धातु रोग का रामबाण इलाज | लक्षण | कारण |Dhatu rog ka ilaj| in hindi

धातु दुर्बलता क्या है, धातु रोग के लक्षण, कारण और घरेलू इलाज [Dhatu rog ka ilaj in hindi] तथा पुरुषों को धात गिरने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए क्या खाना चाहिए और Dhatu rog ke ilaj के दौरान किन सावधानियों को रखना जरूरी है|

दोस्तों आपका इस लेख में स्वागत है आज हम जानेंगे Dhatu rog ka ilaj kaise kare आज के समय में अनैतिक सोच और अश्लीलता बढ़ने के कारण युवा अक्सर अश्लील फिल्में देखने या कुछ पढ़ने के कारण गलत तरीके से अपने वीर्य को बर्बाद करते हैं और यह आगे चलकर शारीरिक कमजोरी का सबसे बड़ा कारण बनता है।

यह लेख धातु रोग का रामबाण इलाज ये जानने के लिये है कि आखिर यह धातु रोग क्यों होता है और इस बीमारी के मुख्य लक्षण क्या है तथा Dhatu rog ka ilaj करने के लिए क्या खाएं और जीवनशैली में कौन कौन से बदलाव करने आवश्यक होते है कौनसे घरेलू उपचार आजमाकर इस बीमारी से बचा जा सकता हैं। आइये जानते हैं धातु रोग का रामबाण इलाज | लक्षण | कारण |Dhatu rog ka ilaj| in hindi

धातु रोग क्या है (what is dhatu rog in hindi)

यह रोग (Dhatu syndrome) एक यौन समस्या है यह समस्या मुख्यतः युवाओं में ज्यादा होती है। अनैच्छिक रूप से वीर्य निकलना पुरुषों में एक यौन समस्या होती है। संभोग या यौन उत्तेजना के बिना ही किसी पुरुष में वीर्यपात होने की स्थिति को धातु रोग कहा जाता है जो आमतौर पर रात्रि में नींद के दौरान या सुबह के समय ज्यादा होता है।

इस रोग में कई बार मूत्र के साथ व कई बार मूत्र त्याग से पहले व बाद में वीर्य निकलता रहता है यह समस्या ज्यादा होने पर तो पता चलता है लेकिन शुरुआत में इसका ज्यादा पता भी नहीं चलता है और इंसान में कमजोरी, थकान, सुस्ती, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं उत्तपन होने लगती है। इसलिए समय रहते Dhatu rog ka ilaj करना जरूरी होता है।

कई बार ज्यादा कब्ज की समस्या वाले लोगों में मल त्याग के समय भी मूत्र मार्ग से वीर्य निकलता रहता है या चिपचिपा पदार्थ निकलता है। ज्यादातर लोग इस समस्या के बारे में खुलकर किसी से बात करने में शर्माते और हिचकीचाते रहते हैं। लेकिन Dhatu rog ka ilaj अगर समय रहते न किया जाये तो यह शरीर में अनेक बिमारियों का भी कारण बनता है।

धातु रोग के लक्षण क्या है (Symptoms of dhatu rog in hindi)

यह रोग एक आम बीमारी है। इसके कई प्रकार के लक्षण होते हैं। धातु रोग में सामान्य लक्षणों में कमर के निचले भाग में दर्द, थकान, अवसाद सुस्त आँखे, अंडकोष वाले हिस्से में दर्द, चक्कर आना, पसीना आना, हथेलियां गर्म व ठंडी होना ऐसे बहुत से लक्षण होते हैं इसके अलावा भी कई लक्षण है जैसे

  • पोरुष वीर्य का पतला होना
  • शरीर में कमजोरी आना और थकान महसूस करना
  • चिड़चिड़ापन होना और तनाव में रहना
  • हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों में कंपन उत्पन्न होना
  • पिंडलियों में दर्द होना और चक्कर आना
  • लिंग के मुंह से लार टपकना
  • किसी कार्य में मन न लगना, मन अप्रसन्न रहना
  • अंडकोष और पेरिनियम में दर्द होना

धातु रोग के कारण क्या है (Dhatu rog ke karan in hindi)

इस रोग के इलाज यानि Dhatu rog ka ilaj से पहले इस समस्या के होने के कारण पता होना जरूरी होते है। यह मुख्य रूप से पुरुष प्रजनन प्रणाली से संबंधित बीमारी है धातु रोग कई कारण होते हैं जैसे

