Chestnut fruit benefits for health in hindi | सिंघाड़ा खाने के फायदे और नुकसान

सिंघारा (सिंघाड़ा) खाने के फायदे (Caltrop fruit benefits for health in hindi) Caltrop uses in hindi

सिंघाड़ा (Singhara) सेहद के लिए बहुत फायदेमंद (Chestnut fruit benefits) माना जाता है। सिंघाड़ा पोषक तत्वों से और विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है। Singhara झीलों, तालाबों आदि में पाया जाता है। यह (Chestnut fruit) काले और हरे रंग का होता है। निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में जानेंगे सिंघाड़ा क्या है, सिंघाड़े में पोषक तत्व और सिंघाड़ा का सेवन (Chestnut fruit benefits for health in hindi) किन रोगों में व कैसे किया जाता है आइए जानते हैं सिंघाड़ा के फायदे क्या है (Chestnut fruit benefits for health in hindi)

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तिकोने आकार का यह Singhara फल स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। सिंघाड़ा एक जलीय पौधे का फल होता है। सर्दियों के मौसम में यह ताजा मिलता है तथा उसके बाद Singhara को सुखाकर इसका आटा बनाकर इसके आटे का सेवन अनेक व्यंजन खाद्य पदार्थ बनाने में किया जाता है। और जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद (Chestnut fruit benefits) होते है

इसका नियमित सेवन करने से शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होती है तथा साथ ही शरीर में खून की वृद्धि करने में भी सिंघाड़ा (Singhara) उपयोगी होता है। सिंघाड़े का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है। प्राचीन समय से ही महिलाओं द्वारा गर्भावस्था में या शिशु जन्म के बाद इसके आटे से बने लड्डुओं का सेवन किया जाता रहा है।

सिंघाड़ा क्या है (What is water chestnut in hindi)

इस (Singhara) को पानी फल, वाटर चेस्टनट (Water chestnut), वाटर कॉटरोप (Water caltrop) भी कहा जाता है। यह झीलों तालाबों के पानी की ऊपरी सतह पर तैरने वाला एक जलीय पौधा होता है। इसके पत्ते जलकुंभी जैसे तथा फूल सफेद रंग के होते हैं। सिंघाड़े के फल कठोर त्रिकोणाकार व पौधे के निचले हिस्से में पानी मे होते हैं। और इस पौधे की जड़े हरे रंग की पानी ने डूबी हुई होती है।

इसके पौधे के नवंबर से फरवरी के बीच मे फल लगते हैं। सर्दियों में मौसम में इसका ताजा फल बाजार में उपलब्ध होता है उसके बाद इसके सूखे सिंघडे से आटा या चूर्ण के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

सिंघाड़े में पोषक तत्व (Water Chestnut nutrition value in hindi)

यह पोषक तत्वों का भंडार होने के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद (Chestnut fruit benefits) होता है आयुर्वेद में सिंघाड़े को अनेक रोगों के उपचार में औषधी के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें हमारे शरीर के लिए आवश्यक अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं।

सिंघाड़ा फायदेमंद (Chestnut fruit benefits) होने के साथ साथ हमारे संपूर्ण सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फास्फोरस, सिट्रिक एसिड, प्रोटीन, निकोटिनिक एसिड, मैगनीज, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, एनर्जी, डाइटरी फाइबर, कैल्शियम, जिंक, पोटेशियम, सोडियम, आयरन, आयोडीन, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं यह शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं।

सिंघाड़ा खाने के क्या फायदे हैं (Water Chestnut fruit benefits for health in hindi)

गर्भवती महिलाओं के लिए सिंघाड़े का उपयोग

प्राचीन काल से ही गर्भवती महिलाओं को सिंघाड़े का सेवन करवाया जाता रहा है। गर्भवती महिलाओं को दूध के साथ सिंघाड़े का सेवन करना लाभदायक माना जाता है। इसके सेवन से महिलाओं में होने वाली लिकोरिया की बीमारी भी ठीक होती है तथा इससे भ्रूण को भी पूरा पोषण मिलता है व महिला की भी सेहत अच्छी रहती है।

कहा जाता है कि सिंघाड़े के सेवन से गर्भपात होने का खतरा भी कम हो जाता है। इसलिए महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान व शिशु के जन्म के बाद सिंघाड़े का सेवन करना उत्तम स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

पुरुषों के लिए सिंघाड़े का उपयोग

सिंघाड़ा पुरुषों में होने वाली शारीरिक कमजोरी या यौन दुर्बलता को दूर करने में भी कारगर औषधि माना जाता है। सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाकर खाने से यौन रोगों में लाभ मिलने के साथ-साथ शुक्राणुओं की भी वृद्धि होती है। इसके अलावा स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए भी सिंघाड़े के आटे के हलवे का सेवन करना लाभदायक माना जाता है।

