मिलेट में न्यूट्रिशन | Millet khane ke fayde in hindi | मिलेट खाने के 14 फायदे

मिलेट खाने के स्वास्थ्य लाभ, मिलेट में न्यूट्रिशन (Millet main nutrition – Millet Benefits)

हम जिन अनाज (कार्बोहाइड्रेट) का सेवन करते हैं उनमें फाइबर का होना आवश्यक है। इसकी पूर्ति मिलेट ही कर सकते हैं मिलेट में न्यूट्रिशन (Millet nutrition) अधिक होने के कारण मिलेट को चमत्कारी अनाज भी कहा जाता है। इस आर्टिकल में जानते हैं कि मिलेट क्या है, मिलेट में न्यूट्रिशन, मिलेट खाने के फायदे, Millet ke fayde , मिलेट कितने प्रकार के होते हैं आइये जानते है मिलेट खाने के 14 फायदे Millet khane ke fayde मिलेट में न्यूट्रिशन

मिलेट में न्यूट्रिशन / Millet khane ke fayde

आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार मिलेट का नियमित सेवन करना स्वास्थ्य के लिए उत्तम आहार माना गया है। यह न्यूट्रिशन (Millet nutrition) से भरपूर होते है मिलेट पोषक तत्वों (मिलेट में न्यूट्रिशन) का पॉवर हाऊस है।

इन्हें खाने से शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व हमारे शरीर में नेचुरल तरीके से पहुंचते हैं। इसलिए हमें किसी विटामीन्स या मिनरल्स को दवा के रूप में लेने की आवश्यकता नहीं रहती।

इतना ही नहीं हमें जितनी मात्रा में इनकी जरूरत होती है हमारा शरीर उतनी मात्रा को अवशोषित कर लेता है और बाकी को मल के रूप में बाहर निकाल देता है। इस प्रकार से दवा खाने के साइड इफेक्ट से भी अपने आप को बचा सकते हैं और हमारे शरीर के प्रमुख अंग जैसे किडनी, लिवर और Immune system अच्छे से कार्य करने लगते हैं।

Contents

मिलेट क्या है : What is millet in hindi

एक प्रकार के अनाजों को ही मिलेट कहा गया है लेकिन जब मिलेट की बात की जाती है तो बाजरा का ही नाम आता है क्योंकि बाजरा मिलेट में सबसे लोकप्रिय है लेकिन मिलेट में बाजरे के अलावा और भी अनाज होते है। खाने वाले अनाज को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है।

पॉजिटिव अनाज, न्यूट्रल अनाज व नेगेटिव अनाज के रूप में विभाजित गया है। इनमे से पॉजिटिव अनाज और न्यूट्रल अनाज को ही Millet कहा जाता है।

मिलेट के प्रकार : Types of millets in hindi

विशेषज्ञों ने मिलेट को मुख्यत दो भागों में बांटा है जैसे

बीजों के आधार से मिलेट्स के प्रकार

इसमें नियमित भोजन के तौर पर खाएं जाने वाले अनाज को दो तरह से बांटा गया है मोटे दाने वाले अनाज (Major millets) और छोटे दाने वाले अनाज (Minor millets)। मोटे दाने वाले में उन फसलों के बीजों को रखा है जो आकार में मोटे होते हैं जैसे रागी, ज्वार, बाजरा, चना, मूंग, मक्का।

छोटे दाने वाले अनाज की श्रेणी में उनको रखा है जो आकार में छोटे होते हैं जैसे कंगनी, हरी कंगनी, कुटकी, कोदो, झंगोरा चावल।

मोटे दाने वाले अनाज की तुलना में पौष्टिक तत्व छोटे दाने के अनाज में अधिक मात्रा में पाए जाते है इसलिए आजकल लोग फिर से इन अनाजों की ओर रुख करने लगें हैं।

पोषक तत्वों के आधार से मिलेट्स के प्रकार

विज्ञान के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। पोषक तत्वों के आधार पर मिलेट को स्वास्थ्यवर्धक माना गया है क्योंकि मिलेट में न्यूट्रिशन (Millet main nutrition) प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। पोषक तत्वों के यानि ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर मिलेट्स को तीन भागों में विभाजित किया गया है जैसे