  • अधिक कामुक और अश्लील विचार रखने के कारण
  • किसी बीमारी के चलते अधिक दवाओं के सेवन के कारण
  • शराब, किसी नशे या अधिक नशीली दवाओं के सेवन के कारण
  • यौन अंगों की नसों में कमजोरी आने के कारण
  • अपने पोरुष पदार्थ को व्यर्थ में निकालना या नष्ट करना, हस्तमैथुन करना
  • शरीर में पोषक तत्वों व विटामिंस की कमी होना
  • कमजोर पाचन तंत्र या शारीरिक कमजोरी के कारण
  • मलाशय से संबंधित विकार जैसे बवासीर एनल फिशर त्वचा रोग आदि के कारण

धातु रोग का घरेलू उपाय / Dhatu rog ka ilaj kya hai

धातु रोग का रामबाण इलाज | लक्षण | कारण |Dhatu rog ka ilaj| in hindi
Dhatu rog treatment

तुलसी के बीजों के फायदे

पुरुषों में यौन रोग और शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा Dhatu rog ka ilaj, यौन दुर्बलता, स्वपनदोष, नपुंसकता और शुक्राणु संबंधी समस्याओं में भी इसके बीजों का नियमित इस्तेमाल लाभकारी होता है। तुलसी के बीजों को पीसकर इनमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर सुबह नाश्ता करने के बाद इसका एक चम्मच की मात्रा में नियमित सेवन करने से धातु रोग की समस्या से छुटकारा मिलता है।

इसके अलावा एक से दो ग्राम तुलसी के बीज रात में पानी में भिगोकर रखे सुबह खाली पेट इन बीजों को चबाकर खाए और पतासे में दो बूंद बड़ का दूध डालकर इसे नियमित खाने से धातु स्राव बंद होकर वीर्य गाढ़ा हो जाता है और किसी भी प्रकार के Dhatu rog ka ilaj होता है।

शतावर के फायदे

शतावर जड़ी बूटियों में सबसे कारगर औषधि होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट और ग्लूटाथिओन नामक तत्व पाए जाते हैं। जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने में सहायक होते हैं। यह पुरुषों को यौन रोगों से राहत दिलाने और शारीरिक क्षमता बढ़ाने में कारगर है। इसके नियमित सेवन से पुरुषों में धातु रोग और स्वपनदोष की समस्या से निजात मिलती है।

शतावरी चूर्ण और गोखरू दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर एक चम्मच की मात्रा में नियमित सेवन करने से मूत्राशय संबंधी विकारों को दूर करने के साथ-साथ धातु रोगों में भी राहत मिलती है। इसके अलावा धातु रोग से छुटकारा पाने या Dhatu rog ka ilaj के लिए नियमित रात को सोने से पहले शतावरी की जड़ का पाउडर और मिश्री के मिश्रण की एक चम्मच की मात्रा गुनगुने दूध के साथ सेवन करना लाभदायक होता है।

अश्वगन्धा के फायदे

अश्वगंधा को पुरुषों के बहुत से लोगों को ठीक करने के लिए उपयोगी माना जाता है। आयुर्वेद के जानकार इसका उपयोग नपुंसकता, शीघ्रपतन, स्वपनदोष, धातु रोग आदि बीमारियों में करने की सलाह देते हैं। रात को सोने से पहले नियमित एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर का दूध के साथ नियमित सेवन करने से धातु रोग में लाभ मिलता है। और शरीर हष्ट पुष्ट बनता है।

उड़द की दाल के फायदे

उड़द की दाल का सेवन किसी बीमारी या तनाव के कारण उत्पन्न हुई सेक्स संबंधी समस्याओं में करना लाभदायक होता है। उड़द दाल का सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर होकर कब्ज की समस्या में राहत मिलती है। साथ ही यह शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के कारण यह वीर्य को गाढ़ा करके Dhatu rog ka ilaj में लाभदायक होती है।

इस उड़द की दाल को देसी घी में भूनकर इसमें मिश्री और थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका नियमित सेवन करने से धातु रोग में लाभ मिलता है। इसके लड्डू बनाकर भी सेवन कर सकते हैं।

जामुन की गुठली के फायदे

जिन लोगों का वीर्य पतला हो गया है और जरा सी उत्तेजना से ही निकल जाता है या जिनको धातु रोग है। उनको Dhatu rog ka ilaj के लिए जामुन की गुठली का चूर्ण एक बहुत ही कारगर औषधि होता है। यह चूर्ण शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन को दूर करके स्तंभन बढ़ाने के लिए बहुत लाभदायक होता है।

