त्वचा रोग का घरेलू इलाज | Skin infection home remedies tips | in hindi

चर्म रोग का घरेलू उपाय {Skin disease treatment at home in hindi} Tips for skin care in hindi

त्वचा रोग को चर्म रोग भी कहा जाता है। और इस रोग skin infection से बचना भी सम्भव है। वैसे तो चर्म रोग एक मौसम संबंधी होने वाली आम समस्या है। लेकिन कुछ त्वचा संबंधी समस्याएं है जो कभी भी हो सकती है। इससे बचने के लिए त्वचा रोग के घरेलू उपायों के साथ-साथ कुछ जरूरी सावधानियां भी है जिनको अपनाकर त्वचा रोग से बचा जा सकता है आइए जानते हैं त्वचा रोग का घरेलू इलाज | Skin infection home remedies tips | in hindi

हमारे शरीर की त्वचा बहुत नाजुक होती है और बहुत जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाती है। इसके लिए गलत खानपान और दूषित वातावरण ही मुख्य कारण है। चर्म रोग बहुत प्रकार के होते हैं जैसे दाद, खाज, खुजली, फोड़े फुंसी, सूजन, लाल चकते, छाले, सफेद दाग आदि। शरीर की त्वचा में किसी प्रकार की समस्या आने पर लापरवाही करना हानिकारक हो सकता है। इसके घरेलू उपायों के साथ-साथ त्वचा विशेषज्ञ से भी संपर्क करना आवश्यक होता है। और पढें ~ पिम्पल्स हटाने के घरेलू उपाय

चर्म रोग क्या है (What is skin Disease)

त्वचा शरीर का एक प्रकार का मुख्य अंग होने के साथ-साथ अति संवेदनशील भी होती है। इसमें किसी प्रकार की एलर्जी होने के कारण त्वचा पर दाने, दाग, सूजन, लाल चकते, सोरायसिस, दाद, खाज खुजली आदि समस्या शुरू हो जाती है। और जैसे-जैसे खुजली करते हैं। खुजली बढ़ती जाती है। और जलन जैसी समस्याएं भी होने लगती है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। इसे ही त्वचा रोग या चर्म रोग कहा जाता है। इसके कारण शरीर की त्वचा में सुखासन और रूखापन आ जाता है।

चर्म रोग होने के लक्षण क्या है (Symptoms of skin infection)

  • स्किन इन्फेक्शन के बहुत से लक्षण हो सकते हैं जैसे
  • त्वचा में रूखापन व फटी हुई स्किन
  • लाल या सफेद रंग के चकत्ते होना व उभार आना
  • त्वचा का सूखी सफेद और परतदार होना
  • खुजली के साथ चकत्ते होना
  • त्वचा में घाव व जख्म होना
  • दर्द के साथ जलन होना
  • त्वचा का मोटा हो जाना
  • जोड़ों में दर्द होना भी चर्म रोग का एक लक्षण हो सकता है।

चर्म रोग होने के कारण क्या है (what causes skin disease in hindi)

इस रोग के बहुत से कारण हो सकते हैं। लेकिन मुख्य रूप से इस रोग का कारण एलर्जी, प्रदूषण, अनियमित खानपान, मौसम में बदलाव और किसी दवा के साइड इफेक्ट के कारण होता है। इसके अलावा अन्य कारण भी बहुत से हैं जैसे

  • इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण और पढ़ें ~ इम्युनिटी बढ़ाने के घरेलू उपाय
  • प्रदूषण व धूल मिट्टी के संपर्क में आने के कारण
  • किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी होने के कारण
  • संक्रमण के कारण
  • केमिकल युक्त सौंदर्य उत्पादों के इस्तेमाल के कारण
  • किसी जहरीले कीड़े या मच्छर आदि के काटने के कारण
  • अपने नियमित आहार में वसा की कमी के कारण
  • नसीले पदार्थो के सेवन व धूम्रपान के कारण
  • बॉडी स्प्रे या परफ्यूम के सेवन के कारण
  • शरीर मे होने वाली किसी बीमारी या पेट की किसी समस्या के कारण
  • किसी विशेष धातु के गहनों आदि के कारण
  • गर्म व मोटे कपड़े पहनने और किसी के नियमित गर्म पानी से स्नान करने से भी skin infection संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।

