माइग्रेन के लक्षण और उपाय | कारण | Home Remedies for migraine|in hindi

माइग्रेन एक प्रकार का सिर दर्द का ही दूसरा रूप होता है। यह मस्तिष्क में तंत्रिका तंत्र के विकार के कारण होता है। माइग्रेन सिर में बार-बार होने वाला एक दर्द है। जो मुख्यतः सिर के आधे हिस्से को प्रभावित करता है। यह समस्या आज के समय में बहुत से लोगों में देखी जाती है। माइग्रेन सिरदर्द सामान्य सिर दर्द की तुलना में अधिक होता है। माइग्रेन के समय दिमाग में रक्त का संचार बढ़ जाता है। जिससे व्यक्ति को तेज सिर दर्द होने लगता है। आइए जानते हैं माइग्रेन के लक्षण और उपाय | कारण | Home Remedies for migraine|in hindi

माइग्रेन क्या है (What is migraine in hindi)

आजकल अनियंत्रित खान-पान और जीवनशैली के कारण त्रिदोष (वात, पित्त और कफ दोष) में परिवर्तन होने पर विभिन्न प्रकार के लक्षणों के साथ बीमारी का कारण बनते हैं। माइग्रेन साधारणतया एक मध्यम या गंभीर सिर दर्द होता है। इसमें सिर के आधे हिस्से में भारीपन के साथ दर्द और झनझनाहट होती है। माइग्रेन में सिर दर्द के साथ-साथ चक्कर आना, उल्टी होना, दिखाई देने में परेशानी होना आदि समस्याएं उत्पन्न होती है। इसके कारण सिर में असहनीय दर्द कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक लगातार रहता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं में माइग्रेन की समस्या ज्यादा देखी जाती है। यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या होती है। अगर समय रहते माइग्रेन का इलाज न किया जाए तो यह घातक रूप धारण कर सकता है। और अन्य बीमारियों को भी बढ़ावा दे सकता है। न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का असर केवल मस्तिष्क से ही नहीं गर्दन, कान, और आंखों से भी होता है।

माइग्रेन के लक्षण क्या है (Symptoms of migraine in hindi)

आमतौर पर हमें माइग्रेन के लक्षण के बारे में जानकारी नहीं होती है। जिसके कारण हम इस बीमारी को नजरअंदाज करते हैं। माइग्रेन में रुक रुक कर सिर में एक तरफ चुभन भरा दर्द होता है। और दर्द वाले हिस्से में सूजन भी आ जाती है। आइए जानते हैं माइग्रेन के लक्षण के बारे में

  • आधे या कभी-कभी पूरे सिर में तेज दर्द होना
  • जी मिचलाना और उल्टी आना
  • आंखों में दर्द होना व धुंधला दिखाई देना
  • तेज रोशनी व तेज आवाज से घबराहट होना
  • किसी भी काम में मन नहीं लगना
  • भूख कम लगना
  • पसीना अधिक आना व कमजोरी महसूस होना
  • सुबह उठते ही सिर में तेज दर्द का होना
  • नींद ठीक से ना आना

माइग्रेन के कारण क्या है (Causes of migraine in hindi)

मस्तिष्क में असामान्य रूप से तंत्रिका संकेतों, रसायनों और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली असामान्य गतिविधि के परिणाम स्वरूप माइग्रेन होता है। माइग्रेन की समस्या मुख्यतः कुछ कारणों से हो सकती है जो इस प्रकार है जैसे

  • अनियंत्रित जीवनशैली और आहार के कारण
  • हारमोंस परिवर्तन होने के कारण
  • अत्यधिक तनावग्रस्त रहने के कारण
  • सोने और जागने के समय में परिवर्तन होने के कारण
  • अत्यधिक मात्रा में दवाओं के सेवन करने के कारण
  • अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन करना
  • नींद के पैटर्न में बदलाव के कारण
  • महिलाओं में गर्भावस्था, पीरियड्स, रजोनिवृत्ति के दौरान प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन के उतार-चढ़ाव के कारण

