की कोशिकाओं के उत्पादन को कम करने और कैंसर से बचाव व उपचार में नींबू घास बहुत फायदेमंद (Lemongrass benefits) होता है।

लेमनग्रास के उपयोग (Lemongrass ke upyog)

नींबू घास की व्यवसायिक खेती तेल की प्राप्ति के लिए ही की जाती है। इसकी पत्तियों को आसवित करके तेल निकाला जाता है। इसके तेल का मुख्य घटक सिट्रल होता है। नींबू घास के तेल में 80 से 90% तक सिट्रल पाया जाता है। सिट्रल नामक तत्व की उपस्थिति से इसमें नींबू जैसी तीक्ष्ण सुगंध होती है। इसे चाइना ग्रास, पूर्वी भारतीय नींबू घास, मालाबार घास अथवा कोचीन घास भी कहते हैं।

  • लेमनग्रास की सूखी पत्तियों का उपयोग चाय में डालने हेतु किया जाता है। इसकी पत्तियों में एक मधुर, तेज व तीक्ष्ण गंध होती है। जिन्हें चाय में डालकर उबालकर पीने से शरीर में ताजगी, स्फूर्ति आने के साथ सर्दी से भी राहत मिलती है।
  • इसके तेल में उपस्थित सिट्रल से अल्फा-आयोनोन तथा बीटा-आयोनोन तैयार किए जाते हैं। बीटा-आयोनोन-ओ को आगे संश्लेषित करके विटामिन ए तैयार किया जाता है। जिसका विभिन्न दवाओं के निर्माण में उपयोग किया जाता है। अल्फा-आयोनोन से गन्ध द्रव्य एवं अन्य कई सुगंध रसायन संश्लेषित किए जाते हैं। जिसका उपयोग उच्च कोटि के इत्रों के निर्माण में किया जाता है।
  • अधिकांशत नींबू की खुशबू तथा नींबू की ताजगी वाले साबुनों का मुख्य घटक सिट्रल ही होता है। वर्तमान में भारत तथा अन्य देशों में इसकी निरंतर मांग बढ़ रही है जिससे इसके मूल्यों में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि हुई है।
  • वर्तमान समय में भारतवर्ष में इसका लगभग 600 टन तेल का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है। जबकि संपूर्ण विश्व में लेमन ग्रास तेल का उत्पादन लगभग 1300 टन प्रतिवर्ष है। भारत प्रतिवर्ष लगभग 70 टन लेमन ग्रास तेल का निर्यात करता है।

लेमन ग्रास के नुकसान (Side effects of lemongrass in hindi)

इसके स्वस्थ लाभ व फायदों (lemongrass benefits in hindi) के साथ साथ नींबू घास के कुछ नुकसान भी होते हैं इसलिए इसके प्रयोग करने से पहले कुछ सामान्य जानकारी या सावधानियां रखनी भी जरूरी होती है।

  • जिन लोगों को लेमनग्रास का सेवन करने से सीने में दर्द, जलन, त्वचा में खुजली, सूजन जैसी समस्या हो उनको लेमन ग्रास का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • लेमन ग्रास का सेवन करने से किसी किसी को एलर्जी की समस्या हो सकती है उनको इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किडनी व लिवर रोग से पीड़ित रोगियों को इसके सेवन से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
  • हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों का भी इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना लेमनग्रास क्या है Lemongrass ke fayde इसके औषधीय गुण और लेमनग्रास कितने प्रकार का होता है तथा लेमनग्रास के औषधीय उपयोग और नींबू घास के फायदे और नुकसान (lemongrass benefits and side effects) क्या है। इस लेख के बारे में आपके कोई सुझाव या सवाल हो तो नीचे कमेंट में पूछ सकते है। यह आर्टिकल नींबू घास के फायदे (Lemongrass Benefits in hindi) आपको कैसा लगा यह भी कमेंट करके जरूर बताएं और पोस्ट को शेयर जरूर करें।

इन्हें भी पढें-

Share This Product

Leave a Comment