धातु रोगों से छुटकारा पाने के लिए जामुन की गुठलियों को छाया में सुखाकर इसका चूर्ण बना लें और इस एक चम्मच चूर्ण को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर रात को सोने से एक घंटा पहले नियमित सेवन करने से यौन रोगों से छुटकारा मिलता है।

आँवला के फायदे

आंवले में रसायन का गुण पाया जाता है यह नसों की कमजोरी दूर करने में सहायक होता है। आंवला शरीर के त्रिदोष (पित्त, वात और कफ दोष) को संतुलित करने में मदद करता है। आंवले के रस का सेवन नियमित सुबह खाली पेट करने से धातु रोगों से राहत मिलती है और आंवले के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर इसका सेवन नियमित करने से वीर्य गाढ़ा होता है और शीघ्रपतन और धातु रोगों मे लाभ मिलता है।

Dhatu rog ka ilaj के लिए जीवनशैली में बदलाव

धातु रोग की समस्या से छुटकारा पाने यानि Dhatu rog ka ilaj के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी होता है। पोषक तत्व और खनिज पदार्थ धातु रोग और अन्य यौन समस्याओं का प्रभावी इलाज करने में मददगार होते हैं। इसलिए फल, सब्जियां, नट्स, दही, दूध और पौष्टिक आहार का नियमित सेवन करना चाहिए।

  • अल्कोहल, धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए यह शरीर की नसों को कमजोर करते हैं। नसों की कमजोरी के कारण ही धातु रोग जैसी बीमारियां उत्पन्न होती है।
  • फास्ट फूड, जंक फूड, तेज मिर्च मसालेदार, तली हुई चीजें आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। हमेशा घर में बना पौष्टिक भोजन करना लाभदायक होता है।
  • हमेशा संतुलित आहार का सेवन करें हेल्दी रहने के लिए Protein rich food यानि हाई प्रोटीन युक्त पदार्थ, विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और फेट आदि जरूरी पोषक तत्वों युक्त भोजन का नियमित सेवन करें।
  • रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • भरपूर मात्रा में पानी, फल व फलों के जूस का प्रयोग करें जो शरीर में गर्मी कम करते हैं जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती और धात रोग से बचाव होता है।
धातु रोग का रामबाण इलाज | लक्षण | कारण |Dhatu rog ka ilaj| in hindi

FAQ : Dhatu rog ka ilaj के बारे में पूछे जाने वाले सवाल

Q 1.  धात रोग क्या है और कैसे होता है?

Ans  इस रोग में जब भी किसी पुरुष के मन में सेक्स की भावना उत्पन्न होती है। ऐसी अवस्था में व्यक्ति के लिंग से सफेद या पानी के रंग का चिपचिपा पदार्थ के रूप मैं वीर्य निकलने लगता है। इसे ही धात गिरना या धातु रोग कहते हैं।

Q 2.  धातु रोग में धात कैसे गिरता है?

Ans  सेक्स के बारे में ज्यादा सोचने या बहुत ज्यादा पोर्न देखने से सेक्स की इच्छा होने पर भी सेक्स न करने के कारण न चाहते हुए भी फॉल हो जाता है।

Q 3.  क्या धातु रोग के कारण कोई बीमारी होती है ?

Ans  यह एक प्रकार की मानसिक समस्या होती है इसके कारण कोई रोग नहीं हो सकता है।

Q 4.  धातु रोग से होने वाले नुकसान क्या क्या है ?

Ans  इस रोग के वैसे तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन अगर किसी को गलत आदतें है और इसकी वजह से वे धातु का नाश करते है तो उनको शारीरिक कमजोरी हो सकती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल में हमने जाना धातु रोग क्या है, धातु रोग के लक्षण, कारण और घरेलू उपाय (Dhatu rog ka ilaj) क्या है

दोस्तों आशा करते है आपको यह लेख जरूर पसंद आया होगा और यह आपके लिए उपयोगी भी होगा यह आर्टिकल Dhatu rog ka ilaj आपको कैसा लगा Comment करके अवश्य बताएं और इसे अपने दोस्तों के साथ Share भी करें ताकि किसी जरूरतमंद की हेल्प हो सकें।

इस आर्टिकल Dhatu rog ka ilaj में लिखी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवे।

-: लेख को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद :-

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में श्रवण बिश्नोई Nirogi Health का Founder और एक Professional Blogger हूँ। में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित स्वास्थ्य से संबधित जानकारियां इस ब्लॉग पर नियमित Publish करता रहता हूँ।

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