गंभारी के फायदे और औषधीय गुण | Gamhar ke fayde in hindi – Nirogi Health

गम्हार (गंभारी) के फायदे क्या है  (Gambhari ke fayde in hindi) Gamhar benefits in hindi

गंभारी या गम्हार (Gmelina arborea) एक गुणकारी और फायदेमंद (Gamhar ke fayde in hindi) औषधि है। इसका प्रयोग अनेक रोगों को ठीक करने में किया जाता है। गम्हार (Gmelina arborea) के विभिन्न पारंपरिक एवं आधुनिक उपयोग है। निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में गम्हार के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे कि गम्हार क्या है इसके औषधीय गुण और गम्हार का प्रयोग किन किन रोगों में (Gamhar plant benefits in hindi) किया जा सकता है आइए जानते हैं गंभारी के फायदे Gamhar ke fayde in hindi

गम्हार की छाल, फल, पत्तियां, जड़ों आदि में कुछ मात्रा में एल्केलाइड होते हैं जिनका उपयोग परंपरागत औषधीय तंत्र में होता है। इसकी छाल पेट दर्द से राहत दिलाने व पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने में मददगार होती है। इसका उपयोग पाचन क्रिया, आँतो की सूजन, बुखार, त्रिदोष, मूत्र रोगों में किया जाता है। इसकी पत्तियों का पेस्ट सर दर्द कम करता है तथा इस (Gmelina arborea) की पत्तियों का रस अल्सर से राहत दिलाने में उपयोगी होता है।

इसके फल खट्टे व कड़वे होते हैं जिनका उपयोग शीतलक, मूत्रवर्धक बालों के विकास हेतु किया जाता है।  इसके फल कुष्ठ रोग एवं रक्त रोगों में उपयोगी होते हैं इसकी जड़े भूख बढ़ाने में लाभकारी होने के साथ-साथ स्तनपान एवं मासिक धर्म की अनियमितताओं में उपयोगी होती है।

गम्हार क्या है (Gamhar kya hai)

मेलाइना आरबोरिया (Gmelina arborea) गम्हार या गंभारी एक मध्यम आकार का पूर्णपाती वृक्ष होता है। इसको विभिन्न स्थानीय नामों से जाना जाता है। इसको गंभारी, गमहारी, श्रीपर्णी, सफेद टीक, मेलाइना जैसे अनेक नामों से जाना जाता है। इसकी पत्तियों, छाल, फल व जड़ों में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसके फलों में टारटेरिक अम्ल होता है जो शराब में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट होता है।

गम्हार में औषधीय गुण (Gamhar nutrition in hindi) Gambhari benefits in hindi

मेलाइना आरबोरिया की छाल में पाया जाने वाला ऐथेनॉलिक सत्व रक्त में शर्करा की मात्रा को कम करने में उपयोगी माना जाता है। यह स्ट्रेप्टोजोटेसिनट प्रेरित मधुमेह को रक्त में जी.एस.एच. लेवल को बढ़ाकर इसे नियंत्रित करने में मददगार होता है। यह पढें- मधुमेह रोग में आहार चार्ट

रोगप्रतिरोधक क्षमता में गम्हार के फायदे

इसमें पाया जाने वाला मेथेनॉलिक सत्व व इसका इसका एसिटेट भाग रक्त में सफेद रक्त कोशिकाओं की मात्रा को बढ़ाने में मददगार होता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में उपयोगी होता है। इसके अलावा यह कैंसर रोग से रक्षा करने व कैंसर थेरेपी में भी उपयोगी माना जाता है।

पेट के रोगों में गम्हार के फायदे

पेट में होने वाली किसी भी तरह की समस्या से बचने के लिए गंभारी का सेवन लाभदायक होता है। पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए इसकी जड़ के चूर्ण को सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिलता है। साथ ही इसकी जड़ का काढ़ा बनाकर नियमित सुबह-शाम सेवन करने से पेट की तमाम समस्याएं जैसे पेट दर्द, गैस, बदहजमी, पेट में कीड़े,  सुजन आदि सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में गंभारी की जड़ का चूर्ण मददगार होता है।

ह्रदय के लिए गम्हार के फायदे

गमहार की जड़ों पर किए गए शोध में पाया गया है कि मेलाइना आरबोरिया के इथेनॉइक सत्व में रक्त के प्लाज्मा में आवश्यक तत्वों की पूर्ति करके ह्रदय की सुरक्षा के प्रभाव उत्पन्न करने में मददगार होता है। इसलिए हार्ट को मजबूत और सुरक्षित रखने के लिए इसकी जड़ो का उपयोग करना लाभदायक होता है। यह पढें- ह्रदय रोग में डाइट प्लान

मूत्र रोगों में गंभारी के फायदे

यह मूत्र वर्धक औषधि होती है। गम्हार का प्रयोग करने से मूत्र संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। पेशाब में जलन, पेशाब में दर्द या सूजन आदि समस्याओं में इसके सेवन से राहत मिलती है। इसके लिए गंभारी के पत्तों का रस निकालकर इसमें मिश्री मिलाकर इसका सेवन करने से मूत्र रोगों से छुटकारा मिलता है।

शारीरिक कमजोरी में गंभारी के फायदे

शरीर में आई हुई किसी भी तरह की कमजोरी को दूर करने में करने के लिए गंभारी के फल का चूर्ण बनाकर इसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर नियमित दूध के साथ सेवन करने से शारीरिक कमजोरी को दूर करने में मदद मिलती है तथा इसके सेवन से शुक्राणुओं संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी लाभ मिलता है साथ ही इसके नियमित सेवन से यौन शक्ति में भी वृद्धि होती है। यह पढें- शारीरिक कमजोरी दूर करने के घरेलू उपाय

त्वचा रोगों में गम्हार के फायदे

चर्म रोगों से छुटकारा दिलाने में भी गंभारी का उपयोग लाभ पहुंचाता है। इसके लिए गम्हार या गंभारी के सूखे हुए फल या पत्तों के साथ गूलर के सूखे पत्तों को मिलाकर काढ़ा बनाकर नियमित सुबह शाम सेवन करने से त्वचा सबन्धी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसके ताजे पत्तों से पेस्ट बनाकर स्किन पर लगाने से दाद, खाज, खुजली, चम्बल, स्किन इंफेक्शन, पित्त जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।

गम्हार के अन्य उपयोग (Gambhari other benefits Gamhar ke fayde in hindi)

इसका सेवन करने के ऊपर बताएं गए फायदों (Gamhar ke fayde in hindi) के अलावा गम्हार के कुछ अन्य उपयोग भी होते है जैसे

  • गंभारी के फल का एक चम्मच रस दिन में 2 से 3 बार सेवन करने से बुखार में लाभ मिलता है।
  • इसके ताजे व कोमल पत्तों के रस का सुबह-शाम नियमित सेवन करने से कफ रोगों में लाभ मिलता है।
  • इसके ताजे फलों का रस निकालकर दिन में दो से तीन बार एक-एक चम्मच की मात्रा में सेवन करने से खूनी दस्त में फायदा होता है।
  • इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर सिर पर लेप करने से सिर दर्द दूर होता है।
  • गंभारी के चूर्ण का काढ़ा बनाकर नियमित पीने से फेफड़े मजबूत होते हैं।
  • गंभारी के फल और मुलेठी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से गठिया रोग में फायदा मिलता है।

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