Chest pain treatment | जानिए छाती में दर्द का घरेलू उपचार

सीने में दर्द का घरेलू इलाज (Tips for chest pain in hindi)

आज के समय में अस्वस्थ खानपान और जीवनशैली के कारण छाती में दर्द (Chest pain) की समस्या आम हो गई है। छाती में दर्द यानि चेस्ट पैन के बहुत से कारण हो सकते हैं। यह धारणा गलत है कि सीने में दर्द सिर्फ दिल का दौरा पड़ने से ही होता है। छाती में होने वाला दर्द तेज चुभन व खिंचाव से लेकर मंद दर्द भी हो सकता है। निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में सीने में दर्द के कारण और सीने में दर्द की समस्या के कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं आइए जानते हैं छाती में दर्द का घरेलू उपाय chest pain treatment at home in hindi

छाती में दर्द होने के कारण क्या है (Chest pain reasons in hindi)

सीने में दर्द के वैसे तो कई कारण होते हैं। लेकिन प्रमुख कारण दो हो सकते हैं। एक गैस या एसिडिटी के कारण और दूसरा हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह का बाधित हो जाना होता है। इस प्रकार होने वाले दर्द की स्थिति को एन्जाइम {angina} कहा जाता है। लेकिन हार्ट की किसी समस्या के कारण होने वाला दर्द गंभीर हो सकता है। इसमें ह्रदय घात भी हो सकता है। और इसमें तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।

इसके अलावा सीने में होने वाला दर्द फेफड़ों से संबंधित किसी रोग और मांसपेशियों में खिंचाव व सूजन के कारण भी हो सकता है। जबकि हार्ट अटैक के कारण होने वाला दर्द कंधे, गर्दन और बाहों तक फैल जाता है।और इसके कारण होने वाले दर्द में ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, घबराहट होना और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती है।

छाती में दर्द के लक्षण क्या है (Chest pain Symptoms in hindi)

यह दर्द Chest pain सीने से शुरू होकर गर्दन, जबडे और कंधे या बाजू में भी होने लगता है। कुछ मामलों में यह दर्द पीठ और कमर तक होने लगता है। इसके साथ ही हृदय संबंधी समस्याओं या अन्य कारणों से होने वाले सीने के दर्द के कुछ लक्षण हैं जैसे-

  • छाती में भारीपन, खिंचाव व दबाव महसूस होना
  • चुभने वाला तेज दर्द जो कंधे गर्दन और बाजूओं तक मे होना
  • जी घबराना, चक्कर, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं होना
  • मुंह में खट्टा स्वाद, खट्टी डकार आना
  • गहरी सांस लेने या खांसने पर दर्द बढ़ जाना
  • छाती में हल्का दबाने पर दर्द होना
  • सीने में जलन होना

ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

  • सीने में दबाव और दर्द 15 मिनिट से ज्यादा देर तक बना रहना
  • छाती में भारीपन महसूस होना
  • घबराहट होना
  • छाती में खिंचाव या चुभन सी होना
  • चक्कर आना व कमजोरी महसूस होना
  • दर्द का छाती से शुरू होकर कंधे और हाथ तक होना
  • मुंह का स्वाद बिगड़ना और निगलने में परेशानी होना
  • बेचैनी महसूस होना और ज्यादा पसीना आना
  • सांस फूलना वह मिचली आना

छाती में दर्द दूर करने के घरेलू उपचार (Tips for chest pain in hindi)

तुलसी का सेवन

तुलसी औषधीय गुणों का खजाना होती है। इसी कारण यह बहुत सी शारिरिक और मानसिक समस्याओं को ठीक करने में मददगार होती है। तुलसी की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम होने के कारण यह कोलेस्ट्रॉल {cholesterol} बढ़ने से रोकने के साथ-साथ छाती में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाती है।

