शलजम के फायदे, औषधीय गुण और नुकसान | Health benefits of Turnips in hindi

शलजम खाने के फायदे और नुकसान (Turnip ke fayde) Turnips in hindi

Turnips खाने में स्वादिष्ट होने साथ साथ शलजम के स्वास्थ्य लाभ (Health benefits of Turnips in hindi) भी होते है शलजम में वह सभी आवश्यक पोषक तत्व (Turnip nutrition) पाए जाते हैं जो हमारे उत्तम स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होते हैं। निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में जानेंगे शलजम क्या है (What is turnip), शलजम में न्यूट्रिशन, शलजम के फायदे और इसका सेवन करने से किन किन बीमारियों में फायदा होता है आइए जानते हैं शलजम के फायदे और नुकसान (Health benefits of Turnips in hindi)

शलजम क्या है (What is turnip in hindi)

मोटी जड़ों वाला शलजम एक औषधीय पौधा है Turnips का सेवन कुछ लोग कच्चा और कुछ लोग पकाकर सब्जी व अन्य व्यंजन के रूप में करते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका रापा (Brassica rapa) है और अंग्रेजी में इसे Turnip कहते हैं। यह अलग अलग किस्मे व आकर में होता है जैसे गोल, चपटा, लंबा, प्याले के आकार में, आदि।

इस पौधे की पत्तियों का भी साग के रूप में प्रयोग किया जाता है। Turnips स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है इसमें विटामिन-बी और सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

शलजम (Turnips) का सेवन कई रोगों को ठीक करने में भी असरदार माना जाता है। यह मुख्य तौर पर सफेद पीले और बैंगनी रंग में पाया जाता है। इसकी सब्जी या सलाद के रूप में प्रयोग हर घर में किया जाता है आइए जानते हैं इसके कुछ औषधीय गुणों के बारे में ( Health benefits of Turnips in hindi)

शलजम में पोषक तत्व (Turnips nutrition in hindi)

इसको एंटी-ऑक्सीडेंट मिनरल और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें पाया जाने वाला विटामिन-सी शरीर के लिए आवश्यक और घुलनशील एंटी-ऑक्सीडेंट है इसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह हानिकारक फ्री रेडिकल्स, कैंसर और सूजन से शरीर की रक्षा करता है।

इसमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है व कम कैलोरी होती है इसमें विटामिन-ई, मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसके अलावा शलगम के पत्तो में विटामिन-के भी होता है। यह (Turnips) पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ाने में भी फायदेमंद होता है

शलजम क्या है और शलजम के पोषक तत्वों के बारे में जानने के बाद अब जानेगे की शलजम का सेवन किन किन रोगो में किया जाता है और इसके सेवन से क्या फायदे होते है इसलिए अंत तक अवश्य पढ़ें

शलजम के फायदे (Health benefits of Turnips in hindi)

दमा रोग में शलजम का सेवन

सांस संबंधी रोग या दमा की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को शलगम का सेवन अवश्य करना चाहिए। इसके लिए शलगम को काट कर पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा होने के बाद छानकर चीनी मिलाकर नियमित सेवन किया जाए तो इससे खांसी, गले के रोग और दमा में लाभ मिलता है।

कैंसर रोग में शलजम का सेवन

शलजम में एंटी-ऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स के गुण उच्च मात्रा में पाए जाते हैं जिससे कैंसर रोग का उपचार संभव है। शलगम में पाया जाने वाला ग्लूकोसाइनोलेट्स कैंसर के खतरे को नियंत्रित कर देता है। इसलिए सर्दियों के दिनों में तो इसका सेवन सप्ताह में दो बार या नियमित अवश्य करना चाहिए। जिससे ऐसी खतरनाक जानलेवा बीमारी से शरीर को बचाने में कुछ मदद मिल सकती है।