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चर्म रोग में घरेलू उपाय क्या है (Home remedies for skin infection in hindi)

एलोवेरा का उपयोग

एलोवेरा एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होने के कारण यह त्वचा संबंधी विकारों में बहुत कारगर होता है। नियमित सुबह के समय खाली पेट एलोवेरा का 20 से 30ml ज्यूस का सेवन करने से चर्म रोग व खुजली की समस्या से राहत मिलती है। इसके अलावा ताजे एलोवेरा का गुर्दा निकाल कर नियमित त्वचा पर लगाने से किसी प्रकार की स्कीम संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

बैंकिंग सोडा का उपयोग

स्किन संबंधी समस्याओं को दूर करने में बैंकिंग सोडा भी काफी उपयोगी होता है। यह विशेषकर खुजली की समस्या में कारगर होता है। नियमित तौर पर नहाने के पानी में इस को मिलाकर स्नान करने से इन समस्याओं से राहत मिलती है।

हल्दी और शहद का उपयोग

हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते हैं। और शहद में भी anti-inflammatory गुण होते हैं। जो चर्म रोगों से राहत दिलाने में उपयोगी होते हैं। इसके लिए हल्दी और शहद को मिलाकर इसमें दूध या गुलाब जल मिलाकर प्रभावित स्थान पर इसका लेप करके 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें उसके बाद ठंडे पानी से धो लें। ऐसा नियमित करने से चर्म रोग में राहत मिलती है। और खुजली से छुटकारा मिल जाता है।

नारियल के तेल का उपयोग

इस तेल में बहुत से ऐसे गुण पाए जाते हैं जो हमारी स्किन पर एक प्रकार की परत बनकर बाहरी संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं से लड़ते हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी- इन्फ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह चर्म रोगों से निजात दिलाने में फायदेमंद होते हैं। इसलिए स्किन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए नारियल के तेल में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर इस मिश्रण को स्किन पर लगाने से राहत मिलती है। इसके अलावा नारियल के तेल की शरीर पर मालिश करने से चर्म रोगों में लाभ मिलता है।

सेब के सिरके का उपयोग

चर्म रोगों में इसका सेवन करना बहुत लाभदायक होता है। सेव का सिरका एंटी फंगल, एंटी एनर्जी, एंटी एलर्जिक, एंटीवायरल, एंटीमाइक्रोबियल, एंटी इन्फ्लेमेटरी आदि गुणों से भरपूर होता है। इसलिए गुनगुने पानी में अच्छी तरह से सिरका मिलाकर कॉटन से त्वचा के प्रभावित स्थान पर लगाने से चर्म रोग में मदद मिलती है। और खुजली और जलन से भी राहत मिलती है। इसके अलावा सेब के सिरके का पानी के साथ मिलाकर नियमित सेवन करना चर्म रोगों में राहत दिलाता है।

चर्म रोगों में आहार (Diet plan for skin disease in hindi)

त्वचा की समस्याओं का घरेलू इलाज करने के साथ-साथ अपने आहार में भी कुछ चीजों को शामिल करना आवश्यक होता है। इसमें से कुछ आहार के बारे में जानते हैं जैसे

केले का सेवन

इसमें पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा केले में हिस्टामाइन की मात्रा को कम करने के लिए जरूरी पोषक तत्व मैग्नीशियम और विटामिन सी भी पाया जाता है। इसलिए अपने आहार में नियमित केले का सेवन करना लाभदायक होता है। तथा बनाना शेक का भी नियमित सेवन करने से स्किन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है।

बीजों का सेवन

इनके नियमित सेवन से शरीर को बहुत से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इसलिए अलसी, कद्दू तिल, चिया और सूरजमुखी के बीजों का नियमित सेवन करना लाभदायक होता है। इन बीजों में आवश्यक फैटी एसिड पाए जाते हैं। जो त्वचा संबंधी समस्याएं व खुजली को कम करने में मददगार होते हैं। इसलिए इन बीजों को रोस्टर्ड करके नियमित सेवन करना स्किन के लिए लाभदायक होता है। और पढ़ें ~ बीजों के फायदे

