गिलोय जूस को क्यों माना जाता है अमृत जानिए Giloy juice के 7 फायदे

गिलोय जूस पीने के फायदे (Benefits of giloy juice in hindi)

इस लेख में बात करते है गिलोय जूस क्या है, Giloy juice ke fayde, इसका सेवन किन रोगो में किया जाता है Health benefits of giloy juice आयुर्वेद में गिलोय का महत्व क्या हैं। आयुर्वेद में गिलोय (Giloy juice) को अमृत के समान माना गया है। गिलोय के फायदों (Giloy juice benefits) के कारण पिछले कुछ वर्षों से गिलोय के प्रति जागरूकता काफी बढ़ी है। गिलोय (Tinospora Cordifolia) एक बहुत ही गुणकारी औषधि होती है। गिलोय के साथ साथ गिलोय जूस में अनेक प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं। जानिए गिलोय जूस के फायदे (Giloy juice benefits in hindi)

गिलोय क्या होती है (What is giloy)

गिलोय एक कुल मेनिसर्परमेसी प्रजाति का सदस्य है। यह एक बहूवर्षीय मांसल, चिकना तथा रोम रहित लता होती है। इसकी जड़ें सफेद मुलायम रोमयुक्त होती है व तना हरा, मांसल व भीतरी भाग चक्राकार, पत्तियां गहरे रंग की हृदयकार एवं एकान्तरित क्रम में होती है जो मुख्य तने से जुड़ी हुई होती है। इसके पुष्प हरा पीला और रेमिस क्रम में अप्रैल-मई में आते हैं।

फल मटर के समान गोल या अंडाकार होते हैं। इसके फल में एक बीज होता है जो घुमावदार व परिपक्व अवस्था में लाल वर्ण का होता है। इसलिए इसका सेवन प्राचीन काल से आयुर्वेदिक औषधि के रूप में अनेक रोगों में उपचार के लिए किया जाता है।

गिलोय के नाम (Names of giloy in hindi)

इसको अलग-अलग जगह के हिसाब से अलग-अलग नामों से जाना जाता है। गिलोय को गुडूची, अमृता, अमृतबेल जैसे नामों से जाना जाता है। गिलोय को संस्कृत में अमवल्लरी, हिंदी में गिलोय, गुडिच, राजस्थानी में गिलोय गिलव, गुजराती में गलो, बंगाली में गुलक्च, मराठी में गुलवेल, तमिल में शिन्दिल्कोडी, तेलुगु में टिपरिंगो, अंग्रेजी में (Tinospora Cordifolia) गेलो आदि नामों से जाना जाता है।

गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चढ़ती है। उसके गुणों को अपने अंदर समाहित कर लेती है। इसलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी हुई गिलोय की बेल को औषधि के लिहाज से उत्तम माना जाता है इसे नीम गिलोय भी कहते हैं।

गिलोय के पोषक तत्व (Nutrients of giloy in hindi)

गिलोय में कॉपर, आयरन, फास्फोरस, जिंक, कैल्शियम और मैग्नीज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं यह त्रिदोष नाशक, बलदायक, अग्नि दीपक, रक्तशोधक, वेदासथापन मूत्र शोषण, मूत्रवर्धक तथा पेट के कीड़ों को मारने में उपयोगी होती है। गिलोय में बर्बेटिन एल्केलाइड व गिलोइन ग्लाइकोसाइड, उड़नशील तेल, गिलोस्तेराल, गिलोयनिनि फैटी एसिड्स, मॉम इत्यादि तत्व पाए जाते हैं।

गिलोय की पत्तियां, तना, जड़े सहित पूरा भाग सेहत के लिए गुणकारी होता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और कैंसर रोधी गुण भी पाए जाते हैं इन्हीं गुणों के कारण यह बुखार, पीलिया, गठिया, डायबिटीज, अपच, एसिडिटी, कब्ज आदि बीमारियों में प्रयोग की जाती है।

गिलोय जूस का सेवन करने के फायदे (Health benefits of giloy juice in hindi)

