धतूरा के फायदे और नुकसान | Health benefits of Datura in hindi

Datura benefits जहर नहीं अमृत है धतूरा जानें इससे होने वाले फायदे, धतूरे में बहुत से औषधीय गुण (Health benefits of Datura in hindi) पाए जाते हैं धतूरा का इस्तेमाल स्वस्थ रहने के लिए करने के साथ साथ आयुर्वेद की अनेक दवाओं में भी धतूरे के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। शिव का पिर्य Datura सेहत के लिए गुणकारी होता है। लेकिन इस Datura का इस्तेमाल खाने के लिए बिल्कुल नही करना चाहिए यह जानलेवा भी हो सकता है आइए जानते है धतूरा के फायदे और नुकसान (Health benefits of Datura in hindi)

धतूरा क्या है – What is datura

यह एक प्रकार का पादक होता है धतूरा का पौधा एक मीटर तक ऊंचा और बड़े पत्ते व बड़े बड़े फलों से भरपूर होता है। यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है काला धतूरा ओर सफेद धतूरा। वैज्ञानिक दृष्टि कोण के अनुसार अगर सीमित मात्रा में धतूरा का प्रयोग किया जाए तो यह औषधि का काम करता है। धतूरे के सम्पूर्ण पौधे का उपयोग भिन्न भिन्न प्रकार से किया जाता है इसकी पत्तियों, जड़ों, बीजों आदि का प्रयोग दवाओं के निर्माण में किया जाता है।

Health benefits of Datura in hindi
Datura ke fayde

धतूरा को मुख्यतः एक जहरीले फल के तौर पर देखा जाता है इसलिए इसे पूजा के अलावा और किसी काम में उपयोग नहीं किया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि Datura का उपयोग कई तरह की समस्याओं का समाधान करने में किया जा सकता है आइए आज के इस आर्टिकल में आपको धतूरे से होने वाले फायदों और नुकसान के बारे में बताते हैं।

धतूरा के औषधीय गुण / Health benefits of Datura in hindi

बवासीर रोग में धतूरा का उपयोग

धतूरा का उपयोग बवासीर की समस्या से परेशान लोगों को इसके इलाज में करना लाभदायक होता है। धतूरे के पत्ते और फूलों को जलाकर इसके धुँए से बवासीर के मस्सों की सिकाई की जाती है जिससे बवासीर के मस्से बैठ जाते हैं और बवासीर में राहत मिलती है।

गंजापन दूर करने में धतूरे का उपयोग

धतूरा गंजापन दूर करने में भी मददगार होता है इसके लिए धतूरे के रस को सिर पर लगाने से गंजापन कम होता है और डैंड्रफ भी खत्म हो जाता है व बाल भी नए उगने शुरू हो जाते हैं और बाल गहरे होते हैं।

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गठिया व जोड़ों के दर्द में धतूरा का उपयोग

आजकल जोड़ों के दर्द या गठिया से हर कोई परेशान है इसलिए धतूरे के रस में तिल का तेल मिलाकर मालिश करने से जोड़ दर्द और गठिया में आराम मिलता है। इसके अलावा हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए भी धतूरे का प्रयोग किया जाता है। धतूरे में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसका रस निकालकर हड्डियों के जोड़ पर मालिश करने से लाभ मिलता है।

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शरीर में दर्द से राहत दिलाने में धतूरे का उपयोग

धतूरे के बीजों (Datura seeds) के तेल को तिल के तेल के साथ मिलाकर इसे शरीर में दर्द वाली जगह पर लगाने से दर्द में जल्द राहत मिलती है। इसके अलावा शरीर में किसी भी प्रकार के दर्द से छुटकारा पाने के लिए धतूरे को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसमें दो-चार बूंद शहद मिलाकर इसे दर्द वाले स्थान पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है।

घाव में धतूरे का उपयोग

शरीर में कहीं भी घाव हो जाए तो हल्के गुनगुने पानी की धार से धोएं और उस पर धतूरे के पत्ते की पोटली बांधे इससे घाव जल्द भरता है और दर्द से भी राहत मिलती है।

