अस्थमा का घरेलू उपचार | अस्थमा के लक्षण | Home Remedies for Asthma

दमा का आयुर्वेदिक इलाज क्या है (Treatment for Asthma in hindi)

अस्थमा एक गंभीर सांस संबंधी रोग है अस्थमा रोग हमारे श्वसन तंत्र के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसलिए दवाओं के साथ साथ आयुर्वेद के कुछ प्राकृतिक उपचार करने से अस्थमा के अटैक को काफी हद तक कम किया जा सकता है। निरोगी हेल्थ के इस आर्टिकल में जानेगे अस्थमा क्या है, अस्थमा के लक्षण और दमा का घरेलू उपचार के साथ साथ दमा से राहत पाने के लिए क्या खाना चाहिए आइये जानते है अस्थमा का घरेलू उपचार | अस्थमा के लक्षण | Home Remedies for Asthma

दमा फेफड़ों की ऐसी बीमारी है जिसके कारण रोगी को सांस लेने में कठिनाई होती है। श्वसन संबंधी यह समस्या कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है। अस्थमा के लक्षण श्वास नलियों में सूजन होकर श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। जिसके कारण सांस लेने में समस्या होती है, छाती में भारीपन एवं जकड़न के साथ बार बार खाँसी आती है।

अस्थमा और सांस संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए आयुर्वेद के जानकार कुछ ऐसे पदार्थो का प्रयोग करने की सलाह देते है जिनके द्वारा इस बीमारी से छुटकारा पाने में मदद मिलती है जानते हैं दमा या श्वास संबंधी रोगो में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए

अस्थमा क्या है (What is asthma in hindi)

आयुर्वेद में अस्थमा को तमक श्वास कहा जाता है यह वात एवं कफ दोष के विकृत होने से होता है इसमें श्वास नलियां सिकुड़ जाती है जिससे छाती में भारीपन का एहसास होता है तथा सांस लेने से सीटी जैसी आवाज आती है। इस बीमारी में दौरे भी पड़ते है दमा के रोगी को प्रदूषण या धूल मिटटी से बहुत परेशानी होती है

अस्थमा के लक्षण क्या है (Symptoms of asthma in hindi)

अस्थमा में मुख्य समस्या सांस लेने में होती है इसके अलावा भी इसके बहुत से लक्षण होते हैं ।जैसे

  • बार बार खांसी आना दौरे के साथ खांसी का आना ।
  • सांस के साथ सीटी जैसी आवाज आना ।
  • छाती में भारीपन एवं जकड़न होना ।
  • गले का शुष्क होना व गले में अवरुद्ध होना ।
  • बेचैनी के साथ धड़कन का बढ़ना ।
  • खांसी लेने में कठिनाई होना व बलगम का ना निकलना।

अस्थमा रोग का घरेलू इलाज (Home remedies for asthma attack in hindi)

अंजीर के फायदे 

सूखे अंजीर का फल भी सेहत के लिए फायदेमंद औषधि माना जाता है रात को सोने से पहले २ से ३ अंजीर पानी में भिगोएं और सुबह इनका रोजाना खाली पेट सेवन करने से यह कफ को जमने से रोकता है और श्वास नली में जमा हुआ बलगम धीरे-धीरे बाहर निकल जाता है जिससे सांस लेने में कठिनाई नहीं होती और अस्थमा में राहत मिलती है। यह पढ़ें ~ अंजीर के फायदे 

अजवायन के फायदे 

अस्थमा को जड़ से खत्म करने के लिए पानी में दो चम्मच अजवायन डालकर उसको उबालकर अजवाइन के पानी की भाप लेने से सांस की समस्या में राहत मिलती है इससे अस्थमा में बहुत राहत मिलती है इसलिए इसका नियमित प्रयोग करते रहे।

लहसुन के फायदे 

दमा के इलाज के लिए लहसुन रामबाण औषधि का काम करता है। 50ml दूध में तीन-चार कलियां लहसुन की उबालें जब दूध आधा बच जाए व लहसुन पूरा गल कर पेस्ट बन जाए  तब इसको खा लें इसका नियमित रात को सोते समय इस्तेमाल करने से अस्थमा में राहत मिलती है और रात को खांसी भी परेशान नहीं करती।