तुलसी का उपयोग किसी भी रूप में करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। लेकिन चेस्ट पैन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए तुलसी की ताजा पत्तियों का रस निकालकर शहद मिलाकर इसका नियमित सेवन करने से हृदय रोगों में राहत के साथ साथ किसी प्रकार से होने वाले सीने में दर्द से छुटकारा मिलता है। यह पढ़ें ~मधुमेह के लिए आहार चार्ट

हल्दी का सेवन

हल्दी का प्रयोग बहुत सी स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं को कम करने के लिए एंटीबायोटिक के रूप में किया जाता है। क्योंकि हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। यह शरीर में सूजन और किसी भी प्रकार की गांठ से राहत दिलाने के साथ-साथ धमनियों में रुकावट दूर करने में सहायक होती है।

इसके अलावा हल्दी छाती में होने वाले दर्द में भी एक औषधि के रूप में कार्य करती है। नियमित रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में हल्दी मिलाकर सेवन करने से दर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है। हल्दी और तुलसी का नियमित सेवन करना छाती में दर्द से छुटकारा दिलाता है। और शरीर स्वस्थ रहता है।

अदरक का सेवन

अदरक शरीर के स्वास्थ्य के लिए एक गुणकारी औषधि होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फायदेमंद होती है। अदरक का सेवन किसी भी रूप में करना लाभदायक होता है। ताजे अदरक के टुकड़ो का रस निकालकर शहद मिलाकर गुनगुने पानी में डालकर नियमित सेवन करने से छाती में दर्द से छुटकारा मिलता है।

इसके अलावा अदरक का सेवन सब्जी में करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। और गैस की समस्या के कारण छाती में होने वाले दर्द में राहत मिलती है।

लहसुन का सेवन

लहसुन का नियमित सेवन करने से हृदय रोगों में राहत के साथ-साथ छाती में दर्द को ठीक करने में यह एक अच्छा घरेलू उपाय होता है। लहसुन कोलेस्ट्रोल को कम करने के साथ धमनियों में होने वाली ब्लॉकेज को भी खोलता है। यह शरीर में होने वाले रक्त प्रवाह को भी सुचारू करता है। लहसुन का उपयोग आसान और फायदेमंद होता है।

लहसुन के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा लहसुन की दो कलियों को कच्ची या भूनकर चबाकर खा सकते हैं। जिससे सीने के दर्द में राहत मिलती है। यह पढ़ें ~ह्रदय रोग के आयुर्वेदिक उपचार

अनार का सेवन

अनार ह्रदय रोगों से जुड़ी समस्याओं के जोखिम से हमारी रक्षा करता है। और छाती में होने वाले दर्द की समस्या से राहत दिलाता है। अनार में बहुत से खनिज पदार्थ, पोषक तत्व और विटामिन पाए जाते हैं। जो तनाव को कम करके दिल को स्वस्थ रखते हैं। और यह हृदय की धमनियों को भी सिकुड़ने से रोकता है।

अनार के जूस में {Anti-oxidant} एंटी ऑक्सीडेंट और {Anti-inflammatory} एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसके कारण यह सीने में होने वाले दर्द को रोकता है।

एलोवेरा का सेवन

एलोवेरा में कई ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं। जो हृदय संबंधी समस्याओं को दूर करने के साथ-साथ छाती में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाते हैं। एलोवेरा हार्ट को मजबूत करने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल {Cholesterol} को नियंत्रित करने, ट्राइग्लिसराइड {Triglycerides} के स्तर को कम करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मददगार होता है।

नियमित सुबह के समय गुनगुने पानी में दो से चार चम्मच एलोवेरा मिलाकर सेवन करना सीने के दर्द में राहत दिलाता है।

बादाम का सेवन

बादाम स्वस्थ शरीर के लिए एक उत्तम आहार होता है। अगर भोजन करने के पश्चात सीने में दर्द की समस्या होती है। तो यह गैस (एसिड) रिएक्शन के कारण हो सकता है। ऐसी स्थिति में छाती में दर्द (Chest pain) होना स्वभाविक होता है। ऐसी समस्या होने पर बादाम का सेवन करना लाभदायक होता है।