इसके साथ ही सिंघाड़े के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में दूध के साथ मिलाकर रात को सोने से पहले नियमित सेवन करने से धातु रोग से छुटकारा मिलने के साथ यौन शक्ति में वृद्धि होती है। साथ ही इसके नियमित सेवन से शरीर फौलादी, बलशाली, ताकतवर व मजबूत बनता है। यह पढ़े- यौन शक्ति बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय

डिहाइड्रेशन की समस्या के लिए सिंघाड़ा

अक्सर सर्दियों के मौसम में पानी का सेवन बहुत कम मात्रा में किया जाता है जिसके कारण डिहाइड्रेशन की समस्या होना आम बात होती है। इसलिए सर्दियों में इस समस्या से छुटकारा दिलाने में सिंघाड़ा बहुत लाभदायक आहार होता है। यह शरीर में पानी की पूर्ति करता है क्योंकि इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है साथ यह पानी मे होने वाला फल होने के कारण इसमें पानी के पोषक तत्व भी मौजूद होते है।

इसलिए यह सर्दियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ साथ शरीर को ऊर्जावान बनाने व इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं रखने में यह काफी मददगार होता है।

बालों के लिए सिंघाड़ा

सिंघाड़े के नियमित उपयोग से स्वास्थ्य को लाभ मिलने के साथ-साथ यह सौंदर्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। बालों की समस्याओं जैसे रूसी, डेंड्रफ, बाल झड़ना, दो मुंहे बाल आदि से छुटकारा दिलाने के साथ-साथ यह बालों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। इसमें पाए जाने वाले तत्व बालों के विकास और मजबूती के साथ साथ सभी जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करने में उपयोगी होता है।

पेट के लिए सिंघाड़ा

सिंघाड़े का उपयोग करने से पेट में होने वाली समस्याओं से राहत मिलता है। जैसे पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, अपच, पेट फूलना, बदहजमी आदि समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सिंघाड़ा एक प्राकृतिक उपचार माना जाता है। इसका सेवन कब्ज की समस्या से भी छुटकारा दिलाने में उपयोगी होता है तथा यह भूख बढ़ाने में भी मददगार होता है।

इसके अलावा इसके नियमित सेवन से आँतो की सूजन से राहत व आँतो की सफाई के साथ पाचन संबंधी समस्याओं में भी लाभ मिलता है।

त्वचा के लिए सिंघाड़ा

सिंघाड़ा त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में बहुत ही फायदेमंद (Chestnut fruit benefits) होता है। सिंघाड़े का नियमित सेवन शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। जिससे त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है तथा त्वचा पर होने वाले कील, मुंहासे, पिंपल्स, एलर्जी, ब्लैकहेड्स आदि समस्याओं से छुटकारा में भी कारगर उपाय होता है। पढ़ें ~ त्वचा रोग का घरेलू इलाज

गले के लिए सिंघाड़ा

सिंघाड़े के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में दूध में मिलाकर नियमित सेवन करने से गले संबंधी रोगों से राहत मिलती है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो गले की समस्या जैसे गले में खराश, गला बैठना, गले में टॉन्सिल्स, खुजली आदि समस्याओं से छुटकारा दिलाने में यह मददगार माना जाता है। इसलिए सर्दियों में मौसम में गले मे परेशानी से बचने के लिए सिंघाड़े का सेवन करना लाभदायक होता है।

बवासीर में सिंघाड़ा

यह पाइल्स या खूनी बवासीर जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी मददगार होता है। कच्चे सिंघाड़े के फल का नियमित सेवन करने से पाइल्स में होने वाली ब्लडिंग से राहत मिलती है तथा इसके उपयोग से बवासीर के कारण होने वाले दर्द और रक्त स्राव को भी कम करने में यह मददगार होता है।

मूत्र रोगों में सिंघाड़ा

यह मूत्र संबंधी होने वाली समस्याओं से राहत दिलाने में भी बहुत उपयोगी माना जाता है यूरिन त्याग के समय होने वाली जलन दर्द या रुक रुक कर पेशाब आना जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सिंघाड़ा एक कारगर औषधि होता है। इसके लिए सिंघाड़े के रस में शहद शक्कर मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से लाभ मिलता है।

हड्डियों व दांतों के लिए सिंघाड़ा

इसमें कैल्शियम की प्रचुर मात्रा होती है इसलिए सिंघारा का नियमित सेवन करने से हड्डियां व दांत मजबूत होते हैं। और इसके सेवन से हड्डियों व जोडों में होने किसी भी प्रकार के दर्द में भी राहत मिलती है।