लौंग के फायदे 

लौंग भी अस्थमा से राहत दिलाने में मददगार है इसके लिए 100 ml पानी में तीन से चार लोंग डालकर उबालकर ठंडा होने पर थोड़ा शहद मिलाकर नियमित इसका सेवन करने से दमा या साँस के रोगो में फायदा होता है दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करने से अस्थमा में राहत मिलती है।

मेथीदाना के फायदे 

दमा में मेथी को पानी में उबालकर उसमें शहद और अदरक का रस मिलाकर इसका नियमित इस्तेमाल करने से अस्थमा में राहत मिलती है एवं श्वसन तंत्र भी सुचारू रूप से कार्य करता है फेफड़े भी मजबूत रहते हैं। इस कोरोना के समय में फेफड़ो को मजबूत्त रखना बहुत जरुरी है। यह पढ़ें ~ फेफड़ो को मजबूत करने के उपाय 

कड़ी पत्ता व पीपल पत्ता के फायदे 

अस्थमा की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नियमित तौर पर कड़ी पत्ता और पीपल पत्ता की चार चार पत्तियां लेकर उनको पानी में उबालकर छानकर उस पानी का नियमित सेवन करना बहुत लाभदायक होता है। यह हमारे शरीर के श्वसन तंत्र को साफ करता है  इसके साथ ये शरीर मे oxygen level को भी Maintain रखता है ये हार्ट के लिए भी सहायक होता है।

जिनको cholesterol की समस्या हो वो भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं 7 days तक । यह पढ़ें ~ हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण कारण और उपाय

आंवला के फायदे 

आंवला का प्रयोग अस्थमा से राहत दिलाने के लिए बहुत जरूरी होता है आंवला साँस संबंधी समस्याओ के साथ साथ गले में संक्रमण तथा खांसी जैसी समस्याओ से भी छुटकारा दिलाने में मदद करता है इन समस्याओ के साथ अस्थमा से छुटकारा पाने के लिए आवला जूस का नियमित सेवन फायदेमंद होता है।

ताजा न मिले तो आंवला चूर्ण को शहद के साथ सेवन करें और आंवला का मुरब्बा भी सेवन करना चाहिए। ये भी दमा से छुटकारा दिलाने में सहायता प्रदान करता है।

तुलसी के फायदे

श्वसन संबंधित समस्याओं से राहत के लिए आप नियमित 10 से 12 तुलसी की पत्तियां व थोड़ी सी अदरक और एक चम्मच शहद सबको मिलाकर चबाकर खाएं धीरे-धीरे चूसने से राहत मिलती है अस्थमा के रोगी इसे नियमित तौर पर दिन में 2 बार यूज कर सकते हैं।

हींग के फायदे 

हींग ब्रोंकाइटिस और अस्थमा में बहुत उपयोगी होती है इसका प्रयोग श्वसन विकारों का इलाज करने के लिए किया जाता है यह एक अच्छा श्वसन उत्तेजक होती है और ठंड में खांसी से राहत पहुंचाती है यह कफ को कम करके छाती की जकड़न दूर करने में सहायक है।

अदरक का रस शहद और हींग का मिश्रण का सेवन करने से अस्थमा में राहत मिलती है। इसके आलावा हींग वटी का भी नियमित प्रयोग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।

करेला के फायदे 

करेला अस्थमा की समस्या से छुटकारा दिलाने में बहुत मददगार होता है इसके लिए बिना मसाले की करेले की सब्जी खाना चाहिए इसके अलावा आप नियमित तौर पर करेले का जूस निकालकर इसमें थोड़ा शहद या शक्कर मिलाकर इस जूस का सुबह सेवन करने से अस्थमा में बहुत ही फायदेमंद होता है वह श्वसन तंत्र साफ करके फेफड़े मजबूत करता है।

कपूर का प्रयोग

सांस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए सरसों के गर्म तेल में कपूर डालकर इससे छाती और छाती के ऊपरी हिस्सों में मालिश करने से कंजेस्टेड फेफड़ों में तुरंत राहत मिलती है और सांस लेने में आसानी होती है। यह प्रयोग अस्थमा के दौरे के दौरान बहुत ही लाभकारी होता है।

पिप्पली के फायदे 

सांस संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए आयुर्वेद के जानकार पिप्पली का उपयोग करने की सलाह देते हैं। यह ठंड, खांसी और सांस सांस लेने में तकलीफ की समस्या से तुरंत राहत दिलाने में कारगर है और क्रोनिक अस्थमा की स्थिति में यह बहुत ही उपयोगी होती है।

