High blood pressure : हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण, कारण और उपचार

हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू उपाय : Natural remedies for high blood pressure in hindi

उच्च रक्तचाप (High BP) एक गंभीर बीमारी है इसको High blood pressure या Hypertension (हाइपरटेंशन) के नाम से भी जाना जाता है। आज के समय भारत में इस बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ते जा रहे हैं इंडिया की कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा High blood pressure की समस्या से ग्रसित है।

इस लेख में जानेंगे हाई ब्लड प्रेशर क्या है इसके लक्षण, कारण और उच्च रक्तचाप के घरेलू उपचार कौन-कौन से हैं तथा हाई ब्लड प्रेशर होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए व हाई बीपी का घरेलू इलाज (High blood pressure treatment in hindi) क्या है। आइये जानते है

उच्च रक्तचाप क्या है : What is high blood pressure in hindi

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या (Hypertension problem) आजकल एक समस्या बनती जा रही है। हमारे शरीर में धमनियों के जरिए रक्त पहुंचाने का काम ह्रदय का होता है और धमनियों में इस रक्त के प्रवाह के लिए एक निश्चित दबाव की आवश्यकता होती है। लेकिन जब यह दबाव कम या ज्यादा हो जाता है तो शरीर की रक्त वाहिनियों पर अधिक दबाव बढ़ने लगता है।

दबाव बढ़ने के कारण धमनियों मे ब्लड का प्रवाह बनाए रखने के लिए हार्ट को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है। तो इस स्थिति में लो ब्लड प्रेशर या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है।

High blood pressure in hindi / हाई ब्लड प्रेशर से कैसे बचें 

उच्च रक्तचाप High blood pressure की बीमारी से बचने के लिए कुछ सावधानियां व घरेलू उपाय के साथ-साथ दिनचर्या में भी सामान्य से बदलाव करने जरूरी होते हैं जिससे इस समस्या से आसानी से बचा जा सके।

  1. शरीर का वजन कंट्रोल रखें
  2. भरपूर नींद लें
  3. अत्यधिक तनाव आदि से बचें
  4. नियमित योग वह व्यायाम करें
  5. धूम्रपान करने से बचना चाहिए
  6. अपने आहार में पोटेशियम युक्त भोजन का सेवन करें
  7. शुगर, रिफाइंड, सोडियम व प्रोस्टेट फूड कम खाने चाहिए
  8. अल्कोहल या कैफीन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए

उच्च रक्तचाप के कारण (Blood pressure high hone ke karan)

हाई बीपी की समस्या होने का मुख्य कारण हमारा अनुचित खानपान और अनियंत्रित जीवनशैली को माना जाता है। जब अनियंत्रित खान-पान के कारण शरीर में वसा की मात्रा बढ़ने लगती है तो उच्च रक्तचाप (High blood pressure) की समस्या उत्पन्न होने लगती है। इस समस्या के और भी बहुत से कारण हैं जैसे

  • अत्यधिक तनावग्रसित रहने के कारण
  • शारीरिक एक्टिविटीज, योग, व्यायाम न करने के कारण
  • ज्यादा नमक या अधिक नमकीन चीजों के सेवन करने के कारण
  • अधिक मसालेदार व तेलीय खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने के कारण
  • धूम्रपान या शराब का अधिक सेवन करने के कारण
  • अधिक मोटापा भी उच्च रक्तचाप का एक कारण होता है।

उच्च रक्तचाप के लक्षण (High blood pressure ke lakshan)

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों पर भी इसका विपरीत प्रभाव पढ़ने लगता है और High BP की समस्या में ह्रदय के साथ-साथ अन्य अंगों की कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है। शरीर में उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की समस्या होने पर अनेक लक्षण उत्पन्न होने लगते हैं जैसे

  • सीने में दर्द, थकान, कमजोरी, सुस्ती, सिर में तेज दर्द होना
  • गुस्सा अधिक आना, चिड़चिड़ापन या तनावग्रस्त रहना
  • घबराहट या सांस लेने में परेशानी होगा
  • पैरों का सुन्न होना या हाथों में झुनझुनी होना
  • आंखों से धुंधला दिखाई देना
  • सीने में दर्द के साथ-साथ जकड़न व भारीपन महसूस होना

उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के घरेलू उपाय : Home remedies for high blood pressure

high blood pressure treatment in hindi

दालचीनी का उपयोग

आयुर्वेद के अनुसार दालचीनी उच्च रक्तचाप (High blood pressure) को नियंत्रित करने की सबसे कारगर दवा मानी जाती है। दालचीनी का प्रयोग हर घर में मसालों के रूप में किया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है।

दालचीनी हृदय रोगों से बचाने के साथ-साथ डायबिटीज में भी फायदेमंद होती है। हाई बीपी कंट्रोल करने के लिए नियमित सुबह खाली पेट एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर सेवन करना तथा ऊपर से गुनगुना पानी पीना लाभकारी होता है।

लहसुन का उपयोग

लहसुन का प्रयोग सब्जियों में तड़का लगाने के लिए हर घर में किया जाता है। लहसुन स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। इसलिए इसका सेवन शरीर को अनेक रोगों से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मददगार होता है।

लहसुन में बायो एक्टिव सल्फर योगिक, एस-एललिससिस्टिन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर के लेवल को कम करने में मददगार होते हैं। सुबह खाली पेट लहसुन की कलियों को चबाकर खाने और शहद चाटने से High blood pressure के साथ हृदय रोगों से बचा जा सकता है।

इसे भी पढ़ें- लहसुन के फायदे और औषधीय गुण क्या है 

मेथी के सेवन

मेथी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होती है। इसका नियमित सेवन करने से हैल्दी रहने के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए अनेक प्रकार के फायदे होते हैं। उच्च रक्तचाप की समस्या से छुटकारा पाने के लिए मेथी दाना को रात भर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना लाभदायक होता है।

इसके अलावा 3 ग्राम मेथी दाना पाउडर सुबह-शाम पानी के साथ नियमित खाने से हाई बीपी में लाभ मिलता है। मेथी के रोजाना सेवन करने से ह्रदय मजबूत होने के साथ साथ ह्रदय सम्बंधी रोगों में भी फायदा होता है।

आंवला जूस का सेवन

आंवला शरीर का वजन नियंत्रित रखने और डाइजेशन सिस्टम को मजबूत करने में मददगार होता है। उच्च रक्तचाप की समस्या होने पर सुबह-शाम नियमित आंवला रस में शहद मिलाकर सेवन करने से फायदा होता है।

आंवला में शरीर के लिए आवश्यक बहुत से पोषक तत्व मौजूद होते है। इसमें विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आँवला में मौजूद इन्ही तत्वों के कारण यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के साथ साथ दिल के रोगों से बचाने और High blood pressure को नियंत्रित करने में फायदेमंद होता है।

काली मिर्च का उपयोग

काली मिर्च का सेवन करने के बहुत से स्वास्थ्य लाभ होते हैं अगर बीपी बढ़ा हुआ (High blood pressure) हो तो गुनगुने पानी में आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर घोलकर उसे दो दो घण्टों के अंतराल से थोड़ा-थोड़ा सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है।

इसका लगातार कुछ समय सेवन करने से हाई बीपी की समस्या से छुटकारा मिलता है और दिल स्वस्थ व मजबूत होता है।

करेले का सेवन

करेले का किसी भी रूप में सेवन करना उच्च रक्तचाप के साथ-साथ हृदय रोगों से बचाने में भी फायदेमंद होता है। क्योंकि करेला ह्रदय सम्बंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में रामबाण औषधि माना जाता है। यह हानिकारक वसा को रक्त धमनियों मे जमने से रोकता है। जिससे धमनियों में रक्त संचार सुचारू रूप से बना रहता है।

इसलिए करेले का जूस या किसी भी रूप में सेवन करने से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है और बी पी (High blood pressure) कंट्रोल रहता है।

नींबू का सेवन

नींबू में पोटेशियम पाया जाता है। इसलिए इसके सेवन से बीपी बढ़ने के कारण होने वाली घबराहट या अधिक पसीना आना जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नींबू में हृदय को मजबूत करने के विशेष गुण पाए जाते हैं।

इसके नियमित सेवन से शरीर की धमनियों में लचीलापन तथा कोमलता आती है। नींबू पानी का नियमित सेवन करने से High blood pressure या हाइपरटेंशन तथा हार्ट के रोगों को दूर करने के साथ-साथ हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करने में मददगार होता है।

इसे भी पढ़ें—नींबू के औषधीय गुण और फायदे क्या है

अनार का सेवन

अनार पोषक तत्वों का खजाना होता है। इसलिए इसका सेवन हर बीमारी को दूर करने में लाभदायक होता है यह बहुत ही पौष्टिक फल होता है।