स्तन कैंसर में शलजम का सेवन

इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी से रक्षा करने में सहायक होते हैं। शलजम का सेवन महिलाओं को अवश्य करना चाहिए क्योंकि इससे स्तन कैंसर का खतरा कम होता है। इसके अलावा यह ऊर्जा बढ़ाने और थकान दूर करने में मददगार होता है। महिलाओं में होने वाली खून की कमी या एनीमिया रोग को दूर करने में भी सहायक होता है। यह पढें- एनीमिया क्या है

लिवर रोग में शलजम का सेवन

शलगम का नियमित सेवन करने से लिवर संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है। जिन लोगों को पेशाब की दिक्कत होती है जैसे जलन होना, पीला यूरिन, रुक रुक कर पेशाब आना आदि इनमें शलगम बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है यह लिवर की सूजन, फैटी लिवर, लिवर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने और लिवर को स्वस्थ हो साफ करने में उपयोगी माना जाता है। इसके अलावा यह किडनी को भी स्वस्थ रखने के लिए भी लाभकारी होता है।

पाचन क्रिया में शलजम का सेवन

पेट के रोग, आँतो में सूजन, कब्ज, गैस, पाचन संबंधी समस्याएं आदि के लिए नियमित भोजन में फाइबर की कमी को ही मुख्य माना गया है।  शलगम में फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण यह इन समस्याओं को ठीक करने में मददगार होता है। इसमें मौजूद उच्च मात्रा में फाइबर के कारण पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट संबंधी रोगों से बचाव करता है।

इम्यून सिस्टम के लिए शलजम का सेवन

निरोगी और स्वस्थ जीवन जीने के लिए रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना आवश्यक है। शलगम विटामिन-सी का बहुत ही अच्छा स्रोत है और एस्कोरबिक एसिड होने के कारण यह हमारी रोग प्रतिरोधक प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण बूस्टर है। विटामिन-सी कैंसर, हृदय रोग से राहत दिलाने के साथ-साथ एक एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करके स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं को कम करने और श्वेत रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करने में सहायक है। यह पढ़ें – रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के उपाय

स्किन के लिए शलजम का सेवन

यह त्वचा में निखार (Glow) लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शलगम का नियमित सेवन करने से त्वचा का रूखापन खत्म होकर त्वचा में निखार और चिकनाहट बरकरार रहती है। इसमें विटामिन-ए और सी की उच्च मात्रा त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार होती है। इसके सेवन से त्वचा पर दाग धब्बे, झुर्रियां, पिंपल्स और फाइन लाइंस जैसे उम्र बढ़ने के संकेतों को रोकने में भी मदद मिलती है।

इसके अलावा शलजम में बिटा-कैरोटीन के साथ तांबा जैसे खनिज होने से यह त्वचा के स्वास्थ्य को बरकरार रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमेशा जवान रहने और बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए यह पढें – पुनर्नवा के फायदे

आंखों के लिए शलजम का सेवन

नेत्र विकार में शलगम का साग उपयोगी होता है यह साग ल्युटिन का अच्छा स्रोत होता है। इसमें कैरोटीनॉयड है जो आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है और मोतियाबिंद, तामीर रोग व धब्बे दार अंधापन को रोकता है। इसलिए आँखों को स्वस्थ रखने के लिए इसके पत्तों का साग या ज्यूस बनाकर सुबह सेवन करना लाभदायक सिद्ध होता है। इससे आँखों की ज्योति (नजर) बरकरार रखने में मदद मिलती है।

मधुमेह रोग में शलजम का सेवन

डायबिटीज के रोग में शलगम का सेवन बहुत ही लाभकारी माना गया है क्योंकि इसमें एंटी डायबिटीज गुण पाया जाता है जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में लाभदायक माना जाता है। इसलिए मधुमेह रोग में इसके पत्तों का साग बनाकर या जूस निकालकर नियमित सेवन करना लाभदायक होता है। यह पढ़ें – मधमेह रोग में आहार चार्ट

शलजम के अन्य प्रयोग (Turnips benefits of health in hindi)