कान के रोग में धतूरे का उपयोग

धतूरे में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं इस कारण से यह कान में दर्द और सूजन की स्थिति में धतूरा का प्रयोग किया जा सकता है इसके लिए धतूरे के बीजों का पाताल विधि से तेल निकाल कर कान में डाला जाता है यह कान में होने वाले सभी रोगों में को खत्म करता है।

चोट की सूजन में धतूरे का उपयोग

धतूरे के फल में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण धतूरा किसी चोट की वजह से आई सूजन या सामान्य सूजन को दूर करने में मददगार होता है। इसके लिए धतूरे के फलों को कूटकर पेस्ट बनाकर इसे सूजन वाली जगह पर पर लगाने से राहत मिलती है।

Health benefits of Datura in hindi
Datura ke fayde

धतूरा के अन्य प्रयोग

  • इसके (धतूरे के) बीज को जलाकर इसकी राख का प्रयोग बुखार या जुखाम मैं वात व कफ को दूर करने के लिए किया जाता है इसके सेवन से शरीर मे जमा हुआ कफ बाहर निकल जाता है।
  • धतूरा के पत्तो और बीज के रस को तेल में मिलाकर गठिया, जोडों की सूजन व दर्द, फोड़े, गांठो के दर्द आदि को दूर करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

शिवलिंग पर धतूरा क्यों चढ़ाते हैं

धतूरे के फूल और फल भगवान शिव के प्रिय होते हैं तथा इसको राहुल का कारक कभी माना जाता है इसलिए भगवान भोलेनाथ को धतूरा अर्पित करने से राहु प्रशन्न होता है और राहु से संबंधित सभी तरह के दोष दूर होते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव को धतूरे के फूल चढ़ाने सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति होती है ऐसी शास्त्रों में मान्यता है।

धतूरे के प्रयोग के दौरान सावधानी

धतूरा एक विषैला पदार्थ है यह नुकसान भी पहुंचा सकता है इसलिए धतूरे को आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य कर लेवे।

FAQDatura के बारे में पूछे जाने वाले सवाल जबाब

Q 1. धतूरा का उपयोग कैसे करें?

इसके पौधे की पत्तियों से धूम्रपान किया जाता है यह कफ को ठीक करता है धतूरे की जड़ों का प्रयोग दांत दर्द और दांत को साफ करने में भी किया जाता है काला धतूरा को दूध में उबालकर सुद्ध करने के बाद मक्खन के साथ सेवन करने से पागलपन की समस्या में राहत मिलती है।

Q 2. धतूरा कितना जहरीला होता है?

इस में कुछ जहरीले (Poison) तत्व पाए जाते हैं इसलिए धतूरे को खाने में बिल्कुल भी उपयोग में नहीं लाना चाहिए किसी योग्य वैद्य की देखरेख में इसे शुद्ध करके प्रयोग किया जाना उचित माना जाता है।

Q 3. धतूरा के जड़ से क्या होता है?

काला धतूरा की जड़ और बीज का उपयोग दस्त, बुखार, पागल पन, त्वचा रोग, मस्तिष्क के रोगों में किया जाता है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना Datura धतूरा से होने वाले फायदे, धतूरे में औषधीय गुण तथा धतूरे का प्रयोग आयुर्वेद के अनुसार कैसे और किन किन औषधियों में किया जाता है।

इस आर्टिकल Datura धतूरा के फायदे और नुकसान (Health benefits of Datura in hindi) को पढ़कर आपको थोड़ी भी स्वास्थ्यवर्धक जानकारी हुई हो तो Share करें Comment करके भी बताएँ।

लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

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में श्रवण बिश्नोई Nirogi Health का Founder और एक Professional Blogger हूँ। में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित स्वास्थ्य से संबधित जानकारियां इस ब्लॉग पर नियमित Publish करता रहता हूँ।

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