माइग्रेन के लिए घरेलू उपाय (Home treatment for migraine in hindi)

पिपरमिंट के फायदे

माइग्रेन की समस्या होने पर मस्तिष्क की नाड़ियों में सूजन आ जाती है। और पिपरमिंट में सूजन को कम करने के गुण मौजूद होते हैं। व यह मन को शांति और स्थिरता प्रदान करने में मददगार होता है। इसलिए सिर दर्द या माइग्रेन होने पर पिपरमिंट की चाय का सेवन कर सकते हैं। या पिपरमिंट आयल की कुछ बूंदे एक गिलास पानी में मिलाकर एक चम्मच शहद मिलाकर इस पानी को पीने से माइग्रेन में व सिर दर्द में आराम मिलता है। यह पढ़ें ~ रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय 

तुलसी के तेल के फायदे

तुलसी प्राकृतिक गुणों का खजाना होती है। इसका उपयोग बहुत सी शारीरिक और मानसिक समस्याओं से राहत पाने में किया जाता है। तुलसी का तेल माइग्रेन के दर्द में भी काफी प्रभावशाली होता है। और ये मांसपेशियों को आराम दिलाने में भी लाभदायक होता है। तुलसी के तेल की कुछ बूंदे पानी में डालकर इसका नियमित सेवन करने से माइग्रेन से राहत के साथ-साथ तनाव कम होता है। और दर्द से राहत मिलती है। इसके अलावा इसकी एक एक बूंद नाक में डालने से भी सिर दर्द से छुटकारा मिलता है।

धनिया के फायदे

धनिया का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के लिए हर घर में किया जाता है। लेकिन यह स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन क्रिया को भी सुधारता है। जिससे गैस्टिक समस्याएं नहीं होती क्योंकि गैस सिरदर्द का मुख्य कारण होती है। आयुर्वेद के अनुसार धनिया का उपयोग प्राचीन काल से ही माइग्रेन और सिर दर्द की दवा के रूप में किया जाता आ रहा है। धनिये का इस्तेमाल ताजे का रस निकालकर या बीजों का चूर्ण बनाकर किया जा सकता है। यह माइग्रेन में काफी लाभकारी होता है।

अदरक के फायदे

इसका उपयोग हर घर में अदरक या सौंठ के रूप में किया जाता है। और सर्दियों में तो अदरक की चाय पीने से सर्दी, जुखाम और सिर दर्द में तुरंत आराम मिलता है। अदरक माइग्रेन के दौरान उल्टी, सिरदर्द,  जी मिचलाने, घबराहट आदि लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके अलावा इसके उपयोग से सूजन और दर्द भी कम होता है। माइग्रेन में अदरक को पानी में उबालकर छानकर पानी ठंडा होने के बाद इसमें शहद और नींबू का रस मिलाकर इसका सेवन करना लाभदायक होता है।

सेव का सिरका के फायदे

माइग्रेन की समस्या से छुटकारा दिलाने में Apple cider vinegar (सेव का सिरका) काफी मददगार होता है। यह शरीर के विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने के साथ-साथ डायबिटीज एवं ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। इसके अलावा सेव का सिरका वजन घटाने और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में भी कारगर होता है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन इसका सेवन करने से माइग्रेन की समस्या में राहत मिलती है। यह पढ़ें ~ वजन घटाने के लिए डाइट प्लान

माइग्रेन में आइस पैक के फायदे

आइस पैक मस्तिष्क की सूची हुई मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद करता है। क्योंकि माइग्रेन या सिर दर्द होने पर सिर की मांसपेशियों में सूजन और झनझनाहट होने लगती है। जिससे सिर चकराने लगता है। ऐसी समस्या होने पर आइस पैक बहुत जल्दी आराम दिलाता है। जब भी ऐसी समस्या हो इसका उपयोग करके लाभ पा सकते हैं।

इस आर्टिकल में लिखी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवें।

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