Giloy juice benefits

एनीमिया रोग में गिलोय जूस के फायदे

शरीर में खून की कमी के कारण यह रोग होता है। एनीमिया महिलाओं की मुख्य बीमारी है। क्योंकि महिलाएं एनीमिया से ज्यादा पीड़ित रहती है। इसलिए एनीमिया से छुटकारा दिलाने में गिलोय का रस (Giloy juice) व सत्व बहुत फायदेमंद होता है। इसके नियमित सेवन से शरीर में खून की कमी दूर होने के साथ-साथ इम्युनिटी भी मजबूत होती है। यह भी पढ़ें – ऐसी कौनसी आदतें हैं जो अक्सर महिलाएं नजरअंदाज करती हैं 

बुखार में गिलोय जूस के फायदे

गिलोय किसी भी प्रकार के बुखार से राहत दिलाने में उपयोगी होती है। इसमें एंटीपायरेटिक गुण होते हैं इसके कारण मलेरिया, डेंगू स्वाइन फ्लू टाइफाइड जैसे किसी भी प्रकार के बुखार से छुटकारा दिलाने में गिलोय या Giloy juice फायदेमंद होता है। साथी सामान्य सर्दी जुखाम, गले में खराश, छाती में जकड़न जैसी समस्याओं में भी छुटकारा दिलाने में गिलोय फायदेमंद मानी जाती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में गिलोय जूस के फायदे

इसका नियमित सेवन करने से शरीर को रोगों से बचाने के साथ-साथ यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करने में लाभकारी होती है जिससे सर्दी जुखाम बुखार सहित संक्रामक रोग या मौसमी बीमारियों से भी बचा जा सकता है। गिलोय इम्यूनिटी बूस्टर की तरह काम करती है।

पीलिया रोग में गिलोय जूस के फायदे

पीलिया रोग से ग्रसित मरीजों को गिलोय के ताजे पत्ते और डंठल का जूस (Giloy juice) पीने से बहुत जल्द इस रोग से छुटकारा मिलता है इसके साथ ही गिलोय के नियमित सेवन से पीलिया रोग में होने वाले बुखार बदन दर्द से भी छुटकारा मिलता है।

गठिया रोग में गिलोय जूस के फायदे

यह एंटी अर्थराइटिस गुणों से भरपूर होती है तथा इन्हीं गुणों के कारण गिलोय गठिया रोग से छुटकारा दिलाने में मददगार होती है गठिया के रोग के साथ-साथ जोड़ों में दर्द व जकड़न से छुटकारा दिलाने में भी गिलोय का जूस (Giloy juice) या काढ़ा (Giloy kadha) नियमित पीना फायदेमंद होता है।

स्किन के लिए गिलोय जूस के फायदे

यह स्किन ग्लोइंग में भी फायदेमंद होती है। गिलोय स्किन एलर्जी, इंफेक्शन व त्वचा संबंधी अन्य अन्य प्रकार की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी कारगर औषधि होती है। चेहरे पर निकलने वाले कील मुंहासे, पिंपल्स, ब्लैकहेड्स आदि समस्याओं को दूर करने में भी गिलोय का सेवन करने से तथा Giloy juice पीने से फायदा तो होता ही है।

साथ ही इसके तने या पत्तों को मिलाकर पेस्ट बनाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से भी फायदा मिलता है। यह भी पढ़ें – स्किन को हैल्दी कैसे रखें घरेलू उपाय 

आयुर्वेद में गिलोय का महत्व (Giloy ayurvedic)

आयुर्वेद के अनुसार गिलोय स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण औषधीय लता है। इसकी पूरी बेल का ही स्वास्थ्य की दृष्टि से अलग-अलग प्रयोग और भूमिका है। गिलोय के अलग-अलग भाग से अलग-अलग तरीकों से विभिन्न प्रकार की औषधियों का निर्माण किया जाता है।

इसके अलावा आयुर्वेद की जितनी औषधियां होती है उनमें से आधी से ज्यादा औषधियों के गिलोय का किसी न किसी रूप में उपयोग होता है। आयुर्वेद में इसे संजीवनी बूटी के समान माना गया है। इसका जूस (Giloy juice) पीने से अनेक बिमारियों में फायदा होता हैं

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने जाना गिलोय क्या है Giloy juice kya hai गिलोय के पोषक तत्व और इसको किन किन नामों से जाना जाता है तथा गिलोय (Giloy juice) का सेवन किन किन रोगो से बचने के लिए किया जाता है और आयुर्वेद के अनुसार गिलोय का क्या महत्व है।

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-: लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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