इसके साथ ही  सिंघाड़े का किसी भी रूप में उपयोग करने से उम्र बढ़ने या किसी चोट लगने के कारण होने वाले घुटनो व कमर दर्द की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है। और बढ़ती उम्र के कारण जोडों में होने वाली कटकट की आवाज की समस्या से भी राहत दिलाने में यह मददगार होता है। यह पढ़े- जोडों में दर्द का घरेलू इलाज

सिंघाड़े के अन्य फायदे (Chestnut fruit other benefits for health in hindi)

इस (Singhara) का उपयोग करने से ऊपर बताये गए फायदों (Chestnut fruit benefits in hindi) के अलावा और भी बहुत से स्वास्थ्य लाभ होते है जैसे

  • सिंघाड़े में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह मूत्र संबंधी रोगों के उपचार के लिए भी उपयोगी होता है।
  • इसका सेवन करने से रक्त शुद्धि के साथ-साथ यह रक्त संबंधी समस्याओं को भी दूर करने में मददगार होता है।
  • सिंघाड़ा महिलाओं में होने वाली ब्लडिंग की समस्या से राहत दिलाने में भी उपयोगी माना जाता है।
  • महिलाओं में ब्रेस्ट (स्तन वृद्धि) का साइज बढ़ाने के लिए भी सिंघाड़े का सेवन करना लाभदायक होता है।
  • सिंघाड़े के आटे से बेनी रोटी का सेवन करने से रक्त प्रदर की समस्या में भी लाभ होता है।
  • सिंघाड़े के नियमित सेवन से शरीर में दर्द और सूजन से भी छुटकारा मिलता है।
  • इसमें कैलोरी की मात्रा बेहद कम होने के कारण सिंघाड़ा वजन घटाने में भी मददगार होता है। यह पढ़े- वजन घटाने के लिए डाइट प्लान

सिंघाड़े के बीज के फायदे (Water caltrop seeds benefits in hindi)

इसके फल के साथ-साथ सिंघाड़े के बीज भी बहुत ही फायदेमंद और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके बीज पोष्टिक होने के साथ साथ दर्द कम करने, बुखार कम करने, भूख बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में बहुत उपयोगी होते हैं।

इसके बीजों के सेवन से महिलाओं में दूध बढ़ने के साथ ब्रेस्ट के साइज में भी वृद्धि होती है तथा शरीर सुंदर व सुडौल बनाने के लिए महिलाओं व पुरुषों को सिंघाड़े के बीज का सेवन करना लाभकारी सिद्ध होता है। यह पढें- शारीरिक दुर्बलता दूर करने के उपाय

सिंघाड़ा खाने के नुकसान (Water caltrop side effects in hindi)

इस (Singhara) का सेवन करने के फायदों के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी होते हैं जैसे

  • अधिक मात्रा में सिंघाड़े का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है।
  • इसके अधिक सेवन से पेट दर्द व कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती है।
  • अगर किसी को सिंघाड़ा से एलर्जी की समस्या हो तो इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

FAQ

Q 1. सिंघाड़े कैसे खाए जाते हैं?

Ans  इसे कच्चा भी छीलकर इसके अंदर निकलने वाली गिरी को खाया जा सकता है। तथा सिंघाड़े को पानी में उबालकर नमक लगाकर भी खाया जाता है। इसके अलावा सिंघाड़े के आटे के अनेक तरह के खाद्य पदार्थ या व्यंजन बनाकर के भी इसका सेवन किया जा सकता है। व इसका चूर्ण बनाकर दूध के साथ उपयोग करना भी बहुत गुणकारी माना जाता है।

Q 2. सिंघाड़े में कौन-कौन से विटामिन पाए जाते हैं?

Ans  इसमें विटामिन ए, सी, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, सिट्रिक एसिड, फास्फोरस, निकोटीनिक एसिड, मैग्नीज, थायमीन, फाइबर, आयोडीन, मैग्नीशियम, प्रोटीन जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सिंघाड़े में पाए जाने वाले इन्ही पोषक तत्वों के कारण ही इसे स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने जाना Singhara सिंघाड़ा क्या है, सिंघाड़े में पोषक तत्व और सिंघाड़ा का सेवन किन रोगों से बचने के लिए और कैसे किया जा सकता है। तथा सिंघाड़ा खाने के फायदे और नुकसान (Eating Chestnut fruit benefits for health in hindi) क्या है।

यह आर्टिकल सिंघाड़ा के फायदे (Chestnut fruit benefits in hindi) आपको कैसा लगा Comment करके बताएं और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो comment बॉक्स में लिखें एवं पोस्ट को शेयर जरूर करें।

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