अनार खून को साफ करके खून के बहाव को सुचारू रखने व रक्त वाहिनियों को कोमल रखने में मददगार होता है। इसके सेवन से हाई बीपी को नियंत्रित रखा जा सकता है तथा यह ह्रदय रोगों में भी लाभकारी माना जाता है।

चुकंदर का सेवन

चुकंदर एक बहुत ही बेहतरीन फल होता है इसमें पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। चुकंदर नाइट्रेट्स का अच्छा स्रोत होता है इसका नियमित सेवन करने से यह नाइट्राइट्स और गैस नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है।

यह दोनों तत्व रक्त वाहिनीयों को चौड़ा करने और ब्लड प्रेशर को कम करने में मददगार होते हैं इसमें ब्लड प्रेशर को कम करने के गुण पाए जाते हैं।

इसे भी पढ़ें- चुकंदर के फायदे और उपयोग क्या है

हाई ब्लड प्रेशर से बचने के उपाय : High blood pressure prevention in hindi

उच्च रक्तचाप (High BP Problem) की समस्या से बचने के लिए व्यक्ति को अपने शरीर का वजन हमेशा नियंत्रित रखना चाहिए क्योंकि वजन बढ़ने के कारण यह समस्या अधिक होती है। इस समस्या से बचने या छुटकारा पाने के और भी उपाय व सावधानियां है जैसे

  • नियमित योग व्यायाम, शारीरिक एक्टिविटीज तथा 20 से 25 मिनट की सैर करने से इस समस्या से बचने में मदद मिलती है।
  • स्वस्थ रहने के लिए हमेशा स्वस्थ व संतुलित आहार जैसे मौसमी फल सब्जियां साबुत अनाज तथा कम फैट वाले खाद्य या पेय पदार्थों के सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के रोगी को अपनी नियमित डाइट में कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए।
  • सूखे मेवों में अखरोट बादाम व पिस्ता का नियमित सेवन हाई बीपी को नियंत्रित करने में सहायक होता है।
  • सुबह उठते ही खाली पेट नियमित लहसुन की दो कलियों को चबाकर खाने से भी हृदय रोगों से बचने के साथ-साथ हाई बीपी भी कंट्रोल होता है
  • उच्च रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए चाय और कॉपी का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए क्योंकि इनका अधिक सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है।
  • इस समस्या से बचे रहने के लिए हमेशा भरपूर नींद लेनी चाहिए क्योंकि कम नींद का ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

High blood pressure में डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

अगर किसी के शरीर में ऊपर बताए गए लक्षणों में से कुछ लक्षण दिखाई दे और यदि ब्लड प्रेशर 140 से अधिक हो और सीने में भारीपन व दर्द महसूस हो रहा हो, पसीना अधिक आ रहा हो या सिर दर्द व चक्कर आ रहे हो तो ऐसी स्थिति में बिना देरी किए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

FAQ

Q 1. तुरंत हाई बीपी कैसे कंट्रोल करें?

Ans  इसके लिए अपनी नियमित डाइट में नींबू संतरा, अंगूर, केला आदि को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा कद्दू के बीज भी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं इनको नियमित खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है क्योंकि इनमें पोटेशियम, मैग्नीशियम तथा आर्जिनिन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में बहुत फायदेमंद होते हैं।

Q 2. हाई ब्लड प्रेशर में कौन सा नमक खाना चाहिए?

Ans जो लोग उच्च रक्तचाप यानि High blood pressure की समस्या से परेशान है उनको सेंधा नमक का सेवन फायदेमंद हो सकता है लेकिन समुद्री नमक कभी भी नहीं खाना चाहिए। हाई बीपी के मरीजों को पोटेशियम, जिंक, सोडियम, कॉपर, कैल्शियम जैसे तत्वों से युक्त नमक को अपने डाइट में शामिल करना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने विस्तार से जाना High blood pressure यानि उच्च रक्तचाप क्या है इसके लक्षण और कारण तथा हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू इलाज और उच्च रक्तचाप से बचने के घरेलू उपाय कौन-कौन से हैं साथी हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए।

इस आर्टिकल हाई ब्लड प्रेशर के घरेलू उपाय (High blood pressure treatment in hindi) के बारे में आपके कोई भी सुझाव या जवान हो तो नीचे कमेंट में अवश्य लिखें साथ ही यह भी जरूर बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा तथा लेख को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करना ना भूलें।

-: इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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