पिप्पली बंद छाती को खोलने में और हिचकी को कम करने में मददगार होती है। शहद के साथ एक चौथाई चम्मच पिप्पली पाउडर को दिन में दो बार सेवन करने से अस्थमा में लाभ होता है।

हल्दी और शहद का प्रयोग

श्वसन संबंधी समस्याओं को दूर करने में शहद पुराना और प्राकृतिक उपचार माना जाता है उसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद और एक चौथाई चम्मच हल्दी डालकर इसमें थोड़ी सी दालचीनी पाउडर मिलाकर इसका सेवन दिन में दो से तीन बार करने से स्वसन मार्ग और गला साफ होता है और सांस लेने की समस्या में राहत मिलती है क्योंकि हल्दी एक एंटीमाइक्रोबॉयल एजेंट है जो अस्थमा रोग से लड़ने में मददगार है। यह पढ़ें ~ ह्रदय रोग में आहार चार्ट

अस्थमा के रोगी के लिए सावधानियां (safety for asthma in hindi)

  • धुएँ के आसपास में ना रहे – दमा के रोगी को धुएँ व धूल मिट्टी से एलर्जी होती है इसलिए चूल्हा जलता हो वहां से अस्थमा के रोगी को दूर रहना चाहिए इसके अलावा झाड़ू निकालते वक्त भी दमा के रोगी को दूर रहना चाहिए।
  • व्यायाम करना बंद ना करें – अस्थमा के रोगी को योग व्यायाम नियमित करना चाहिए वह कोई ना कोई शारीरिक एक्टिविटी जरूर करें जिससे फेफड़े मजबूत रहें और अस्थमा के रोगी को सांस में कोई समस्या ना हो।
  • शरद ऋतु में खिड़कियां बंद रखें – सर्दी के मौसम में ठंडी हवा एवं ओस की बूंदों की वजह से अस्थमा के रोगी को एलर्जी होती है इसलिए ठंड के मौसम में खिड़कियां बंद रखनी चाहिए या पदों का प्रयोग करना चाहिए।
  • पालतू जानवरों से दूर रहें – अस्थमा के रोगी को पालतू जानवरों से दूर रहना चाहिए क्योंकि धूल मिट्टी के कारण श्वसन तंत्र में समस्या होने की वजह से अस्थमा के रोगी को खांसी की समस्या हो सकती है इसलिए पालतू जानवरों से जितना हो सके अस्थमा के रोगी को दूर रहना चाहिए।

FAQ

Q 1. अस्थमा रोग में क्या खाना चाहिए?

Ans  दमा के रोगी के लिए काली मिर्च, हल्दी, लोंग, इलाइची और तुलसी के पत्ते जैसी हर्बल चीजों का सेवन बहुत लाभकारी माना जाता है। इन रोगियों को दूध में हल्दी और चाय में इलायची, तुलसी, लौंग, काली मिर्च आदि का सेवन करना चाहिए। साथ ही इन सभी चीजों का सेवन सब्जियों में भी करना चाहिए इससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

Q 2. अस्थमा का देसी इलाज क्या है?

Ans  इस रोग से छुटकारा पाने के लिए रात को सोने से पहले मेथी को पानी में भिगोएं और सुबह इनका रोजाना खाली पेट सेवन करना लाभदायक होता है। एक गिलास पानी में मेथी को उबालकर इस पानी को छानकर इसमें शहद और अदरक का रस मिलाकर नियमित सुबह शाम सेवन करने से अस्थमा के रोग में बहुत लाभ मिलता है।

Q 3. क्या अस्थमा में दूध पीना चाहिए?

Ans  दमा अस्थमा के मरीजों के लिए दूध का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे खांसी, जुखाम, सांस लेने में तकलीफ और गले में समस्याएं हो सकती है।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने जाना अस्थमा रोग क्या है इसके लक्षण और कारन क्या है तथा अस्थमा रोग के बचने के लिए क्या खाना चाहिए  यह लेख अस्थमा का घरेलू उपचार | अस्थमा के लक्षण | Home Remedies for Asthmaकैसा लगा comment करके जरूर बताएं और share करें।

इस आर्टिकल में दी गई स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है किसी भी सुझाव को आजमाने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लेवें।

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