  • इसका (Turnips) नियमित सेवन करने से शरीर में फैट की मात्रा नियंत्रित हो जाती है जिससे वजन बढ़ने या मोटापे जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है।
  • शलगम में पाए जाने वाले विटामिन-बी और विटामिन-सी के कारण यह बाल झड़ने, टूटने, रूसी, दो मुंहे बालों आदि समस्याओं में यह लाभदायक माना जाता है।
  • इस (Turnips) में प्रचुर मात्रा में विटामिन-बी और फोलेट पाया जाता है जो शरीर के ब्लड लेवल को सुचारू रखने में मददगार होता है।
  • शलगम में फ्लेवोनॉयड्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जो ह्रदय रोगों के जोखिम को कम करने में मददगार होते है।
  • इसमें आयरन भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिससे एनीमिया के रोग में लाभ मिलता है और शरीर में खून की कमी भी दूर होती है।
  • यह फेफड़े भी मजबूत करता है और इसके नियमित सेवन से फेफड़ों संबंधी बीमारियों में भी लाभ मिलता है।
  • सांस संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों को शलगम का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • शलगम में कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिससे हड्डियां मजबूत होती है और हड्डियों व जोड़ों में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है। यह पढें – जोड़ दर्द का इलाज
  • इसमें में सूजन को कम करने वाले भी गुण पाए जाते हैं साथ ही यह अस्थमा रोग में भी लाभदायक माना जाता है।

शलजम के नुकसान (Side effects of turnips in hindi)

Turnips के बारे में इतना कुछ जानने के बाद इसके नुकसान के बारे में जानते है क्योंकि इसका सेवन करने के फायदों के साथ साथ शलजम के कुछ साइड इफेक्ट्स भी होते है जैसे

  • थायराइड से पीड़ित व्यक्ति को शलगम का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ यौगिक गुण होते हैं जो थायराइड ग्रंथि को प्रभावित कर सकते है।
  • जिन लोगों को रक्त का थक्के सम्बधी रोग हो उनको शलगम का सेवन नही करना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन-के होता है।
  • अधिक मात्रा में इसका प्रयोग करने से घबराहट और उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।
  • महिलाओं को गर्भावस्था में इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए।
  • जिन लोगो को एलर्जी की समस्या हो उनको शलगम का सेवन नहीं करना चाहिए।

FAQ

Q  1. शलजम को कैसे खाया जाता है ?

Ans  ज्यादातर लोग शलजम की सब्जी बनाकर ही इसका सेवन करते हैं आयुर्वेद के अनुसार इसके पत्तों का भी औषधी के रूप में प्रयोग बताया गया है। इस का पत्ता कड़वा होता है। शलजम वात, पित्त और कफ नाशक माना गया है। यह भूख बढ़ाने, पेट संबंधी समस्याओं व बुखार में लाभकारी होता है।

Q  2.  शलजम कितने प्रकार के होते हैं ?

Ans  शलजम की बहुत सी किस्में पाई जाती है कुछ का आकार लंबा, कुछ गोलाकार, कुछ चिपटे हुए व कुछ प्याले के आकार के होते हैं। शलजम की कुछ प्रजातियो में सफेद गुद्दे और कछु में पीले गुद्दे भी होते हैं।

Q  3.  शलजम में कौन सा विटामिन होता है ?

Ans  यह विटामिन्स का खजाना होता है। शलजम में विटामिन के साथ साथ मैग्नीशियम भी पाया जाता है। इसको एन्टी-ऑक्सीडेंट, मिनरल और फाइबर का भी बहुत अच्छा स्रोत माना गया है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना शलजम (Turnips) क्या है,  शलजम में न्यूट्रिशन, शलजम के फायदे (Benefits of Turnips in hindi) और इसका सेवन करने से किन किन बीमारियों में फायदा होता है तथा इसके फायदों के साथ साथ नुकसान क्या होते है।

इस आर्टिकल शलजम के फायदे (Health benefits of Turnips in hindi) के बारे में आपके कोई सवाल या सुझाव हो Comment  बॉक्स में लिखें और पोस्ट को सोशल साइट्स पर शेयर भी करें ताकि किसी जरूरतमंद के लिए मददगार हो सकें।

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