1.सकारात्मक अनाज (Positive Grain)

वह अनाज जिसका सेवन करने से मानव शरीर मे होने वाले रोगों या हो चुके रोगों को ठीक करने की शक्ति होती है या ऐसा अनाज जिसमे चिकित्सीय गुण मौजूद हो वो सकारात्मक अनाज होता है जैसे कंगनी, कुटकी, हरी कंगनी, कोदायें, झंगोरा या सान्वा आदि

2. तटस्थ अनाज (Neutral Grain)

वह अनाज जिसका सेवन करने से मानव शरीर मे होने वाले या हो चुके रोगों को ठीक करने की शक्ति तो नही होती लेकिन ऐसे अनाज को खाने से शरीर पर उसका कोई बुरा प्रभाव भी नहीं पड़ता। यह शरीर को जैसा है वैसा ही बनाएं रखते है यह तटस्थ अनाज होते हैं जैसे बाजरा, रागी, ज्वार, मक्का चेना आदि

3. नकारात्मक अनाज (Negative Grain)

वह अनाज जिसमे कोई चिकित्सीय गुण नही होते है ऐसे अनाज से बने भोजन का लंबे समय तक सेवन किया जाये तो उसका बुरा प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ता है। यह नकारात्मक अनाज होते है जैसे गेँहू व चावल।

मिलेट खाने के फायदे – Millet health benefits in hindi – मिलेट खाने के 14 फायदे

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मिलेट का सेवन

शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत बनाने के लिए नियमित मिलेट खाना बहुत ही लाभदायक माना जाता है। क्योंकि इनमें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व यानि मिलेट में न्यूट्रिशन पाए जाते हैं। यह पाचन क्रिया को सुधारने के साथ साथ पेट सम्बंधित समस्याओं को ठीक करने का काम करते है।

यह पढ़ें – रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय

मधुमेह रोग में मिलेट का सेवन

मिलेट टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज से बचाने में सहायक होते है। नियमित आहार में मौजूद फाइबर के द्वारा निर्धारण होता है कि ग्लूकोज का उत्पादन कम या अधिक मात्रा में करना है आजकल जो अनाज खाया जाता है वह नकारात्मक अनाज (गेहूँ, चावल) है।

इन दोनों में ही फाइबर की मात्रा केवल 0.2 से 1.2 प्रतिशत ही है और वो भी छिलके (ऊपरी परत) में है। जब इन्हें पॉलिश किया जाता है तो वह भी समाप्त हो जाता है।

वर्तमान में मैदा या मैदे से बने प्रोडक्टस का अधिक प्रयोग किया जाता है। मैदा बनाने के लिए गेहूँ के आटे में अलोक्सोन रसायन का प्रयोग किया जाता है। इसलिए जब मैदे से बने पदार्थों का नियमित सेवन किया जाता है तो यह रसायन धीरे धीरे शरीर की पांक्रियाटिक ग्रन्थि में बीटा कणों को उत्पन्न करने की शक्ति कम करता रहता है। जो मधुमेह का कारण बनता है।

इसलिए फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए मिलेट यानी पॉजिटिव ग्रेन्स फाइबर युक्त होता है और यह डायबिटीज का इलाज और इससे बचाने में मददगार साबित होता है।

मोटापा घटाने में मिलेट का सेवन

शरीर मे फैट कम करने यानि Weight loss में मिलेट बहुत सहायक होता है। बाजरे में अधिक मात्रा में फाइबर और ट्रिप्टोफैन (एमिनो एसिड) पाया जाता है। जब मुख्य भोजन में मिलेट का सेवन करते हैं तो फाइबर और ट्रिप्टोफैन के कारण वह धीमी गति से पचता है।

जिसके कारण पेट लम्बे समय तक भरा हुआ महसूस होता है जिससे ज्यादा खाने से बच जाते हैं और मोटापा या वजन घटाने में मदद मिलती है।