करेले का सेवन

करेले की सब्जी खाने या करेले का जूस निकालकर इसका नियमित सेवन करने से शरीर का ब्लड शुद्ध होता है। और शरीर का ब्लड शुद्ध होने के कारण स्किन संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।

जीवन शैली में बदलाव (Lifestyle for skin disease in hindi)

  • स्नान करने के लिए गर्म की जगह सादे पानी का सेवन करें और स्नान में इस्तेमाल होने वाला साबुन केमिकल युक्त न होकर प्राकृतिक होना चाहिए।
  • जिन लोगों के चर्म रोग हो उनको हमेशा सूती कपड़े ही पहने चाहिए जिससे स्किन एलर्जी को रोका जा सके।
  • अपने नियमित आहार में विटामिन ई युक्त आहार का सेवन करना लाभदायक होता है।
  • विटामिन ए युक्त आहार का सेवन करें क्योंकि यह विटामिन त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत के साथ-साथ इसमें निखार भी लाता है।
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ओमेगा-3 फैटी-एसिड युक्त आहार का सेवन करना चाहिए।
  • पर्याप्त मात्रा में लिक्विड पेय पदार्थ या पानी का सेवन करना मदद गार होता है।
  • हमेशा तनाव व चिंता मुक्त रहें और योग व प्राणायाम नियमित करें साथ ही सुबह-शाम नियमित शुद्ध वातावरण में टहलना चाहिए।
  • अपने नाखूनों को हमेशा काटकर रखना चाहिए जिससे खुजली करने पर इंफेक्शन का खतरा ना रहे।
  • तेज धूप से त्वचा को बचा कर रखें अगर धूप में निकलना जरूरी हो तो हमेशा स्किन को सूती कपड़े से ढक कर ही निकलना चाहिए।

FAQ

Q 1. चर्म रोग को कैसे खत्म करें?

Ans  त्वचा में होने वाली मुख्य समस्या त्वचा का इन्फेक्शन को दूर करने के लिए सरसों के तेल में हल्दी मिलाकर इसका लेप नियमित लगाएं। रूखे पन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए त्वचा पर नियमित एलोवेरा जेल का प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा खुजली में राहत पाने के लिए दिन में दो-तीन बार त्वचा पर मक्खन या कोल्ड क्रीम का प्रयोग किया जा सकता है।

Q 2. चर्म रोग में कौन सा तेल लगाना चाहिए?

Ans  त्वचा रोग की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नारियल के तेल को सबसे उत्तम माना गया है। नारियल के तेल में कपूर मिलाकर त्वचा पर लगाने से राहत मिलती है और त्वचा पर खुजली और जलन भी कम होती है।

Q 3. खुजली में कौन सा साबुन लगाना चाहिए?

Ans चर्म रोग होने पर खुजली बढ़ाने में साबुन का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है। इस समस्या से बचने के लिए एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल करने से शरीर पर किसी तरह की खाज, खुजली, दाने, दाद आदि समस्याओं से बचा जा सकता है। इसके साथ ही ऑइली स्किन के लिए भी एंटीबैक्टीरियल साबुन बहुत ही असरदार होता है।

Q 4. क्या चर्म रोग में फिटकरी का प्रयोग किया जा सकता है?

Ans फिटकरी का प्रयोग करने से दाद, खाज, खुजली, जलन आदि में राहत मिलती है। इसके लिए फिटकरी पर नींबू रस लगाकर पीड़ित स्थान पर रगड़ने से राहत मिलती है। इसके अलावा फिटकरी को रोटियां बनाने वाले तवी या तवे पर रखकर फिटकरी का फूला बनाकर इसमें नींबू मिलाकर पेस्ट बनाकर इसको दाद वाली जगह पर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।

इस आर्टिकल में लिखी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है अतः किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य कर लेवे।

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