इसके लिए बादाम को कूटकर दूध के साथ उबालकर इसका नियमित सेवन करने से सीने में दर्द की समस्या में आराम मिलता है। यह पढ़ें ~ ड्राईफ्रूट्स के फायदे

सीने के दर्द में कुछ सावधानियां (chest pain precaution in hindi)

छाती में दर्द से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां रखना आवश्यक होता है। जैसे भारी भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए इससे पाचन तंत्र सुचारू रहेगा और गैस, एसिडिटी की समस्या नहीं होगी। धूम्रपान या अल्कोहल का सेवन नहीं करना चाहिए। जब भी छाती में दर्द का एहसास हो तो चहल कदमी शुरू कर दें और एक गिलास पानी में नींबू का रस और काला नमक मिलाकर सेवन करना लाभदायक होता है।

सर्दियों के मौसम में छाती का विशेष ध्यान रखना चाहिए ऐसी चीजों का सेवन करने से बचें जिनसे गैस व फेफड़ों में कफ की समस्या उत्पन्न होती हो एक गिलास गुनगुने पानी में सेव का सिरका मिलाकर इसका सेवन करना लाभदायक होता है।

सीने के दर्द में जीवनशैली में बदलाव

छाती में दर्द से बचने के लिए अपने नियमित आहार और जीवनशैली में बदलाव लाना जरूरी होता है। इससे सीने में दर्द की संभावना को कुछ कम किया जा सकता है।

  • नियमित योग व व्यायाम करें
  • अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं व कैलोरी की मात्रा कम करें
  • नमक का सेवन कम करें या ना करें
  • शारीरिक एक्टिविटीज अवश्य करें जैसे तेज कदमों से चलना, सीढियां चढना, साइकिल चलाना, टेनिस व बैडमिंटन खेलना आदि

सीने में दर्द की समस्या से जुड़े सवाल जबाब FAQ

Q 1~छाती में दाईं तरफ दर्द होने का कारण क्या है?

Ans ~ सीने में दाहिने तरफ के हिस्से में दर्द के बहुत से कारण हो सकते हैं। लेकिन मुख्यत चेस्ट पैन की समस्या हृदय रोगों से संबंधित नहीं होती हमारे शरीर के सीने में कई अंग होते हैं। इसलिए किसी भी अंग में समस्या होने पर छाती में दर्द हो सकता है।

Q 2~छाती में बाई तरफ दर्द होने के क्या कारण है?

Ans ~ सीने में बाई तरफ का दर्द गंभीर हो सकता है। यह दर्द ह्रदय से सम्बंधित भी हो सकता है। और जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए बाई तरफ सीने में दबाव, भारीपन दर्द की समस्या होने व साथ ही कंधे , हाथों और पीठ में भी दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना आवश्यक होता है।

Q 3~किन किन कारणों से छाती में दर्द होता है?

Ans ~ छाती में  दर्द के बहुत से कारण होते हैं जैसे पेट में परेशानी, फेफड़ों की समस्या, गैस्टिक, सूजन, एसिडिटी, हृदय रोग, कोई चोट, पसलियों में सूजन आदि, इनके अलावा  पसली के टूटने या फैक्चर होने , मांशपेशियों में दर्द या फैक्चर होने के कारण नसों में दबाव पड़ता है और छाती में दर्द होना शुरू हो जाता है।

निष्कर्ष

इस लेख में हमने जाना छाती में होने वाले दर्द के लक्षण और कारण क्या है तथा सीने में होने वाले दर्द से बचने के लिए क्या खाना चाहिए और छाती में दर्द दूर करने के घरेलू उपचार क्या है। इस आर्टिकल छाती में दर्द यानि Chest pain treatment के बारे में आपके कोई सुझाव या सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में लिखें तथा पोस्ट को अपने परिवार और दोस्तों के साथ  share अवश्य करें और Comment करके जरूर बताएं की यह जानकारी आपको कैसी लगी, ताकि ऐसी जानकारियां आपको ऐसे ही मिलती रहें।

इस आर्टिकल में लिखी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवें।

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