यह पढ़ें – वजन घटाने के लिए डाइट प्लान

फाइबर की पूर्ति के लिए मिलेट का सेवन

हमारे शरीर को प्रतिदिन 38 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। जब दिन के तीन समय के भोजन में मिलेट का सेवन किया जाता हैं तो हमें 25 से 30 प्रतिशत फाइबर की मात्रा प्राप्त हो जाती है बाकी की मात्रा हम दाल, सब्जी, फ्रूट, सलाद आदि से प्राप्त कर लेते हैं।

मिलेट में फाइबर की मात्रा अधिक पाई जाती है। इसलिए जब मिलेट को अपने प्रतिदिन के भोजन में शामिल किया जाता है तो फाइबर शरीर में पहुंचकर शरीर के अंदर होने वाली रासायनिक क्रियाओं को ठीक करने का काम करता है ताकि शरीर में उत्पन्न होने वाली ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित किया जा सके।

दिल को स्वस्थ रहने के लिए मिलेट का सेवन

इसमें मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से रोकते हैं व ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मददगार होते है। जिसके कारण ह्रदय से जुड़े रोगों से बचने में लाभ मिलता है और दिल स्वस्थ व मजबूत रहता है।

यह पढ़ें – दिल को मजबूत करने के उपाय

अस्थमा रोग में मिलेट का सेवन

मोटा अनाज बाजरा खाने से अस्थमा में राहत मिलती है। मिलेट में पाए जाने वाले शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों के कारण अस्थमा के अटैक व घबराहट से छुटकारा दिलाने में यह उपयोगी होता है। इसलिए अपने नियमित भोजन में मिलेट को शामिल करने से ऐसी खतरनाक बीमारी से बचने में मदद मिलती है।

एसिडिटी में मिलेट का सेवन

मिलेट में मौजूद पोषक तत्व शरीर को एसिडिटी से छुटकारा दिलाने में सहायक होते हैं। एसिडिटी को समाप्त या नेचुरल करने के लिए एन्टी-एसिडिक पदार्थो का सेवन करना लाभदायक होता है। एन्टी एसिडिक को आयुर्वेद में क्षार कहते हैं।

मिलेट में पाए जाने वाले तत्व शरीर की अम्लता को प्राकृतिक रूप से दूर करने का कार्य करते हैं। इसी कारण इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के एसिड को न्यूट्रल करने में कारगर होते हैं।

विटामिन बी की पूर्ति के लिए मिलेट का सेवन

यह नियासिन (विटामिन बी3) का भी अच्छा स्रोत होता है। मिलेट विटामिन बी3 (नियासिन) को प्राप्त करने का प्राकृतिक स्रोत है। सभी प्रकार के मिलेट्स में नियासिन पाया जाता है। यह विटामिन मानव शरीर की क्रियाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

शरीर मे ऊर्जा बनाएं रखने में मिलेट का सेवन

इसका नियमित सेवन करना शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में लाभदायक होता है। मिलेट में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफैन शरीर को एनर्जी प्रदान करने और एक्टिव बनाने के मुख्य भूमिका निभाता है। खान पान की गलत आदतों के कारण आई कमजोरी दूर करने में मिलेट का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है यह शारिरिक ऊर्जा को बरकरार रखने उपयोगी होता है।

यह पढ़ें – शारीरिक दुर्बलता दूर करने के उपाय

कैंसर रोग में मिलेट का सेवन

मिलेट कैंसर से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में प्लांट लिगनेन पाया जाता है जो पाचन तंत्र यानि Digestive system में पहुंचने के बाद एनिमल लिगनेन में बदल जाता है। प्लांट लीगनेन्स हमारे शरीर मे पहुचने के बाद स्टेरॉयड जैसी सरंचना का निर्माण करते हैं जिसे फाइटोएस्ट्रोजेन कहते हैं।

जिसके कारण शरीर मे प्रदूषण करने वाली कोशिकाएं नही पनप पाती है। घुलनशील लिगनेन शरीर के ब्लड में घुलकर वहाँ के प्रदूषण को साफ करते हैं और अघुलनशील लिगनेन शरीर के पाचन तंत्र को साफ करते है।

बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में मिलेट का सेवन

मिलेट में एंटीऑक्सीडेंट्स तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं। जिससे उम्र बढ़ने के लक्षणों को रोकने यानि Young looking में मदद मिलती है। इतना ही नहीं मिलेट का प्रयोग सौंदर्य उत्पादों को बनाने में भी किया जाता है क्योंकि बाजरे में उबिकीनोन तत्व पाया जाता है जो चेहरे की झुर्रियों को कम करने में मददगार होता है।

इसके अलावा इसमें सेलेनियम, विटामिन सी, विटामिन ई पाए जाते हैं जो सूरज की किरणों से होने वाले नुकसान से स्किन की रक्षा करते हैं और स्किन के मलिन किरण की प्रकिया को कम करते हैं।

बालों के लिए मिलेट का सेवन

बाजरा बालों से संबंधित रोग जैसे रूसी, छाल रोग और सिर की सूजन आदि को दूर करने में भी मदद करता है विशेषज्ञों के अनुसार मिलेट के प्रयोग से गंजेपन से भी बचाव किया जा सकता है। मिलेट को पोषक तत्वों (Millet main nutrition) का पावर हाउस कहा जाता है। मिलेट में केराटिन प्रोटीन पाया जाता है जो दो मुंहे बालों को रोकने के साथ-साथ बालों को झड़ने से भी बचाता है।

शरीर से विषैले पदार्थ निकलने में मिलेट का प्रयोग

मिलेट शरीर को डिटॉक्सिफाई करते हैं इस में पाए जाने वाले पोषक तत्व (मिलेट में न्यूट्रिशन) शरीर में पहुंचकर शरीर की रासायनिक प्रक्रिया को ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जिससे शरीर को ठीक तरह से मल त्यागने में मदद मिलती है जिससे शरीर के अंदर की गंदगी सरलता से बाहर निकल जाती है और शरीर शुद्ध निरोगी बना रहता है।

झुर्रियां खत्म करने में मिलेट का सेवन

यह अमीनो एसिड का भी अच्छा स्रोत है जिसे विज्ञान की भाषा में एल लाइसिन (L-lisin) और एल-प्रोलिन (l-proline)  कहते हैं। अमीनो एसिड शरीर में कॉलेजन निर्माण में सहायक होता है। कोलेजन स्किन के लिए ऊतकों को सरंचना देने का कार्य करते हैं जिससे स्किन में लचीलापन बढ़ता है और झुरियां कम होती है।

FAQ

Q 1. मिलेट खाने के क्या फायदे है?

Ans उच्च मात्रा में फाइबर से भरपूर मिलेट्स स्वास्थ्य के लिए बहुत गुणकारी होते हैं। मिलेट का सेवन करने से शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होती है और मेटाबॉलिज्म सिस्टम सुचारू रूप से कार्य करता है जो लोग मोटापे से परेशान है उनको नियमित भोजन में मुख्य रूप से मिलेट को शामिल करना चाहिए।

Q 2. खाने के लिए सबसे अच्छा अनाज कौन सा होता है?

Ans जो अनाज पोषक तत्वों से भरपूर हो और जिस में सबसे अधिक फाइबर और न्यूट्रिएंट्स मौजूद हो वह अनाज स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त होता है। अगर स्वस्थ रहना चाहते हैं तो हमेशा मोटे अनाज का सेवन करना चाहिए जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि।

Q 3. बाजरे की रोटी में कितना प्रोटीन होता है?

Ans बाजरा स्वास्थ्यवर्धक अनाज की श्रेणी में आता है बाजरे की एक रोटी में 12 से 13 ग्राम के लगभग प्रोटीन मौजूद होता है तथा 112 ग्राम के लगभग कैलोरी होती है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना मिलेट क्या है मिलेट के प्रकार मिलेट में न्यूट्रिशन वैल्यू तथा मिलेट खाने के स्वास्थ्य लाभ (Millet khane ke fayde) और मिलेट का सेवन करने से किन किन बीमारियों से बचने में मदद मिलती है इस लेख के बारे में आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव हो तो आप हमें पूछ सकते है।

यह पोस्ट मिलेट में न्यूट्रिशनMillet khane ke fayde आपको कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर बताये तथा इस आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर अवश्य करें।

-: लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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